आतंकी हमलों से दहला पाकिस्तान, 24 घंटे में सेना को दूसरी बार बनाया निशाना, 14 जवान मारे गये
Pakistan Terrorist Attack: आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को अब आतंकी ही काट रहे हैं और पाकिस्तान अपनी बदनसीबी पर रो रहा है। हालांकि, पाकिस्तान के हुक्मरानों ने अभी भी आतंकियों की पालने- पोसने और उनका भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की अपनी राजकीय नीति में कोई परिवर्तन नहीं किया है। लेकिन, पाकिस्तान में लगातार आतंकी हमले किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में दो बड़े आतंकी हमले किए गये हैं, और ये दोनों हमले सेना को निशाना बनाकर किए गये हैं। एक हमला पाकिस्तानी पंबाज के मियांवली एयरबेस पर किया गया है, जहां अभी भी आतंकियों और पाकिस्तानी एयरफोर्स के बीच लड़ाई चल रही है।

पाकिस्तान में एक के बाद एक आतंकी हमले
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ने शुक्रवार को कहा कि ग्वादर में सुरक्षा बलों को ले जा रहे दो वाहनों पर आतंकवादियों के हमले में कम से कम 14 सैनिक मारे गये हैं। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा है, कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना तब हुई, जब सुरक्षा काफिला ग्वादर जिले के पसनी से ओरमारा की ओर जा रहा था।
सेना की शाखा ने कहा है, कि क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और "इस जघन्य कृत्य के अपराधियों का पता लगाया जाएगा और उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा"।
आईएसपीआर ने बताया है, कि सुरक्षा बल देश से आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं और हमारे बहादुर सैनिकों के ऐसे बलिदान हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। वहीं, पाकिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि "ऐसे कृत्य पूरी तरह से निंदनीय हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शहीद और घायलों के परिवारों के साथ हैं। पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ दृढ़ है।"
आपको बता दें, कि 24 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान को हाल के महीनों में आतंकवाद में वृद्धि का सामना करना पड़ा है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अन्य आतंकवादी संगठनों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
जवाब में, राज्य ने भी आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू किया है।
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल सैयद असीम मुनीर ने पिछले हफ्ते कहा था, कि सशस्त्र बलों और इसकी सुरक्षा और खुफिया व्यवस्थाओं ने शत्रु ताकतों के निरंतर और विविध समर्थन के बावजूद अनुकरणीय तरीके से आतंकवाद के खतरे से लड़ाई लड़ी है।
सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) ने अक्टूबर में जारी एक रिपोर्ट में कहा, कि सुरक्षा बलों ने 2023 के पहले नौ महीनों में कम से कम 386 कर्मियों को खो दिया है, जो आठ साल का उच्चतम स्तर है।
2023 की तीसरी तिमाही में, 190 से ज्यादा आतंकवादी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगभग 445 लोगों की जान चली गई और 440 लोग घायल हुए हैं।












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