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'पाकिस्तान को श्रीलंका बनाना चाहती हैं वैश्विक शक्तियां', पाकिस्तान के विदेश मंत्री किसपर बौखलाए?

Pakistan News: आईएमएफ की शर्तों का बार बार उल्लंघन करने वाले पाकिस्तान ने अब आरोप लगाते हुए कहा है, कि वैश्विक शक्तियां पाकिस्तान को श्रीलंका जैसे हाल में लाना चाह रही हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने एक रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने दावा किया है, कि वैश्विक संस्थाएं चाहती हैं कि पाकिस्तान श्रीलंका की तरह डिफॉल्ट करे और फिर बातचीत शुरू करे।

इशाक डार की टिप्पणी तब आई है, जब वह अर्थव्यवस्था को लेकर पाकिस्तानी सीनेट की स्थायी समिति के समक्ष गवाही दे रहे थे। इसके अलावा, पाकिस्तान के वित्त मंत्री अपनी ही बातों से बार बार मुकरते नजर आए, कि पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बात चल रही है।

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'पाकिस्तान को श्रीलंका बनाना चाहती हैं वैश्विक शक्तियां'

दरअसल, पाकिस्तान ने बार बार कहा है, कि आईएमएफ से पाकिस्तान की बेलऑउट पैकेज को लेकर बात चल रही है। इस महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी दो बार बोल चुके हैं, कि आईएमएफ से लोन बस मिलने ही वाला है।

जबकि, पाकिस्तान के आर्थिक विशेषज्ञ लगातार कह रहे थे, कि सरकार देश की जनता से झूठ बोल रही है, क्योंकि आईएमएफ पहले ही पाकिस्तान को 1.1 अरब डॉलर का लोन देने से इनकार कर चुकी है। इस बाबत पिछले महीने वन इंडिया ने भी अपनी एक खबर में कहा था, कि पाकिस्तान की सरकार आईएमएफ से लोन मिलने को लेकर देश की जनता को उल्लू बना रही है और अब वन इंडिया की खबर सच साबित हुई है।

डार ने कहा है, कि आईएमएफ के नौवीं समीक्षा के पीछे 'अनावश्यक विलंब' का कोई कारण नहीं बता रहा है। इशाक डार ने कहा, कि "आईएमएफ से लोन मिले या नहीं, लेकिन पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट नहीं होगा।"

हालांकि, सीनेट की कमेटी के बाद इशाक डार ने फिर से देश की मीडिया के सामने झूठ बोलते हुए कहा, कि सब कुछ व्यवस्थित और क्रम में है, जबकि हकीकत ये है, कि आईएमएफ पाकिस्तान को लोन देने से साफ मना कर चुका है और पाकिस्तान, डिफॉल्ट होने से बचने के लिए चीन से कर्ज मांग रहा है।

आईएमएफ पर लगाए फर्जी आरोप

पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने आईएमएफ पर एक्सटर्नल रिसोर्सेस के जरिए 6 अरब डॉलर की गारंटी की मांग करने का आरोप लगाया और ऋणदाता पर राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया, कि मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय भागीदारों, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से 3 अरब डॉलर की गारंटी दी गई थी और विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक ने बाकी बचे 3 अरब डॉलर का लोन देने का आश्वासन दिया था।

लेकिन, हकीकत ये है, कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने इस बात को लेकर भी झूठ बोला। हकीकत ये है, कि वर्ल्ड बैंक और एशियाई विकास बैंक ने पाकिस्तान के साथ साथ चीन, सऊदी अरब और यूएई ने पहले ही पाकिस्तान को बता दिया था, कि जबतक आईएमएफ से पाकिस्तान को लोन नहीं मिलता, उसे नया कर्ज नहीं मिलेगा।

पाकिस्तान ने आईएमएफ की शर्तों का बार बार उल्लंघन किया है, लिहाजा आईएमएफ इस बार अपनी शर्तों को मनवाने के बाद ही लोन देने की बात कर रहा है। आईएमएफ ने कहा था, कि पहले पाकिस्तान की सरकार देश के अंदर तमाम राजनीतिक पार्टियों को एक मंच पर लाए, ताकि अगर उसे आईएमएफ से लोन मिलता है, तो देश में चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली पार्टियां, फिर से आईएमएफ की शर्तों का उल्लंघन ना करे।

इसके अलावा ने देश में मौजूद राजनीतिक संकट का लोकतांत्रित तरीके से समाधान करने को कहा था, जबकि पाकिस्तान की सेना इमरान खान और उनकी पार्टी के खिलाफ आर्मी एक्ट के तहत मुकदमा चला रही है, जिससे भी आईएमएफ गुस्से में है।

दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार जानती है, कि उसे आईएमएफ से लोन नहीं मिलेगा और देश डिफॉल्ट हो जाएगा, लिहाजा वो विलेन बनने से बचने के लिए आईएमएफ और विदेशी शक्तियों पर ठीकरा फोड़ रही है। ताकि, देश को बर्गलाया जा सके।

मित्र देश भी नहीं देना चाहते लोन

शहबाज सरकार ने पिछले दो महीने में दर्जनों बार दावे किए हैं, कि चीन, सऊदी अरब और यूएई से उसे लोन मिल गया है, जबकि डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे द्विपक्षीय दानकर्ता, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कैबिनेट मंत्रियों द्वारा किए गए दावों के बावजूद, पाकिस्तान की मदद करने के लिए अनिच्छुक हैं।

डॉन ने बताया है, कि पाकिस्तान सरकार ने पहले ये भी दावा किया था, कि इस महीने पेश किए गये बजट से आईएमएफ खुश है, जबकि आईएमएफ ने बजट को लेकर नाराजगी जताई है। यानि, सरकार का ये दावा भी गलत है।

दूसरी तरफ, वैश्विक शक्तियों पर साजिश रचने का आरोप लगाने के फौरन बाद, पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने एक फिर से गुलाटी मार दी और कहा, कि 'इस महीने आईएमएफ के साथ स्टाफ लेवल एग्रीमेंट' साइन कर लिए जाएंगे, जबकि इसी महीने इशाक डर ने ये भी कहा था, कि सरकार प्लान बी पर काम कर रही है।

यानि, शहबाज शरीफ की सरकार बार बार और लगातार झूठ बोल रही है और माना जा रहा है, कि वैश्विक शक्तियों का नाम लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री भारत की साजिश की बात कर जनता को बर्गलाना चाहते हैं, ताकि देश की बर्बादी का ठीकर 'भारत की साजिश' पर फोड़कर फिर से चुनावी जीत हासिल कर सकें, क्योंकि पाकिस्तान में 'भारत की साजिश' वाली बात काफी बिकती है।

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