Pok का स्पेशल स्टेटस छीन सकती है पाकिस्तान सरकार, PM मोदी वाला कदम उठाएंगे शहबाज शरीफ!
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को पार्टी की आम परिषद की बैठक के दौरान, जेयूएल-एफ प्रमुख ने कहा कि, उनकी पार्टी ने योजना का विरोध किया है।
इस्लामाबादा, अगस्त 21: पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का स्पेशल स्टेटस छीना जा सकता है और पाकिस्तान की शहबाज शरीफ इस योजना पर विचार कर रही है। पाकिस्तानी सरकार को समर्थन दे रही है जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने कहा है कि, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति को बदलने और इसे घोषित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है और इस योजना के तहत इसे पाकिस्तान का एक अलग प्रांत बना दिया जाएगा।

पीओके को प्रांत बनाने पर विचार
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को पार्टी की आम परिषद की बैठक के दौरान, जेयूएल-एफ प्रमुख ने कहा कि, उनकी पार्टी ने योजना का विरोध किया है और सर्वदलीय सम्मेलन में कश्मीर की मौजूदा स्थिति को नहीं बदलने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। मौलाना फजल ने कहा कि, "आजाद कश्मीर का दर्जा बदलने की योजना अभी विचाराधीन है, लेकिन जेयूआई-एफ आजाद कश्मीर की स्थिति को नहीं बदलने पर जोर देगा।" जेयूआई-एफ की दो दिवसीय आम परिषद की बैठक पेशावर में शुरू हुई है, जिसमें 900 से अधिक सदस्य भाग ले रहे थे। परिषद मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य, आगामी उपचुनावों और देश में अगले आम चुनावों पर चर्चा कर रही है और इस दौरान पाकिस्तानी फौज के काफी करीबी माने जाने वाले मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तानी प्रशासित कश्मीर पर शहबाज शरीफ के इस प्लान का खुलासा किया है।

31 साल बाद होंगे चुनाव
इस बीच पीओके में 31 साल बाद पार्टी के आधार पर सितंबर महीने में स्थानीय निकाय चुनाव होंगे। यह घोषणा पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त अब्दुल रशीद सुलेहरिया ने चुनाव आयोग के सदस्यों के साथ एक मीडिया सम्मेलन में की है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से सीईसी जस्टिस सेवानिवृत्त सुलेहरिया ने कहा कि, "एजेएंडके की शीर्ष अदालत ने हमें 12 अक्टूबर, 2022 से पहले चुनाव कराने की समय सीमा दी है, लेकिन हम इस साल सितंबर के महीने में चुनाव कराने के लिए तैयार हैं।" चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ सदस्य फारूक नियाज के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, एक अन्य सदस्य फरहत अली मीर ने कहा कि, व्यवस्थाओं के लिए पहला चरण परिसीमन करना था, जो समय पर पूरा हो गया है, जबकि दूसरा चरण मतदाता सूचियों का पूरा होना था, और कार्य समय सीमा से पहले ही हासिल कर लिया गया है।
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चुनाव में फायदा उठाने की कोशिश
पाकिस्तान में आगामी दिनों में चुनाव होने वाले हैं और इमरान खान का आक्रामक चुनाव प्रचार शहबाज शरीफ के लिए संकट बढ़ा रहा है और माना जा रहा है, कि इमरान खान के आगे शहबाज शरीफ की राजनीतिक स्थिति काफी खराब होने वाली है, लिहाजा शहबाज शरीफ कश्मीर कार्ड खेल सकते हैं और कश्मीर पर मोदी सरकार जैसा ही कदम उठाकर जनता को अपने पाले में करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, शहबाज शरीफ का ये कदम पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ होगा, क्योंकि पीओके का पूरा हिस्सा भारत का है और उसे आज नहीं तो कल भारत में मिलना ही है। हालांकि, अभी तक भारत सरकार की तरफ से इस रिपोर्ट को लेकर प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारत छीन चुका है स्पेशल स्टेटस
आपको बता दें कि, भारतीय संसद द्वारा भारतीय प्रशासित कश्मीर की स्वायत्त स्थिति को रद्द किया जा चुका है और इस दौरान भारतीय कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी दर्ज की गई है। स्पेशल स्टेटस होने से पहले भारतीय राज्यों के बीच जम्मू-कश्मीर की एक अनूठी स्थिति थी और इसका अपना संविधान था और अन्य राज्यों पर लागू होने वाले कुछ मुट्ठी भर कानून ही मान्य थे। जिस कानूनी प्रावधान ने इसे यह अद्वितीय स्थान दिया, वह था संविधान का अनुच्छेद 370, जिसे सरकार ने इसके कुछ पहलू को बदलकर और कुछ अन्य को एक आदेश के माध्यम से रद्द करके प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया था। जिसके बाद पाकिस्तान की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द भी कहे थे।












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