पाकिस्तान में बाढ़ का कहर, 24 घंटे में 119 लोगों की मौत, अबतक 1000 से अधिक जानें गईं
इस्लामाबाद, 28 अगस्तः पाकिस्तान इस समय भारी बारिश और बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। सिंधु नदी और काबुल नदी उफान पर हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या 1000 से अधिक हो गयी है। वहीं, अब तक 1500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 7 लाख से अधिक पशुओं की भी जानें गई हैं। पिछले 24 घंटों में ही 119 लोगों की मौत हुई है जबकि 71 लोग घायल हुए हैं।
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तस्वीर- पीटीआई
24 घंटे में 119 जानें गईं
पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ के कारण हो रहे भूस्खलन व अन्य घटनाओं में लोगों की अधिक जान जा रही हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान ही देश में बाढ़ और इसके कारण हुई घटनाओं में 119 लोगों की मौत हो गई है। बीते 24 घंटे में सिंध प्रांत में 76 , खैबर-पख्तूनख्वा में 31 , गिलगिट-बाल्टस्तिान में 6 , बलूचस्तिान में 4 तथा पीओके में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़े के मुताबिक अब तक पाकिस्तान में 1033 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 1527 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 719,558 पशुओं की भी मौत हो चुकी है।

110 जिले बाढ़ की चपेट में
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़े के मुताबिक पाकिस्तान में कुल 110 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इसमें से 72 जिलों को आपदा प्रभावित घोषित किया जा चुका है। देश में 3,451.5 किमी सड़क क्षतग्रिस्त हो गयी है और 149 पुल ढह गए हैं जबकि 170 दुकानें नष्ट हो गयी हैं। वहीं, करीब 10 लाख से अधिक घर पूर्ण अथवा आंशिक रूप से क्षतग्रिस्त हुए हैं। पाकिस्तान के मंत्री राणा सनौल्लाह के मुताबिक देश में बाढ़ से 33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे में नौशेरा में काबुल नदी में बहुत अधिक और उच्च स्तर पानी बढ़ने की संभावना है। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान कालाबाग और चश्मा में सिंधु नदी के तेज बाढ़ आने की संभावना है। मौसम विभाग के बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान में 30 साल की औसत बारिश का पांच गुना और सिंध में 30 साल के औसत से 5.7 गुना बारिश हुई है।

दस साल बाद इतनी भीषण बाढ़
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद स्थित राजदूतों, उच्चायुक्तों और अन्य चुनिंदा राजनयिकों के साथ शुक्रवार को एक बैठक की और उन्हें देश में बाढ़ की भयावह स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस साल बाढ़ से हुई क्षति की तुलना 2010-11 में आई बाढ़ से की जा सकती है। इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, जापान, कुवैत, यूएई, तुर्किये, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, जर्मनी, बहरीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, ओमान, कतर, ब्रिटेन और सऊदी अरब के राजनयिकों, राजदूतों और उच्चायुक्तों ने भाग लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल थे।












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