Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में महंगाई का हर रिकॉर्ड टूटा, 58 साल पीछे हुआ देश!
IMF ने पाकिस्तान के सामने कई शर्तें रखीं हैं और कहा है कि इन्हें मानने पर ही पाकिस्तान को कर्ज की अगली किश्त मिलेगी। उस फंड को हासिल करने के लिए पाकिस्तान ब्याज दरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर रहा है।

Image: Oneindia
pakistan economic condition: पाकिस्तान आजादी के बाद से अपने सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। घटते विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से पाकिस्तान की सरकार ने जरूरी वस्तुओं के आयात पर रोक लगा रखी है। इस वजह से आटे से लेकर चावल और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पाकिस्तान के सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा कि मंथली महंगाई दर फरवरी में 31.6 फीसदी पर जा पहुंचा है। जनवरी में यह 27.6 प्रतिशत थी। रिसर्च फर्म आरिफ हबीब लिमिटेड के अनुसार यह बीते 58 साल में सबसे अधिक है।
महंगाई दर में 3 फीसदी बढ़ोतरी
सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्तान ने महंगाई से मुकाबला करने के लिए ब्याज दर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने 17 फीसदी के ब्याज दर में 3 फीसदी की बढ़ोतरी करके ब्याज दर 20 फीसदी कर दिया है। यही वजह थी कि मुद्रास्फिति 30 फीसदी के आंकड़े को पार कर गई। पाकिस्तान में जून से जनवरी तक मुद्रास्फिति 20 से 30 फीसदी के बीच में कायम थी। पिछले साल पाकिस्तान में महंगाई दर 12.2 फीसदी थी। वहीं पिछले हफ्ते के दौरान पाकिस्तान में महंगाई दर 41 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई थी।
पाकिस्तान में और बढ़ेगी महंगाई
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक बीते महीने फरवरी में पाकिस्तान के इतिहास में कीमतें सबसे तेज गति से बढ़ी हैं। आंकड़े बताते हैं कि खाद्य और परिवहन लागत ने मुद्रास्फीति को सबसे उच्चतम बिंदु तक पहुंचा दिया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आने वाले वक्त में आम जनता को और मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं। केंद्रीय बैंक के MPC ने बयान में कहा है कि हाल के वित्तीय समायोजन और विनिमय दर में नुकसान हुआ है। वहीं महंगाई दर में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में महंगाई दर को नीचे लाने की कोशिश में ब्याज दरों में बढ़ोतरी अनुमान से कम है। हालांकि समिति का अनुमान है कि अभी महंगाई दर कुछ और बढ़ेगी।
IMF से फंड जुटाने की कोशिशों में पाकिस्तान
पाकिस्तान आईएमएफ से फंड जुटाने की जुगत में लगा हुआ है और उस फंड को अनलॉक करने के लिए ब्याज दरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर रहा है। आईएमएफ ने 4 शर्तें रखीं हैं और कहा है कि इन्हें मानने पर ही पाकिस्तान को कर्ज की अगली किश्त मिलेगी। पाकिस्तान को कर्ज मिलने में हो रही देरी से पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले पाताल में पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय व्यापार में रुपया 284 प्रति अमेरिकी डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया है।












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