पाकिस्तान में बाढ़ से भीषण तबाही, 900 लोगों की मौत, एक करोड़ से ज्यादा लोग बेघर, दो प्रांत डूबे

पाकिस्तान इस समय एक मानसून प्रणाली की चपेट में है जिसके कारण भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ आई है।

इस्लामाबाद, अगस्त 25: भीषण बाढ़ और लगातार होने वाली बारिश की वजह से पाकिस्तान में अब तक 900 लोगों की मौत हो चुकी है और पाकिस्तान सरकार से इस भयानक आपदा को कंट्रोल करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने बुधवार को खुलासा किया है, कि इस साल जून से पूरे पाकिस्तान में मानसून की बारिश और भीषण बाढ़ की वजह से 900 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 1,293 घायल हो गए।

पाकिस्तान में बाढ़ से तबाही

पाकिस्तान में बाढ़ से तबाही

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने एक के बाद एक ट्वीट में कहा कि, "पूरे देश से बारिश और बाढ़ की तबाही के दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। और जून से अब तक मानसून की बारिश और बाढ़ की विभिन्न घटनाओं में 326 बच्चों और 191 महिलाओं सहित 903 लोगों की मौत हो चुकी है''। पाकिस्तानी मंत्री ने जो आंकड़े साझा किए हैं, उनके मुताबिक, इस अवधि के दौरान सिंध और बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा मौतें और चोटें दर्ज की गईं हैं। पीपीपी नेता ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। उनका दावा है कि देश भर में एक "मानवीय संकट" पैदा हो गया है। पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि, ''सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर रही है।" इसके साथ ही पाकिस्तानी मंत्री ने बाढ़ संकट से निपटने के लिए दान दाताओं को मदद करने के लिए आह्वान किया है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया का दावा है, कि पाकिस्तान सरकार ने बाढ़ संकट में मरने के लिए लोगों को छोड़ रखा है।

विनाशकारी बाढ़ की चपेट में पाकिस्तान

विनाशकारी बाढ़ की चपेट में पाकिस्तान

पाकिस्तान इस समय एक मानसून प्रणाली की चपेट में है जिसके कारण भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ आई है। सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांतों में सिंध और बलूचिस्तान हैं, जहां बारिश ने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, जिनसे पाकिस्तान के गांवों और कस्बों के हालात भयावह देखे जा सकते हैं और कई शहर पूरी तरह से वीरान हो चुके हैं। लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), पाकिस्तान नौसेना और पाकिस्तान सेना की टीमों को देश भर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। लेकिन, ये मदद नाकाफी साबित हो रही है। वहीं, सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने राष्ट्र से बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए धन दान करने का आग्रह किया। पाकिस्तान चूंकी भीषण आर्थिक संकट में फंसा हुआ है, लिहाजा उसके पास अपने लोगों की मदद करने के लिए पैसे नहीं हैं।

अंतर्राष्ट्रीय खैरात मांगेगा पाकिस्तान

अंतर्राष्ट्रीय खैरात मांगेगा पाकिस्तान

पाकिस्तानी मंत्री मरियम औरंगजेब की घोषणा के एक दिन बाद पाकिस्तान सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए धन की मांग करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय अपील शुरू करने का फैसला किया है। ये फैसला एनडीएमए में बाढ़ आपातकाल पर एक तत्काल ब्रीफिंग के दौरान लिया गया हैं, जिसे बाढ़ से हुए नुकसान का पुनर्मूल्यांकन करने और विकास भागीदारों और दाताओं को संकट की भयावहता से अवगत कराने के लिए बुलाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 2 दिनों में स्थिति और भी ज्यादा बेकाबू हुए हैं और मूसलाधार बारिश ने सिंध और बलूचिस्तान की स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर कर दिया है। 23 अगस्त को काफी ज्यादा बारिश हुई है, जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और दर्जनों जगह रास्ते कट गये हैं।

सिंध प्रांत में जनजीवन अस्तव्यस्त

सिंध प्रांत में जनजीवन अस्तव्यस्त

बात अगर सिर्फ सिंध की करें तो, सिंध सरकार ने सभी 23 जिलों को आपदा प्रभावित घोषित किया है। सिंध सरकार के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने अब तक प्रांत में 239 लोगों की मौत और 836 लोगों के घायल होने की सूचना दी है। रेलवे परिचालन भी प्रभावित हुआ है। रेलवे के मुख्य नियंत्रक शकील अहमद मेमन के मुताबिक कराची रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनें सात से आठ घंटे की देरी से अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं। इससे पहले, एक संवाददाता सम्मेलन में, मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि एक करोड़ से अधिक लोग बेघर हो गए हैं, और 15 लाख से अधिक मिट्टी के घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा, "मैंने अपने जीवन में इससे बड़ी तबाही कभी नहीं देखी।" उन्होंने कहा, सिंध सरकार अपने सभी धन का उपयोग कर रही है, लेकिन टेंट और भोजन जैसी आवश्यक चीजें लोगों की पहुंच से काफी दूर हैं।

बलूचिस्तान में भी भयावह हैं हालात

बलूचिस्तान में भी भयावह हैं हालात

पीडीएमए के अनुसार, बलूचिस्तान में, डेरा बुगती, खुजदार, नसीराबाद और मुसाखेल जैसे अधिकांश जिलों में मॉनसून की बारिश ने जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। पीडीएम ने कहा कि, सुई जिले के पास बाढ़ के दौरान पांच लोगों के साथ एक कार बह गई। तीन लोगों को बचा लिया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी है। वहीं, खुजदार में दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि नसीराबाद में इसी तरह की घटना में एक अन्य महिला की मौत हो गई। चमन में पाकिस्तान-अफगानिस्तान और ताफ्तान में पाकिस्तान-ईरान के बीच यातायात भी भारी बारिश के कारण बाधित हो गया है, जिसने देश को अपने पड़ोसियों से जोड़ने वाले राजमार्गों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नसीराबाद, जाफराबाद, सोहबतपुर, झाल मगसी, कलात, बोलन और लासबेला जिले भारी बाढ़ का सामना कर रहे हैं।

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