कंगाल पाकिस्तान के लिए अमेरिका सामने गिड़गिड़ाए जनरल बाजवा, कहा, IMF से कर्ज दिला दो!
पाकिस्तान में श्रीलंका जैसे हालात उत्पन्न होते जा रहे हैं। वहां की जनता कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही है। दूसरी तरफ सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा था कि देश का आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार 8.57 बिलियन डॉलर से घटकर 754 मिलि
इस्लामाबाद 29 जुलाई: पाकिस्तान लगभग कंगाल ही हो चुका है। कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को डिफाल्टर बनने से रोकने के लिए अब सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मोर्चा संभाल लिया है। जानकारी के मुताबिक, बाजवा ने अमेरिका से कहा है कि वो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज दिलवाने में पाकिस्तान की मदद करे। पाकिस्तान इन दिनों अपने घटते विदेशी मुद्रा भंडार के कारण दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है।

पाकिस्तान की हालत खराब
अभी कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने दावा किया था कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच चार बिलियन डॉलर के कर्ज को लेकर समझौता हुआ है, हालांकि इस ऐलान का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर कोई असर देखने को नहीं मिला। पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। वर्तमान में 1 डॉलर की कीमत 239 पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा हो चुकी है।

बाजवा ने व्हाइट हाउस से किया संपर्क
निक्केई एशिया के मुताबिक, पाकिस्तानी जनरल बावजा ने कर्ज के लिए व्हाइट हाउस और अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट से संपर्क किया है। जानकारी के मुताबिक बाजवा ने कहा है कि अमेरिका आईएमएफ पर 1.2 बिलियन डॉलर के रीलिफ पैकेज की सप्लाई के के लिए दबाव बनाए। इसके अलावा पुराने कर्ज को चुकाने की समय अवधि को भी बढ़ाया जाए। बता दें कि, पिछले हफ्ते IMF ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ 1.17 बिलियन डॉलर के कर्ज को लेकर स्टाफ लेवल की सहमति पर पहुंच चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्त
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को आर्थिक पैकेज बहाल करने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। आईएमएफ ने कहा है कि इस्लामाबाद का आर्थिक पैकेज बहाल करने के लिए बिजली की दरें बढ़ानी होगी और पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगाना होगा। अगर ऐसा होता है तो वहां की जनता भड़क जाएगी। फिर शहबाज शरीफ सरकार उन परिस्थितियों का कैसे मुकाबला कर पाएगी।

कमरतोड़ महंगाई है पाकिस्तान में
बता दें कि, पाकिस्तान में श्रीलंका जैसे हालात उत्पन्न होते जा रहे हैं। वहां की जनता कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही है। दूसरी तरफ सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा था कि देश का आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार 8.57 बिलियन डॉलर से घटकर 754 मिलियन डॉलर हो गया है। यह पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी गिरावट है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान का पूरा विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो सकता है और देश डिफाल्टर बन सकता है।

शहबाज को जनता की फिक्र नहीं!
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को देश की जनता की कोई फिक्र नहीं है। वहां की सरकार जनता से ज्यादा सेना को मजबूत करने के दिशा में काम करती है। हालांकि, इस बार मजबूरी में सैन्य बजट में कटौती हुई थी। लेकिन पाकिस्तान सेना को मजबूत करने और हथियार खरीदने पर ज्यादा ध्यान देता आ रहा है। इसका नतीजा यह हुआ कि देश अब बदहाली की कगार पर पहुंच चुका है। वहीं देश में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चरम पर हैं।












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