इमरान खान की पार्टी पर आखिरी हथौड़ा, सेना का 'अल्टीमेटम' लेकर शाह महमूद कुरैशी के पास पहुंचे फवाद चौधरी
पाकिस्तान की सेना 'माइनस इमरान' फॉर्मूले पर काम कर रही है, जिसके तहत सिर्फ इमरान खान बाहर रहेंगे और उनकी पार्टी के तमाम नेता जेल में रहेंगे। जो इमरान खान की पार्टी छोड़ता है, वो जेल से बाहर आ जाता है।

Pakistan News: इमरान खान की पार्टी को तोड़ने के लिए सेना ने आखिरी हथौड़ा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर चला दिया है और पीटीआई के नंबर दो शाह महमूद कुरैशी, जिन्होंने किसी भी कीमत पर इमरान खान का साथ नहीं छोड़ने की बात कही है, उन्हें अल्टीमेटम दे दिया गया है।
शाह महमूद कुरैशी, जो इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नंबर दो नेता हैं, वो फिलहाल आदियाला जेल में बंद हैं, जिनसे इमरान खान का साथ छोड़ चुके फवाद चौधरी ने अचानक मुलाकात की है।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में बंद शाह महमूद कुरैशी से फवाद चौधरी का अचानक मिलना कई लोगों के लिए सिर चकराने जैसा है और इसका मतलब ये है, कि सेना ने 'माइनस इमरान' फॉर्मूला लागू कर दिया है।
डॉन ने लिखा है, कि शाह महमूद कुरैशी से फवाद चौधरी की मुलाकात, जाहिर तौर पर उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए राजी करना है।
डॉन के मुताबिक, जेल में बंद शाह महमूद कुरैशी से इमरान खान के पूर्व करीबी नेताओं, जिनमें सिंध के पूर्व गवर्नर इमरान इस्माइल, आमेर कियानी और महमूद मौलवी ने मुलाकात की है। इस टीम का सबसे बड़ा चेहरा था, फवाद चौधरी, जिन्होंने भी एक वक्त इमरान खान का साथ नहीं छोड़ने की कसम खाई थी।
लेकिन अब उन्होंने 9 मई की हिंसा के लिए इमरान खान को ही जिम्मेदार बताकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। डॉन ने बताया है, कि जेल में बैठक के लिए एक अलग कमरे की व्यवस्था की गई थी, लेकिन शाह महमूद कुरैशी ने पार्टी और इमरान खान का साथ छोड़ने से इनकार कर दिया है।
कब तक साथ रहेंगे शाह महमूद कुरैशी?
बताया जा रहा है, कि शाह महमूद कुरैशी के पास फवाद चौधरी सेना का संदेश लेकर गये थे और सेना की तरफ से उन्हें अल्टीमेटम दिया गया है, कि अगर उन्होंने इमरान का साथ नहीं छोड़ा, तो अंजाम बुरा होगा।
लेकिन, शाह महमूद कुरैशी के बेटे और पीटीआई नेता ज़ैन कुरैशी ने एक ट्वीट करते हुए कहा है, कि "मखदूम साहब (शाह महमूद कुरैशी) पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और हमारी पार्टी एक विचारधारा का नाम है। हम तहरीक-ए-इंसाफ और इमरान खान की विचारधारा के साथ खड़े हैं। उन्होंने (शाह महमूद) केवल सिद्धांत और सेवा की राजनीति की है, पद और लालच की नहीं"।
यानि, शाह महमूद कुरैशी ने सेना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
डॉन डॉट कॉम ने जैन कुरैशी के हवाले से कहा है, कि "वह कल भी इमरान खान के साथ थे और वो आज भी इमरान खान के साथ हैं।"
आपको बता दें, कि करीब एक हफ्ते पहले, इमरान खान ने घोषणा की है, अगर उन्हें फिर से गिरफ्तार किया जाता है, या फिर अयोग्य ठहरा दिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में शाह महमूद कुरैशी पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
वहीं, इस मुलाकात के बाद फवाद चौधरी और अन्य ने जेल के बाहर बेसब्री से इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात की, जहां पीटीआई के पूर्व नेताओं ने देश में मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता और वित्तीय संकट के लिए पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार की आलोचना की।
फवाद चौधरी ने कहा, कि पाकिस्तान के 25 करोड़ लोगों को आसिफ जरदारी, नवाज शरीफ और मौलाना फजलुर रहमान की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, कि कुरैशी के साथ उनकी विस्तृत बैठक हुई है। उन्होंने कहा, 'हमें एक स्थिर समाधान की ओर बढ़ना होगा।'
वहीं, पीटीआई के हजारों हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनमें से अधिकांश का नौ मई के दंगों से कोई सीधा संबंध नहीं था और उन्हें रिहा कराना पार्टी की जिम्मेदारी है।
मुलाकात का मकसद क्या था?
पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया जा रहा है, कि इमरान खान की पार्टी से जितने भी नेता उनका साथ छोड़कर बाहर निकले हैं, वो सभी मिलकर एक नई पार्टी बना सकते हैं। यानि, इमरान खान की पीटीआई पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश है।
हालांकि, इमरान खान ने कहा है, कि पार्टी के नेताओं को लौट आना चाहिए। इमरान खान को अलग थलग करके उन्हें राजनीतिक तौर पर खत्म करना, पाकिस्तान सेना का 'माइनस इमरान' प्लान है। हालांकि, इमरान खान बार बार अपने इंटरव्यू में कह रहे हैं, कि चुनाव में वो जिस किसी को भी टिकट देंगे, वही जीतेगा।
दूसरी तरफ फवाद चौधरी ने कहा, कि उन्होंने पीटीआई के पूर्व नेतृत्व से बात की है। उन्होंने कहा, कि "हमने असद उमर के साथ एक विस्तृत बैठक की। वहीं, असद कैसर, फारुख हबीब, शहजाद वसीम, अली जैदी, हम्माद अजहर, परवेज खट्टक और अन्य नेताओं से भी संपर्क किया।" आपको बता दें, कि ये सभी नेता इमरान खान के कोर ग्रुप का हिस्सा थे, जो अब उनसे अलग हो चुके हैं।
इन नेताओं को बार बार गिरफ्तार किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने पीटीआई से अलग होने की घोषणा कर दी और अब आजादी के साथ बाहर घूम रहे हैं और ये सेना के सामने सरेंडर कर चुके हैं। ये नेता अब सेना के कहने पर इमरान खान की पार्टी को तोड़ने के लिए नई पार्टी बनाएंगे।
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डॉन ने लिखा है, कि "इस मुलाकात का मकसद, किस उद्देश्य को प्राप्त करना है, ये अभी साफ नहीं है। हालांकि, मुलाकात को लेकर अफवाहों इस तरह की हैं, कि वे सभी 'माइनस इमरान' फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं और कुरैशी के साथ उनकी मुलाकात उसी दिशा में एक कदम थी।












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