28 मार्च तक बच गई इमरान खान की कुर्सी, स्पीकर ने नेशनल असेंबली में कर दिया खेल, जमकर हंगामा
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास कुल 162 एमएनए (नेशनल एसेंबली मेंबर) हैं। 342 एमएनए वाली एसेंबली में प्रस्ताव पारित करने के लिए विपक्ष को 10 और वोटों की जरूरत है।
इस्लामाबाद, मार्च 25: स्पीकर के गेम ने इमरान खान की कुर्सी 28 मार्च तक के लिए बचा ली है और स्पीकर ने पाकिस्तान के संसद में बहुप्रतीक्षित अविश्वास प्रस्ताव पर प्रस्ताव पेश ही नहीं होने दिया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीकर ने एजेंडे पर अविश्वास प्रस्ताव को पेश किए बिना ही 28 मार्च (सोमवार) तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया है।

28 मार्च तक बच गई कुर्सी
संसद सत्र में भाग लेने वालों में सत्तारूढ़ पीटीआई के शाह महमूद कुरैशी, शिरीन मजारी, असद उमर और अली मुहम्मद खान के साथ-साथ ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस की डॉ फहमीदा मिर्जा भी शामिल थीं। जबकि, विपक्ष की तरफ से पूरी तैयारी के साथ नेशनल असेंबली में शहबाज शरीफ, पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी भी मौजूद थे और विपक्ष पूरी प्लानिंग के साथ आया था, कि वो संसद में पूरी शांति के साथ रहेंगे, ताकि स्पीकर को सदन स्थगित करने का एक भी मौका नहीं मिले। लेकिन, स्पीकर ने, जिन सांसदों का निधन हुआ है, उन्हें सदन में श्रद्धांजलि देकर संसद को 28 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।

स्पीकर ने कर दिया खेल
आज सुबह पाकिस्तान में संसद सत्र की शुरुआत कुरान के पाठ और दिवंगत एमएनए ख्याल जमान, पूर्व राष्ट्रपति रफीक तरार और सीनेटर रहमान मलिक के लिए प्रार्थना के साथ हुई। जिसके बाद नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर ने सोमवार शाम 4 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। यानि, सोमवार को भी संसद की बैठक नहीं हो पाएगी। नेशनल असेंबली के स्पीकर ने कहा कि, यह संसदीय परंपरा है कि सांसदों की मृत्यु के बाद पहली बैठक दिवंगतों की आत्मा के लिए प्रार्थना और साथी सांसदों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित रखी जाती है। स्पीकर कैसर ने कहा कि, परंपरा के अनुसार, एजेंडा अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया जाता है जब निचले सदन का कोई सदस्य गुजरता है। उन्होंने कहा कि, "यह वर्षों से होता आया है और अतीत में कुल 24 बार ऐसा हो चुका है'। स्पीकर ने 28 मार्च को शाम 4 बजे तक के लिए संसद सत्र स्थगित कर दिया।

विपक्ष ने दी थी स्पीकर को चेतावनी
विपक्षी नेता सत्र से पहले एक बैठक के लिए एकत्र हुए थे, जिसके दौरान पीपीपी के अनुसार, सांसदों को "महत्वपूर्ण निर्देश" दिए गए थे। संसद भवन के अंदर जाते समय पत्रकारों से घिरे जरदारी आज के सत्र को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे थे और विपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा था, कि अगर संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं किया गया, तो जमकर हंगामा किया जाएगा। वहीं, स्पीकर के संसद को स्थगित करने के बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया है और इमरान खान सरकार पर शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं।

विपक्ष ने कर रखी थी तैयारी
पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि, अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार रात विपक्ष के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई थी। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और नेशनल असेंबली के विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ के आवास पर हुई बैठक में आसिफ अली जरदारी, बिलावल भुट्टो के अलावा जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल प्रमुख और पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने भाग लिया। बैठक में शाहिद खाकान अब्बासी, अहसान इकबाल, साद रफीक, पीएमएल-एन के ख्वाजा आसिफ और पीपीपी के शेरी रहमान और रुखसाना बंगश भी शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि, विपक्षी नेताओं ने हर उस प्वाइंट पर चर्चा कर अपनी रणनीति बनाई थी, जिससे इमरान सरकार को घेरा जा सके।

विपक्ष ने कहा, खत्म हो रहा इमरान राज
वहीं, 8 मार्च को पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी सहित प्रमुख विपक्षी नेताओं ने नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद मीडिया को संबोधित किया था और कहा था कि, "इस सरकार ने अपने लगभग चार वर्षों के शासन में देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व नुकसान पहुंचाया है"। शहबाज शरीफ ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बताया कि विपक्ष ने पीएम इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्यों पेश किया। उन्होंने कहा कि, "महंगाई ने ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू लिया है और 'चुने हुए' प्रधानमंत्री द्वारा जनता के जीवन को दयनीय बना दिया गया है।"

पाकिस्तानी संसद का गणित जानिए
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास कुल 162 एमएनए (नेशनल एसेंबली मेंबर) हैं। 342 एमएनए वाली एसेंबली में प्रस्ताव पारित करने के लिए विपक्ष को 10 और वोटों की जरूरत है। विपक्ष, सरकार के 30 सदस्यों का समर्थन हासिल करने की भी बात कह रहा है। और समाचार लिखे जाने तक भी, इस्लामाबाद के सिंध हाउस में इमरान खान की पार्टी के 30 सांसद 'छिपे' हुए हैं, जिनको लेकर कल काफी हिंसा भी हुई थी। ऐसे में इमरान खान के लिए सरकार बचाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है और इमरान खान भी जान गये हैं, कि अब उनकी सरकार नहीं बचेगी, लिहाजा उन्होंने अपनी नाक बचाने के लिए अब 27 मार्च को विशालकाय रैली का आह्वान किया है।












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