'इंडिया नाम भारत ने छोड़ा तो पाकिस्तान ठोक सकता है दावा', क्या जिन्ना का देश अब कहलाएगा 'न्यू इंडिया'?
Pakistan may lay claim on name India: भारत में इंडिया और भारत नाम पर कल से बहस जारी है और हजारों सालों से भारत पहचान रखने वाले हिन्दुस्तान को कुछ सौ साल पहले दिया गया इंडिया नाम इसके साथ ऐसे चिपक गया है, जिसे हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
भारत में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी ने वैश्विक नेताओं को डिनर कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को "इंडिया के राष्ट्रपति" के बजाय "भारत के राष्ट्रपति" के रूप में संदर्भित किया गया है और विपक्ष का दावा है, कि नरेंद्र मोदी सरकार इंडिया का नाम बदलकर भारत करने की योजना बना रही है।

पाकिस्तान करेगा 'इंडिया' नाम पर दावा?
इसी बात को लेकर पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है, कि पाकिस्तान 'इंडिया' नाम पर दावा कर सकता है।
साउथ एशिया इंडेक्स के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से किए गए एक ट्वीट में कहा गया है, कि "अगर भारत संयुक्त राष्ट्र स्तर पर आधिकारिक तौर पर इसकी मान्यता रद्द कर देता है, तो पाकिस्तान "इंडिया" नाम पर दावा कर सकता है।"
साउथ एशिया इंडेक्स के ट्वीट में कहा गया है, कि "पाकिस्तान में राष्ट्रवादियों ने लंबे समय से तर्क दिया है, कि नाम पर पाकिस्तान का अधिकार है, क्योंकि यह सिंधु क्षेत्र को संदर्भित करता है।"
ट्वीटर हैंडल से पहले किए गए एक ट्वीट में दावा किया गया है, कि भारत सरकार, भारत को "उपनिवेश मुक्त" करने के प्रयास में देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत करने के लिए तैयार है।
गौरतलब है, कि भारत सरकार ने देश का नाम बदलने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
पाकिस्तान को 'इंडिया' से लालच
आपको बता दें, कि आजादी के बमुश्किल एक महीने बाद, सितंबर 1947 में भारत के पहले वायसराय लुईस माउंटबेटन ने मोहम्मद अली जिन्ना को 'डोमिनियन्स ऑफ इंडिया एंड पाकिस्तान' की एक कला प्रदर्शनी के मानद अध्यक्ष बनने के लिए आमंत्रित किया था।
चूंकि निमंत्रण पत्र में नए देश को संदर्भित करने के लिए 'हिंदुस्तान' के बजाय 'इंडिया' का उपयोग किया गया था। ऐसे में जिन्ना ने इस नाम को लेकर आपत्ति जताई थी।
जिन्ना ने तो पत्र लिखकर माउंटबेटन को इसे लेकर उलाहना भी दिया था। जिन्ना ने लिखा, कि "यह बेहद अफसोस की बात है, कि कुछ रहस्यमय कारणों से हिंदुस्तान ने 'इंडिया' शब्द को अपनाया है जो निश्चित रूप से भ्रामक है और भ्रम पैदा करने का इरादा रखता है।"
इस बीच, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने दावा किया कि देश का मूल नाम "निर्विवाद रूप से" भारत था और अंग्रेजों ने ही इसे इंडिया कहना शुरू किया था।












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