Pakistan Election: पाकिस्तान में शाम 5 बजे से वोटों की गिनती, 9 घंटे मे कैसे गिने जाएंगे 26 करोड़ बैलेट पेपर?
Pakistan Election 2024 Result: पाकिस्तान में आज सुबह 8 बजे मतदान शुरू होते ही देश की अंतरिम सरकार के आंतरिक मंत्रालय ने कहा, कि उसने "बिगड़ती सुरक्षा स्थिति" के मद्देनजर "देश भर में मोबाइल सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने" का फैसला किया है।
हालांकि, पाकिस्तान के इतिहास में कभी भी मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत को पार नहीं कर पाया है और अभी तक की चुनावी इतिहास में मतदान प्रतिशत 50 से 55 प्रतिशत के करीब होता है। पाकिस्तान इलेक्शन कमीशन ने कहा है, कि इस बार चुनाव के लिए 26 करोड़ मतपत्र छपवाए गये हैं।

पाकिस्तान में जिस दिन चुनाव होते हैं, उसी दिन नतीजों की घोषणा भी कर दी जाती है, लिहाजा आज जब शाम पांच बजे मतदान खत्म हो जाएंगे, उसके बाद वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी।
पाकिस्तान में ईवीएम से क्यों नहीं होते चुनाव?
पाकिस्तान में अभी भी बैलेट पेपर से ही चुनाव होते हैं। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से वोट करवाने के लिए पाकिस्तान में बहस होती रही है, लेकिन काफी ज्यादा खर्च होने की वजह से ईवीएम का इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है। लिहाजा, 26 करोड़ वोटों की गिनती करना अधिकारियों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती रही है।
हालांकि, इमरान खान की सरकार ने 2021 में ईवीएम से मतदान करवाने के लिए संसद में बिल पेश किया था, लेकिन विपक्षी दलों के भारी विरोध की वजह से बिल संसद में पास नहीं हो पाया। विपक्षी दलों का कहना था, कि ईवीएम के इस्तेमाल से चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे और भारी धांधली होगी, लिहाजा पाकिस्तान में बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाने का फैसला लिया गया।

चुनाव के दिन ही वोटों की गिनती
पाकिस्तान के इलेक्शन एक्ट 2017 के तहत जिस दिन चुनाव होता है, उसी दिन वोटों की गिनती करना जरूरी होता है। ऐसा धांधली रोकने के लिए किया गया है। इस प्रोसेस के तहत पोलिंग बूथ पर ही पोलिंग ऑफिसर की मौजूदगी में वोटों की गिनती की जाती है।
पाकिस्तान में वोटों की गिनती के लिए दो तरह के फॉर्म का इस्तेमाल होता है, फॉर्म 45 और फॉर्म-46। पोलिंग ऑफिसर वोटों की गिनती के बाद इन दोनों फॉर्म पर काउंटिग के बाद चुनावी रिजल्ट लिखते हैं। वोटों की गिनती के बाद पोलिंग ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर को रिजल्ट भेज देते हैं। इसके अलावा, नियमों के मुताबिक, रिटर्निंग ऑफिसर्स के लिए ये जरूरी होता है, कि वो अपने क्षेत्र के सभी पोलिंग बूथ से रात 2 बजे तक हर हाल में रिजल्ट प्राप्त कर ले।
अगर रिटर्निंग ऑफिसर ऐसा करने में नाकाम होता है, तो उसे चुनाव आयोग को लिखित तौर पर बताना होता है, कि वो ऐसा क्यों नहीं कर पाया है। ऐसी स्थिति में अगले दिन सुबह 10 बजे तक चुनाव जारी करना आवश्यक हो जाता है।
भारत से कम समय क्यों लगता है?
अकसर सवाल उठते हैं, कि जब भारत में ईवीएम से वोट डाले जाते हैं और पाकिस्तान में बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं, तो फिर भारत की तुलना में वोटिंग रिजल्ट कैसे जल्दी आ जाते हैं।
इसकी कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह है, पाकिस्तान की तुलना में भारत का विशालकाय होना और दूसरी सबसे बड़ी वजह से वोटिंग प्रोसेस।
भारत में जब बैलेट पेपर से चुनाव होते थे, तो मतदान स्थल से मत पेटियों को पहले ब्लॉक भेजा जाता था और फिर जिल मुख्यालय और फिर काउंटिग होती थी, लिहाजा इस पूरी प्रक्रिया में काफी वक्त लगता था। लेकिन, पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता है। पाकिस्तान में मतदान स्थल पर ही पोलिंग ऑफिसर की मौजूदगी में काउंटिग हो जाती है और फिर रिजल्ट ऊपरी अधिकारियों को भेज दिया जाता है। जिसकी वजह से वक्त कम लगता है।
वहीं, अगर किसी उम्मीदवार ने मतगणना को लेकर आपत्ति जताई है, तो यह रिटर्निंग ऑफिसर पर निर्भर करता है, कि वो वोटों की गिनती की फिर से इजाजत देता है या नहीं। अगर किसी उम्मीदवार को उसके बाद भी आपत्ति है, तो वो चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है। और आखिरी फैसला पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त को लेना होता है।












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