दिवालिया होने से पहले पाकिस्तान में रिकॉर्ड महंगाई, आसमान में दाल-रोटी के दाम, पाताल में मुद्रा भंडार

पाकिस्तान और आईएमफ डील फेल हो चुका है और पाकिस्तान सरकार ने कहा है, कि बजट के बाद वो फिर से आईएमएफ से नये प्रोग्राम के बारे में बात करेगा।

Pakistan Inflation

Pakistan Inflation: पाकिस्तन अगर इस महीने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को कर्ज की किश्त जारी करने के लिए नहीं मना पाया, तो उसका डिफॉल्ट करना तय माना जा रहा है। लेकिन, उससे पहले जिन्ना के देश में महंगाई बम फूट गया है और विदेशी मुद्रा भंडार पाताल में जा पहुंचा है।

पाकिस्तान में उपभोक्ता महंगार दर रिकॉर्ड 38 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान में भोजन, घर के किराए, बिजली और गैस बिल और परिवहन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिससे अवाम बदहाल हो चुकी है।

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने कहा है, कि खराब न होने वाले खाद्य पदार्थ और परिवहन लागत मई 2022 में 50 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर चढ़ गई है, जबकि इस वित्तीय वर्ष के लिए औसत मुद्रास्फीति 29.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान में राजनीतिक हालात खतरनाक बने हुए हैं और इमरान खान की पार्टी पर सेना और सरकार का डंडा चल रहा है, जिसको लेकर आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी, जिसपर पलटवार करते हुए पाकिस्तान ने कहा, कि आईएमएफ को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

जिसके बाद माना जा रहा है, कि पाकिस्तान को अब आईएमएफ से लोन मिलने का रास्ता करीब करीब बंद हो चुका है, लिहाजा इस महीने पाकिस्तान डिफॉल्ट हो जाएगा।

आसमान में आटे दाल की कीमत

डॉन के मुताबिक, आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि मई में 20 किलो गेहूं के आटे के बैग की औसत कीमत एक साल पहले इसी महीने की तुलना में दोगुनी होकर लगभग 2,700 रुपये हो गई।

चिकन (जीवित) का औसत मूल्य 38.6 प्रतिशत बढ़कर 435 रुपये प्रति किलोग्राम, दूध का 41 प्रतिशत बढ़कर 170 रुपये प्रति लीटर और अंडों का दाम 85 प्रतिशत बढ़कर 280 रुपये प्रति दर्जन हो गया। वहीं, दाल-सब्जी की कीमत भी महंगी हुई है।

एएफपी ने कराची के एक फाइनेंसर मोहम्मद सोहेल के हवाले से कहा है, कि "मुद्रास्फीति का यह स्तर देश के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।"

शहरी इलाकों में पिछले साल की तुलना में मई में जिन खाद्य पदार्थों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े, उनमें सिगरेट (148.33 फीसदी), चाय (112.18 फीसदी), आलू (108.2 फीसदी), गेहूं का आटा (99 फीसदी), गेहूं (94.8ओसी) और अंडे ( 90.3 प्रतिशत) है।

जिन गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई उनमें किताबें (113.98pc), स्टेशनरी (79.38pc), मोटर ईंधन (69.9pc), धोने का साबुन/डिटर्जेंट/माचिस (63.7pc), गैस शुल्क (62.8pc) और बिजली बिल (59.28 प्रतिशत) शामिल हैं।

पाताल पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

एक तरफ पाकिस्तान में महंगाई लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है, तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी बुरी तरह से खत्म हो रहा है।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए कहा है, कि उसके पास अब सिर्फ 4.09 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार ही बचा है, जिससे पाकिस्तान के पास आयात करने की क्षमता एक महीने की ही बची हुई है। हालांकि, पाकिस्तान ने पिछले एक साल से विदेशों से सामान आयात करने पर रोक लगा रखी है, जिसकी वजह से देश के सैकड़ों कारखाने बंद हो चुके हैं।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक, देश का रिजर्व अब 9 अरब 51 करोड़ डॉलर ही बचा है और बैंक के पास 4.09 अरब डॉलर बचे हैं। वहीं, पाकिस्तान के कॉमर्शियल बैंकों के पास अब सिर्फ 5.4 अरब डॉलर बचे हैं, लिहाजा पाकिस्तान के लिए जून महीना काफी मुश्किल होने वाला है।

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    आपको बता दें, कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 350 अरब डॉलर की है, जो राजनीतिक उथल-पुथल में फंसा हुआ है, जिससे आईएमएफ के साथ समझौते में देरी हो रही है, जिससे देश डिफॉल्ट होने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है।

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