Pakistan News: अपने ही आर्मी चीफ असीम मुनीर का दुश्मन बना पाकिस्तान! क्यों चिल्ला रहे इमरान-इमरान?

Pakistan Army Vs Imran Khan: पाकिस्तान में इन दिनों एक अजीबो-गरीब तमाशा चल रहा है - देश युद्ध के मुहाने पर खड़ा है, पर दुश्मन भारत नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों के लिए दुश्मन बन गया है उनका खुद का सेना प्रमुख, जनरल असीम मुनीर! जी हां, वो ही असीम मुनीर, जिनके हाथ में देश की कमान है, वही आज सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक गालियों के पात्र बन चुके हैं।

पहलगाम हमले के बाद भारतीय एक्शन ने पाकिस्तान की नींद हराम कर दी है, पर सबसे ज्यादा हड़कंप मचाया है पाकिस्तानियों की खुद अपनी सेना से बढ़ती नाराजगी ने। Munir Out ट्रेंड कर रहा है, और इमरान खान के समर्थक तो खुलेआम चिल्ला रहे हैं - 'मुनीर को हटाओ, इमरान को लाओ, पाकिस्तान को बचाओ!' अब इसे विडंबना कहें या पाकिस्तान की फितरत, मगर इस देश में जब-जब हालात बिगड़े, जनता ने अपने नेताओं को नहीं, बल्कि अपने ही फौजियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

Pakistan Army Vs Imran Khan

मौलाना फजलुर रहमान का फतवा: 'मुनीर की सोच गुलामों वाली है!'

अब बात करते हैं सबसे धमाकेदार बयान की - मौलाना फजलुर रहमान ने तो जैसे असीम मुनीर को खून के आंसू रुला दिए हों! रहमान ने कहा कि मुनीर का कश्मीर और हिंदू-मुस्लिम पर दिया बयान गुलामी की सोच दर्शाता है और इससे भारत-पाक रिश्ते और बिगड़े। बलूचिस्तान में हो रही सैन्य कार्रवाइयों पर उन्होंने तो यहां तक कह दिया - 'यह हालात 1971 वाले हैं, जनाब! कहीं फिर से बांग्लादेश न बन जाए!' मतलब साफ है-सेना की छवि तेजी से गिर रही है और उसका नेतृत्व सवालों के घेरे में है।

सोशल मीडिया पर Munir Out ट्रेंड कर रहा है

इमरान खान की पार्टी PTI तो जैसे इस पूरे अभियान की कमान खुद संभाले हुए है। एक यूजर ने लिखा-'मुनीर को हटाओ, इमरान को लाओ, पाकिस्तान को बचाओ।' बात सिर्फ ट्वीट्स की नहीं है, यह पाकिस्तानी अवाम की बेचैनी का संकेत है, जिसे अब अपनी फौज पर ही भरोसा नहीं रहा। और जैसे ही भारत ने एक के बाद एक कड़े फैसले लिए-सिंधु जल समझौता रद्द, अटारी-वाघा बॉर्डर बंद, वीजा पर रोक-तो पाकिस्तान में घबराहट और बढ़ गई। ऐसे में मुनीर के छिपने या देश छोड़ने की अफवाहें भी फैलने लगीं।

देश के अंदर से ही उठ रही है बगावत की आवाज

रिटायर्ड जनरल आदिल राजा का दावा है कि पहलगाम हमला खुद मुनीर की शह पर हुआ, ताकि उनके खिलाफ चल रही फाइलें बंद हो जाएं। ऊपर से गिलगित-बाल्तिस्तान और बलूचिस्तान में सेना के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। शिगर में तो लोगों ने धमकी तक दे दी-'अगर जमीन छीनी, तो कब्रें पहाड़ों पर बनेंगी।' हमारे संसाधन, हमारा हक, पाक आर्मी वापस जाओ'- ये नारे आज पाकिस्तान की सड़कों की पहचान बन गए हैं। सिंध में वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सेना के पंजाबी अफसरों की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। यानी अब हर कोना गरम है और सबकी उंगलियां एक ही तरफ-असीम मुनीर की ओर उठ रही हैं।

सेना के भीतर भूचाल: इस्तीफे, चिट्ठियां और बंकरों में छिपा सेनापति!

पाक मीडिया रिपोर्ट्स और भारतीय मीडिया के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि करीब 1,450 सैनिकों और 250 अफसरों ने इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है कि असीम मुनीर को लेकर सेना का मनोबल इतना गिर गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी ने उन्हें चिट्ठी लिख डाली। उस चिट्ठी में साफ कहा गया - 'आपने सेना को राजनीतिक हथियार बना दिया है, अब आपका समय खत्म हो गया है! आपने हमारी इज्जत को मिट्टी में मिला दिया है। अब या तो खुद हट जाइए, या हम हटाएंगे।'

क्या वाकई मुनीर देश से भाग गए?

खबरें आईं कि मुनीर रावलपिंडी के बंकर में छिपे हैं, उनके परिवार ने भी पाकिस्तान छोड़ दिया है। सरकार को मजबूर होकर फोटो जारी करनी पड़ी, जिसमें मुनीर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एबटाबाद में बैठे नजर आए। पर फिर भी लोग पूछते रहे- 'मुनीर नजर क्यों नहीं आ रहे? क्या डर के मारे छिप गए हैं?'इतना डर किस बात का है, जनरल साहब?

क्या मुनीर का हश्र भी होगा याह्या खान और मुशर्रफ जैसा?

पाकिस्तान के इतिहास में जो जनरल सत्ता के लालच में ज्यादा आगे बढ़े, उनका अंजाम बहुत बुरा हुआ। याह्या खान और परवेज़ मुशर्रफ - दो तानाशाह जनरल, जिन्होंने भारत से टकराने की गलती की और फिर घर में ही जेल जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हो गए। याह्या खान-1971 की हार, बांग्लादेश बना और वो नजरबंद। परवेज मुशर्रफ-कुर्सी हथियाई, कारगिल की मुसीबत मोल ली और बाद में देश से भागे और बदनाम हुए। अब पाकिस्तान में यही कहा जा रहा है-मुनीर की गिनती भी उन्हीं खलनायकों में होने वाली है।

दुश्मन बाहर नहीं, घर में ही है

इस पूरे ड्रामे से एक बात तो साफ है-पाकिस्तान का सबसे बड़ा संकट भारत नहीं, खुद उसकी फौज है। जब देश का आर्मी चीफ ही जनता, नेताओं और अफसरों के निशाने पर हो, तो देश को दुश्मन की क्या जरूरत? आज पाकिस्तान को सबसे ज्यादा डर है भारत से नहीं, उस असीम मुनीर से है, जिसे वो अपना रक्षक समझते थे।

और इमरान खान? वो तो हीरो बन चुके हैं!

इमरान खान के नाम के नारे फिर से पाकिस्तान के कोने-कोने में गूंज रहे हैं। जेल में बंद इमरान अब पाकिस्तानी जनता के लिए 'मसीहा' बनते जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं - 'अगर कोई हमें इस मुसीबत से निकाल सकता है, तो वह इमरान ही है।'

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