Pakistan Khalistan Supporter: 'कनाडा में खालिस्तानियों का समर्थक है PAK', ट्रूडो सुरक्षा एजेंसी का दावा

Pakistan Khalistan Supporter: भारत और कनाडा के बीच संबंधों में आई गिरावट के बीच एक और नया मोड़ सामने आया है। कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) की निदेशक वैनेसा लॉयड ने यह दावा किया है कि कनाडा की राजनीति और खालिस्तान समर्थक तत्वों को पाकिस्तान समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यह जानकारी उनके द्वारा 27 सितंबर को विदेशी हस्तक्षेप आयोग के समक्ष दी गई थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान का महत्व तब और बढ़ गया, जब सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद गहरा गया।

Pakistan Khalistan Supporter

पाकिस्तान का खालिस्तान से गहरा नाता
वैनेसा लॉयड ने कहा कि पाकिस्तान की गतिविधियां खालिस्तानी चरमपंथ के समर्थन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान लगातार भारत के प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, और इसी रणनीति के तहत वह खालिस्तानियों को समर्थन दे रहा है। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप की जांच चल रही थी, खासकर चुनावी प्रक्रियाओं में बाहरी हस्तक्षेप की आशंका को लेकर।

भारत-कनाडा के बीच राजनयिक तनाव
यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ, जब कनाडा ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत पर संभावित प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय एजेंट कनाडा की धरती पर खालिस्तान समर्थकों को निशाना बना रहे हैं। इसके जवाब में, भारत ने ट्रूडो के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कनाडाई अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को 'बेतुका' करार दिया।

खालिस्तान समर्थकों पर कनाडा का रुख
कनाडाई अधिकारियों ने भारतीय एजेंटों पर 'हत्या, जबरन वसूली और हिंसक कृत्यों' में शामिल होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि भारतीय एजेंट कनाडा में सक्रिय खालिस्तान समर्थक तत्वों को निशाना बनाने के लिए आपराधिक गिरोहों का उपयोग कर रहे हैं। इसके संदर्भ में बिश्नोई गिरोह का भी जिक्र किया गया, जो कि कनाडा में अपराधों में संलिप्त है।

दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव
भारत और कनाडा के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और कनाडा से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि भारत के खिलाफ आगे के प्रतिबंधों की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।

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ट्रूडो के सहयोग नकारने वाले आरोपों का भारत ने किया खंडन
जस्टिन ट्रूडो ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कनाडा भारत के साथ काम करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारत ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। ट्रूडो ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के पास ऐसे एजेंट हैं जो कनाडा की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा ने भारतीय अधिकारियों से इस मुद्दे पर मुलाकात की थी, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।

भारतीय अधिकारियों ने कनाडा के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि कनाडा ने कोई ठोस सबूत नहीं दिए हैं। भारतीय सूत्रों के अनुसार, कनाडा का दावा है कि उन्होंने भारत को विश्वसनीय सबूत दिए हैं, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है।

भारत और कनाडा के बीच यह राजनयिक विवाद खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर और गंभीर हो गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कनाडाई अधिकारियों को ठोस सबूत पेश करने की चुनौती दी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देशों के बीच यह तनाव कैसे सुलझता है।

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