थर-थर कांप रहा है पाकिस्तान,क्योंकि एकजुट दुनिया के आगे तेजी से भरभरा रहा है चीन का तिलिस्म
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना के साथ हिंसक झड़प की घटना और प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के लेह के दौरे के बाद से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के ऊपर दोस्त चीन के साथ रिश्तों को लेकर समीक्षा कर रहा है। पाकिस्तान पर इस बात का भारी दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह चीन को लेकर या तो अपनी नीति की समीक्षा करे अन्यथा वैश्विक बहिष्कार और आलोचना झेलने के लिए तैयार हो जाए।

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय को चेताया है कि चीन के साथ संबंधों में तुरंत सुधार की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान या तो वह चीन के साथ अपने संबंधों को लेकर फौरन अपनी नीति स्पष्ट करे वरना उसे उन आर्थिक महाशक्तियों के गुस्सा का खामियाजा भुगतना होगा, जो कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के साथ चीन के आक्रामक तेवर के चलते उसे अलग-थलग करने को लेकर संकल्पबद्ध हो चुके हैं।

गौरतलब है पाकिस्तान पर बढ़ते दबाव का पहला संकेत तब दिखा जब चीन की हर बात में समर्थन करने वाले पाकिस्तान की एयरलाइन पीआईए को यूरोपीय यूनियन ने बैन लगाते हुए यूरोप में उसके विमान को लैंडिंग करने की इजाजत नहीं दी। पाकिस्तान ने यूरोपीय यूनियन को यह समझाने का पूरी तरह से प्रयास किया कि सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्वालीफाईड पायलट्स ही उन मार्गों में उड़ान भरेंगे, लेकिन ईयू ने सुनने से साफ इनकार कर दिया।

यूरोपीय यूनियन बीजिंग को कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग करने पर लगा है
यही नहीं, यूरोपीय यूनियन अब बीजिंग को भी कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग करने पर लगा है। ऐसे में पाकिस्तानी सूत्रों को ऐसा लगा रहा है कि पाकिस्तान का इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पाकिस्तान में चीन के खिलाफ पहले से ही काफी गुस्सा है, खासकर बलूचिस्तान, गिलगित और बाल्टिस्तान में जिस तरह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपैक) को लेकर पाकिस्तानी संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, उससे स्थानीय लोगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

पाकिस्तान में चीन के खिलाफ पहले से ही काफी गुस्सा है
दरअसल, बलूच और गिलगित बालटिस्तान के लोगों को स्थानीय नौकरियां नहीं दी जाती है, बल्कि चीन की कंपनियां इस काम के लिए चाइनीज मजदूरों को प्राथमिकता देती है। इसके अलावा, चीन की कंपनियां स्थानीय परंपरा और रीति-रिवाजों से बेपरवाह हैं और स्थानीय लोगों से खुद को अलग किए हुए हैं। इसलिए, वे उन्हें शक की निगाहों से देखते हैं।

कोविड-19 के कारण चीन दुनिया की आंखों को चुभ रहा है
यह बात भी फैली है कि चीन ने भारत की जमीन हड़प ली और वह पाकिस्तान के अग्रिम हिस्से में भी ऐसा कर सकता है। चीनी सरकार की तरफ से उइगर मुसलमानों पर जुल्मों सितम भी कई धार्मिक व्हाट्सएप् ग्रुप में चर्चा के विषय बना हुआ है, जबकि कोविड-19 के कारण चीन दुनिया की आंखों को चुभ रहा है, इसलिए चीन के कारण अब पाकिस्तान भी निशाने पर आ गया है, इसलिए चीनी नीतियों की समीक्षा को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बन रहा है।

चीनी समर्थक पाकिस्तान के विमानों को यूरोपीय यूनियन ने बैन किया
पाकिस्तान पर बढ़ते दबाव का पहला संकेत तब दिखा जब चीन की हर बात में समर्थन करने वाले पाकिस्तान की एयरलाइन पीआईए को यूरोपीय यूनियन ने बैन लगाते हुए यूरोप में उसके विमान को लैंडिंग करने की इजाजत नहीं दी। पाकिस्तान ने यूरोपीय यूनियन को यह समझाने का पूरी तरह से प्रयास किया कि सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्वालीफाईड पायलट्स ही उन मार्गों में उड़ान भरेंगे, लेकिन ईयू ने सुनने से साफ इनकार कर दिया।












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