पंजशीर में तालिबान की मदद में उतरी पाकिस्तान एयरफोर्स, मिलिट्री हेलीकॉप्टर की तस्वीर वायरल, एक्शन लेगी दुनिया?
पाकिस्तानी एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर की तस्वीर पंजशीर से निकलकर दुनिया के सामने आ गई है। सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया में कोई एक्शन लिया जाएगा।
काबुल, सितंबर 06: तालिबान ने कुछ घंटे पहले पंजशीर में कब्जा करने का दावा किया था और खबर आई थी कि पाकिस्तान की एयरफोर्स तालिबान की मदद कर रही है और अब इस बात की सूत्रों के हवाले से पुष्टि की जा रही है कि पंजशीर की घाटी में पाकिस्तानी एयरफोर्स मौजूद है। पंजशीर की घाटी से पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया एक्शन लेगी? अब जबकि पाकिस्तान का पूरा खेल बेनकाब हो चुका है, तो आखिर कब दुनिया पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करेगी?

पाकिस्तान का डबल गेम
पाकिस्तानी हेलीकॉप्टर की तस्वीर सामने आते ही इसकी पुष्टि हो गई है कि पाकिस्तान पूरी दुनिया के साथ डबल गेम खेल रहा है। पाकिस्तान सीधे तौर पर एक आतंकवादी संगठन की मदद कर रहा है। नॉर्दर्न एलायंस के प्रमुख कमांडर सालेह मोहम्मद की मौत के साथ ही तालिबान ने दावा किया है कि पंजशीर की तालिबान के हाथों हार हो गई है। पंजशीर अब तक एक ऐसा किला था, जिसे सोवियत संघ भी फतह नहीं कर पाया था, लेकिन तालिबान ने पाकिस्तान एयरफोर्स और आईएसआई की मदद से पंजशीर को हराने का दावा किया है। हालांकि, नॉर्दर्न एलायंस ने तालिबान के दावे का खंडन कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने पंजशीर जीतने के लिए 10 हजार लड़ाकों को उतार दिया था और बीति रात पाकिस्तानी एयरफोर्स ने लगातार पंजशीर पर हमले किए हैं। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह के घर पर भयानक बमबारी की है, जिसके बाद रिपोर्ट आ रही है कि वो जान बचाने के लिए पहाड़ों में छिप गये हैं, लेकिन एंटी तालिबान फोर्स के प्रमुख कमांडर सालेह मोहम्मद की मौत हो गई।

आतंकी संगठन के साथ पाकिस्तान
तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया था, लेकिन पंजशीर उसके लिए नाक का सवाल बन गया था और तालिबान किसी भी हालत में पंजशीर पर कब्जा करना चाहता था। लेकिन, पंजशीर पर तालिबान कब्जा नहीं कर पा रहा था। तालिबान ने सैकड़ों लड़ाकों को पंजशीर पर कब्जा करने के लिए भेजा, लेकिन सभी के सभी नॉर्दर्न एलायंस के हाथों मारे गये। जिसके बाद तालिबान की मदद के लिए पाकिस्तानी एयरफोर्स पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली रात पाकिस्तानी एयरफोर्स लगातार तालिबान को पंजशीर में हवाई रास्ते के जरिए उतार रहा था, वहीं पाकिस्तानी वायुसेना लगातार उन ठिकानों पर हमला कर रही थी, जहां से नॉर्दर्न एलायंस का ऑपरेशन चल रहा था। पाकिस्तान एयरफोर्स की मदद से तालिबान ने अहमद मसूद के मुख्य प्रवक्ता फहीम दश्ती और शीर्ष कमांडर साहिब अब्दुल वद्दू झोर को भी मार दिया।

पंजशीर में किसकी जीत?
तालिबान ने एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें दिख रहा है कि नॉर्दर्न एलायंस के हेडक्वार्टर पर तालिबानी लड़ाके मौजूद हैं, लेकिन नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स यानि एनआरएफ ने कहा है कि तालिबान से लड़ाई जारी रहेगी और पंजशीर में तालिबान की जीत का दावा गलत है। उससे पहले इस्लामिक आतंकवादी समूह के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने सोमवार को दावा किया है कि, तालिबान ने पंजशीर प्रांत पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है, जो अफगानिस्तान के आखिरी इलाके में प्रतिरोध बलों के कब्जे में है। सोशल मीडिया पर तस्वीरों में तालिबान के सदस्य पंजशीर प्रांतीय गवर्नर के परिसर के गेट के सामने खड़े नजर आ रहे हैं।

पंजशीर से तालिबान का विरोध
पंजशीर अफगानिस्तान का एक प्रांत है, लेकिन ये अपनी भौगोलिक जटिलता के लिए मशहूर है। पंजशीर एक ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी घाटी है, जहां करीब डेढ़ से 2 लाख लोग रहते हैं और ये लोग उज्बेकिस्तान मूल के मुस्लिम हैं, जिसे तालिबान बिल्कुल पसंद नहीं करता है। अफगानिस्तान में पंजशीर पर कभी भी तालिबान कब्जा नहीं कर पाया और पंजशीर में सोवियत यूनियन की सेना भी घुसने में नाकाम रही थी। ये हमेशा से अफगानिस्तान में विरोध का प्रमुख केन्द्र रहा है। तालिबान ने जब 1996 में अफगानिस्तान में सरकार बनाई थी, उस वक्त भी पंजशीर पूरी तरह से आजाद था। वहीं, एनआरएफ ने कहा कि उसके प्रवक्ता फहीम दश्ती और एक कमांडर जनरल अब्दुल वुडोद ज़ारा तालिबान के साथ लड़ाई में मारे गए हैं, जबकि एक प्रमुख तालिबान जनरल और 13 लड़ाके भी मारे गए हैं।












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