‘अगर हम भी भारतीय मिसाइल का जवाब देते तो...?’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत को दी ‘गीदड़भभकी’
9 मार्च को एक भारतीय सुपरसोनिक मिसाइल (बिना हथियार वाला) ने पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश किया था और लाहौर से लगभग 275 किलोमीटर दूर मियां चन्नू के पास एक कोल्ड स्टोरेज गोदाम से टकरा गई थी।
लाहौर, मार्च 14: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों अपनी सरकार को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया हुआ है और अपनी सहयोगी पार्टियों पर ही जिस तरह से इमरान खान बरस रहे हैं, उससे लगता है, कि सरकार का गिरना तय है और इन सबके बीच, इमरान खान ने भारत को लेकर फिर से जहर उगला है।

‘अगर हम भी भारत पर मिसाइल दाग देते तो...?’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को कहा कि, पाकिस्तान भी भारतीय मिसाइल के अपने देश में आने के बाद उसी तरह से जवाब दे सकता था, लेकिन पाकिस्तान ने संयम बरता''। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यह बयान उस वक्त दिया है, जब 9 मार्च को एक भारतीय सुपरसोनिक मिसाइल (बिना हथियार वाला) ने पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश किया था और लाहौर से लगभग 275 किलोमीटर दूर मियां चन्नू के पास एक कोल्ड स्टोरेज गोदाम से टकरा गई थी। हालांकि, जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना पर पहली बार बोलते हुए, प्रधानमंत्री खान ने कहा कि, "मियां चन्नू में एक भारतीय मिसाइल गिरने के बाद हम जवाब दे सकते थे लेकिन हमने संयम बरता।"

‘देश की सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत’
दरअसल, पाकिस्तानी पत्रकारों का मानना है कि, इमरान खान की सरकार अगले एक हफ्ते में गिर जाएगी और इमरान खान इस बात को जानते हैं, लिहाजा वो पूरे देश में दौरे कर रहे हैं और अपनी सरकार गिराने का आरोप अमेरिका और पश्चिमी देशों पर लगा रहे हैं और इसी कड़ी में वो रविवार दोपहर पंजाब के हाफिजाबाद जिले में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की रक्षा तैयारियों के बारे में भी बात करते हुए कहा कि, "हमें अपनी रक्षा और देश को मजबूत बनाना है।" इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश विभाग ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा था कि, ''पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में उतरी क्षेत्र में एक भारतीय मिसाइल की "आकस्मिक गोलीबारी" पर भारत के "सरल स्पष्टीकरण" से संतुष्ट नहीं है और घटना के आसपास के तथ्यों को सटीक रूप से स्थापित करने के लिए एक संयुक्त जांच की मांग की है।

पाकिस्तान ने की संयुक्त जांच की मांग
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा कि, "पाकिस्तान ने नई दिल्ली को इस घटना की संयुक्त जांच का प्रस्ताव दिया है ताकि तथ्य स्थापित हो सकें। क्योंकि मिसाइल पाकिस्तानी क्षेत्र में गिरी थी।" पाकिस्तान ने मिसाइल और इस तरह की घटनाओं के खिलाफ भारतीय सुरक्षा उपायों के बारे में सवाल उठाए हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि, "पाकिस्तान घटना के आसपास के तथ्यों को सटीक रूप से स्थापित करने के लिए एक संयुक्त जांच की मांग करता है।" हालांकि, मिसाइल गिरने के फौरन बाद भारत की तरफ से बयान जारी किया गया था और इसे एक टेक्निकल गलती बताते हुए गहरा खेद जताया गया था। भारत ने दावा किया है कि, तकनीकी खराबी के कारण नियमित रखरखाव अभियान के दौरान मिसाइल गलती से चल गई और इस घटना की 'उच्च स्तरीय जांच' का आदेश दिया गया है।












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