Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

इमरान के चहेते, अफगानिस्तान के कसाई, पूर्व ISI चीफ फैज हमीद को सूली पर क्यों टांगना चाहता है पाकिस्तान?

Faiz Hameed: पूर्व ISI प्रमुख फैज हमीद पाकिस्तान के तीसरे जनरल अधिकारी हैं, जिन पर कोर्ट मार्शल की कार्यवाही होगी। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पर एक निजी हाउसिंग सोसाइटी से पैसे ऐंठने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। इससे पहले, सैन्य अदालतों ने दो-सितारा और तीन-सितारा जनरल को विद्रोह और जासूसी के लिए दोषी ठहराया है।

पाकिस्तान, जहां की ज्यादातर जमीनें सैन्य अधिकारियों के नाम पर हैं, और जहां पर लोग सेना में सिर्फ इसलिए ही भर्ती होना चाहते हैं, ताकि जमकर भ्रष्टाचार किया जाए, वहां एक बड़े अधिकारी पर इस तरह की कार्रवाई होना, यही बताता है, कि ये मामला भ्रष्टाचार का तो कतई नहीं है।

Faiz Hameed

ऐसा इसलिए भी, क्योंकि इससे पहले ISI के एक अन्य पूर्व महानिदेशक जावेद अशरफ काजी और कुछ अन्य अधिकारियों - जिनमें एक तीन-सितारा जनरल भी शामिल थे, उन्हें लाहौर में रेलवे की जमीन पर रॉयल पाम गोल्फ एंड कंट्री क्लब के संबंध में भ्रष्टाचार के मामले का सामना करना पड़ा था, लेकिन फिर जवाबदेही अदालत ने इस मामले को बंद कर दिया था।

लेकिन, फैज हमीद का मामला सैन्य अदालत में गया है, जहां उनका कोर्ट मार्शल किया जाएगा।

जनरल फैज के खिलाफ ये मामला नवंबर में सुप्रीम कोर्ट में टॉप सिटी हाउसिंग सोसाइटी के मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंवर मोइज़ खान की तरफ से दायर की गई याचिका पर आधारित है।

ज्यादा उम्मीद है, कि फैज हमीद को कठोर कारावास की सजा सुनाई जाए।

इमरान खान से रहे हैं करीबी संबंध

फैज हमीद वो अधिकारी हैं, जिनकी एक वक्त पाकिस्तान में तूती बोलती थी और इमरान खान को प्रधानमंत्री बनाने की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंपी गई थी। इमरान खान के कार्यकाल के दौरान फैज हमीद ISI के प्रमुख थे और जनरल कमर बाजवा के बाद नंबर-2 पर थे। लेकिन, जब इमरान खान और जनरल बाजवा में संबंध बिगड़े, उस वक्त फैज हमीद ने अपने प्रमुख को छोड़कर इमरान खान का साथ दे दिया।

फैज हमीद पर आरोप है, कि इमरान खान के साथ मिलकर उन्होंने पाकिस्तान के कई विपक्षी नेताओं को जेल भेजा, जिनमें शहबाज शरीफ भी शामिल हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार के मामले में नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो यानि NAB ने गिरफ्तार किया था।

दरअसल, फैज हमीद को उम्मीद थी, कि इमरान खान, जनरल बाजवा को हटाने में कामयाब हो जाएंगे और फिर पाकिस्तान के अगले आर्मी चीफ वही बनेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। जनरल बाजवा बनाम इमरान खान की लड़ाई में अंतिम जीत जनरल बाजवा की हुई और इमरान खान की सरकार गिर गई और उसके साथ ही फैज हमीद के भी बुरे दिन शुरू हो गये।

तालिबान के करीबी थी फैज हमीद

जब 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था और राष्ट्रपति अशरफ गनी को अपनी जान बचाकर भागनी पड़ी थी, उस वक्त ISI के चीफ फैज हमीद ही थे और ऐसा कहा जाता है, कि तालिबान के अंदर उनकी गहरी पैठ थी।

अगस्त में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद फैज हमीद, दुनिया के पहले अधिकारी थे, जो काबुल पहुंचे थे और काबुल के एक होटल में चाय पीने की उनकी तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हो गई थी। इस तस्वीर ने ISI और तालिबान की मिलीभगत को दुनिया के सामने ला दिया था और पाकिस्तान, दुनिया के सामने बेनकाब हो गया था।

उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था, कि फैज हमीद अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार का गठन करने के लिए गये हुए हैं और पाकिस्तान की कोशिश, तालिबान की नई सरकार में अपने लोगों को ऊंचे ओहदों पर बिठाना था।

फैज हमीद को कहा जाता है अफगानिस्तान का कसाई

फैज हमीद को अफगानिस्तान का कसाई भी कहा जाता है और उन्होंने अफगान प्रतिरोध बलों के खिलाफ पंजशीर में बमबारी करवाई थी।

ऐसा कहा जाता है, कि आईएसआई चीफ रहते हुए फैज हमीद ने तालिबान की मदद के लिए पंजशीर में जिस तरह से बमबारी करवाई थी और लोगों को मारा था, इसके लिए उन्हें अफगानिस्तान में कसाई कहा गया था।

आज भी अफगानिस्तान के युवा, सोशल मीडिया पर फैज हमीद को काफी भला-बुरा कहते हैं और अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति के लिए पाकिस्तान के साथ साथ फैज हमीद को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब फैज हमीद ने तालिबान की सरकार बनवाने के लिए अफगानिस्तान की यात्रा की थी, तो वहां पर उनका काफी विरोध किया गया था। पंजशीर में आईएसआई प्रमुख फैज हमीद के कहने पर ही पाकिस्तानी सेना ने बमबारी की थी और दर्जनों बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसपर ईरान की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी।

यानि, फैज हमीद को अपने कर्मों की सजा मिल रही है और सेना के खिलाफ अंदरूनी विद्रोह करने और इमरान खान का करीबी बनने के लिए उन्हें सजा मिलने जा रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+