भारत के खिलाफ 'सबूत' लेकर US-कनाडा के पास पहुंचा पाकिस्तान, आतंकियों की 'हत्या' पर मांगा बाइडेन का साथ
Pakistan target killings: पाकिस्तान ने पिछले साल अपनी सीमा के भीतर दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या में कथित भारत की भूमिका को लेकर अमेरिका और कनाडा से संपर्क किया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की सरकार ने दावा किया है, कि उसने सबूतों के साथ अमेरिका और कनाडा से संपर्क किया है।
डॉन के मुताबिक, एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिक ने खुलासा किया है, कि पाकिस्तान उन दोनों देशों के साथ जानकारी साझा कर रहा है, जो भारत के "अंतरराष्ट्रीय हत्या कार्यक्रम" के शिकार हुए हैं।
पाकिस्तानी राजनयिक ने कहा, कि तीनों देशों में ऑपरेशन, सोफिस्टिकेटेड और आपराधिक सिंडिकेट के उपयोग के समान थे।

अमेरिका-कनाडा के पास पहुंचा पाकिस्तान
आपको बता दें, कि पाकिस्तान की कोशिश अमेरिका और कनाडा से समर्थन हासिल करने की है, जिसके पिछले साल भारत के डिप्लोमेटिक तनाव उत्पन्न हो गये हैं, क्योंकि कनाडा और अमेरिका ने आरोप लगाया है, कि उनकी जमीनों पर भारत सरकार के अधिकारियों ने उनके नागरिकों की हत्या की कोशिश की है।
कनाडा ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिंक भारत सरकार से जोड़े हैं, जबकि अमेरिका का आरोप है, कि खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश एक भारतीय अधिकारी के इशारे पर रची गई थी, जिसमें एक लाख डॉलर की सुपारी देकर न्यूयॉर्क में उसकी हत्या की साजिश रची गई थी।
हालांकि, भारत ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जबकि अमेरिका के आरोपों पर भारत सरकार की तरफ से कहा गया है, कि 'जांच के बाद फॉलोअप कार्रवाई' की जाएगी। कनाडा ने कई महीने बीत जाने के बाद भी भारत सरकार से सबूतों को साझा नहीं किया है।
पाकिस्तान में भी पिछले साल भारत के दर्जन भर से ज्यादा वांटेड आतंकियों की 'अज्ञात शख्स' ने हत्याएं की हैं और अब पाकिस्तान ने भी अमेरिका और कनाडा के तर्ज पर भारत पर हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए हैं, जिसे भारत ने बकवास करार दिया है।
पाकिस्तानी राजनयिक ने कहा है, कि इस्लामाबाद ऐसे लगभग 10 मामलों की जांच कर रहा है, लेकिन दो मामलों में - पिछले सितंबर में रावलकोट में मुहम्मद रियाज की हत्या और पिछले अक्टूबर में सियालकोट में शाहिद लतीफ की हत्या में उसे भारतीय हाथ होने के सबूत मिले हैं।
अमेरिका ने कहा है- नो कमेंट
वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को 2023 में सियालकोट और रावलकोट में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या में भारत पर लगाए गये आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
पाकिस्तान के लिए ये एक बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि वो चाहता था, कि उसे भी कनाडा की ही तरह अमेरिका से साथ मिले, जैसे अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा का साथ दिया था।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस महत्वपूर्ण मामले पर प्रतिक्रियात्मक टिप्पणी मांगी गई, तो अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अमेरिकी अधिकारी ने जियो टीवी को एक ईमेल के जवाब में कहा, "मैं इस पर आपको पाकिस्तानी अधिकारियों से ही बात करने के लिए कहूंगा, और इसमें जोड़ने के लिए हमारे पास और कुछ नहीं है।"
जियो न्यूज ने अमेरिकी अधिकारी से पूछा था, कि "आज, पाकिस्तान ने कहा कि उन्होंने अपनी धरती पर दो पाकिस्तानी नागरिकों की उसी तरह से हत्या में कथित तौर पर शामिल भारतीय एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जैसे कनाडा में एक सिख नेता की हत्या की गई थी।" जियो न्यूज के प्रश्न में अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के भारतीय प्रयासों का भी उल्लेख किया गया था।
लेकिन, अमेरिका की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई, जो पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि अपनी धरती पर आतंकवादियों के मारे जाने को लेकर वो अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा था, ताकि भारत पर प्रेशर बनाया जा सके।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान के लिए इस मामले को आगे ले जाना संभव नहीं है और उसे अमेरिका या फिर कनाडा से समर्थन नहीं मिलेगा, क्योंकि एक तो पाकिस्तान की खुद की इमेज खराब है और दूसरी बात ये, कि अमेरिका और कनाडा, कम से कम पाकिस्तान के लिए भारत के साथ संबंधों को और खराब करने की कोशिश नहीं करेंगे।












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