पाकिस्तान की राजनीति में तूफान, सहयोगी पार्टियों ने दिया झटका, इमरान खान सरकार का गिरना तय!

पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव के बीच, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व वाले पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन में दरारें आने लगी हैं।

इस्लामाबाद, मार्च 13: पाकिस्तान के इतिहास में अभी तक एक भी प्रधानमंत्री ने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है और अब प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए भी सत्ता की पिच से नॉटऑउट लौटना काफी मुश्किल लग रहा है। पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया हुआ है और अब सहयोगी पार्टियों ने भी इमरान खान को बड़ा झटका दे दिया है। जिसके बाद अब काफी संभावना है, कि इमरान खान की सरकार गिर जाए।

सहयोगियों ने दिया बड़ा झटका

सहयोगियों ने दिया बड़ा झटका

पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव के बीच, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व वाले पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन में दरारें आने लगी हैं और इमरान सरकार में गृहमंत्री शेख रशीद ने सहयोगी पार्टियों पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं। द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद अहमद ने शनिवार को आरोप लगाया कि, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू (पीएमएल-क्यू) विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान समर्थन के बदले सरकार को "ब्लैकमेल" कर रही है।

ब्लैकमेल कर रही हैं सहयोगी पार्टियां

ब्लैकमेल कर रही हैं सहयोगी पार्टियां

पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख रशीद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, "मैं इमरान खान के साथ चट्टान की तरह खड़ा हूं।" डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है, "मैं किसी और के लिए जिम्मेदार नहीं हूं। मैं उन लोगों की तरह नहीं हूं जिनके पास पांच (नेशनल असेंबली में सीटें) हैं जो (सरकार को) ब्लैकमेल कर रहे हैं।" आपको बता दें कि, पीएमएल-क्यू, जो केंद्र और पंजाब में इमरान खान की पीटीआई पार्टी का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है, उसने कथित तौर पर प्रधानमंत्री से चौधरी परवेज इलाही को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है, जिसके लिए इमरान खान और उनकी पार्टी तैयार नहीं है। लिहाजा शेख रशीद ने कहा है कि, पीएमएल-क्यू की तरफ से ब्लैकमेल की जा रही है।

Recommended Video

    Pakistan: Imran Khan को बड़ा झटका, छिन सकती है PM की कुर्सी | वनइंडिया हिंदी
    सहयोगी पार्टियों से घमासान

    सहयोगी पार्टियों से घमासान

    इमरान खान के लिए अपनी सरकार को बचाना काफी मुश्किल हो रहा है और शेख रशीद के ब्लैकमेल करने के आरोप में पीएमएल-क्यू के नेता और इमरान सरकार में जल संसाधन मंत्री चौधरी मूनिस इलाही ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "मैं शेख साहब (शेखरशीद) का सम्मान करता हूं लेकिन वह भूल रहे हैं कि वह इस पार्टी (पीएमएल-क्यू) के बड़े नेताओं से पैसे लेते थे, जो वो छात्र जीवन में ही थे।" आपको बता दें कि, शेख रशीद की यह टिप्पणी तब आई है, जब पीएमएल-क्यू के नेताओं ने शनिवार को इस्लामाबाद में एक परामर्श बैठक के बाद घोषणा की थी, कि वे पार्टी के रुख और रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को फिर से बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि, पीएमएल-क्यू इमरान सरकार से समर्थन वापस ले सकती है और अगर ऐसा होता है, तो फिर इमरान खान की सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाएगी और इमरान खान को इस्तीफा देना पड़ सकता है।

    इमरान खान के खिलाफ गुस्सा

    पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने हालिया दिनों में अपने सहयोगी पार्टियों के नेताओं के खिलाफ काफी अपमानजनक बयान दिए हैं, जिससे सहयोगी पार्टियों में काफी गुस्सा है। इमरान सरकार को समर्थन देने वाली पीएमएल-क्यू ने शुक्रवार को पार्टी के सीनेटर कामिल अली आगा ने प्रधानमंत्री इमरान खान के 'अपमानजनक भाषण' की काफी आलोचना की थी और कहा था कि, "हम प्रधानमंत्री के भाषण की निंदा करते हैं। हम इसे शर्मनाक और प्रधानमंत्री की स्थिति से नीचे मानते हैं।‘'

    पीएमएल-क्यू की अहम भूमिका

    आपको बता दें कि, पाकिस्तान नेशनल असेंबली (एमएनए) में केवल पांच सदस्य होने के बावजूद पीएमएल-क्यू की भूमिका इमरान सरकार को बचाने या गिराने में काफी अहम हो गई है। डॉन की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि, ऐसा लगता है कि तीन अन्य सहयोगी- मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी), बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) और ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (जीडीए) भी एक-दूसरे के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल असेंबली में पार्टी की स्थिति को देखते हुए, अगर पीटीआई के चार सहयोगियों में से कोई दो पार्टी, सत्तारूढ़ गठबंधन छोड़ने का फैसला करता है, तो प्रधानमंत्री इमरान खान 342 सदस्यीय सदन में बहुमत खो देंगे। आपको बता दें कि, इन दोनों गठबंधन दलों के पास 17 सांसद हैं और सत्तारूढ़ दल के पास 179 सांसदों का समर्थन है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+