BRICS का मेंबर बनने के लिए पाकिस्तान ने किया आवेदन, क्या भारत को देना चाहिए मंजूरी?
पाकिस्तान ने विकासशील देशों के संगठन ब्रिक्स के लिए आवेदन दिया है। रूस की तास न्यूज एंजेंसी ने इसकी जानकारी दी है। रूस में पाकिस्तान के राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने आवेदन भरने के साथ ही ब्रिक्स में सदस्यता दिलाने के लिए रूस से मदद मांगी है।
रूस में पाकिस्तान के राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि रूस उसकी सदस्यता के मामले को आगे बढ़ाए। रूस अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने जा रहा है।

आपको बता दें कि ब्रिक्स का सदस्य बनने के लिए भारत की सहमति जरूरी होगी। ऐसे में पाकिस्तान चाहेगा कि रूस, भारत को इसके लिए मनाए। रूसी न्यूज एजेंसी तास की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी राजदूत ने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया है।
आपको बता दें कि इसी साल ब्रिक्स के आखिरी शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका ने 6 नए देशों को अपने इस गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया था। इन देशों में इजिप्ट, अर्जेंटीना, इथोपिया, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं। ये देश 1 जनवरी 2024 से ब्रिक्स के सदस्य देश बन जाएंगे।
ब्रिक्स में पहले से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सदस्य देश हैं। ऐसे में 6 नए सदस्यों के जुड़ने से अब ब्रिक्स प्लस में 11 देश हो जाएंगे। BRICS को अब BRICS PLUS कहा जा रहा है। चीन पहले से चाहता है कि पाकिस्तान भी ब्रिक्स का हिस्सा बन जाए ताकि उसका दबदबा और मजबूत हो।
साल 2001 में अर्थशास्त्री जिम ओ नील ने ब्राजील, रूस, भारत और चीन में मजबूत विकास दर की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए ब्रिक (BRIC) शब्द का इस्तेमाल किया था। जिम ओ नील के एक शोध में कहा गया था कि 2050 तक ब्रिक देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्थाएं तत्कालीन अमीर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ देंगी।
BRIC विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान रूस में आयोजित की गई थी। ब्रिक का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में आयोजित किया गया था।
ठीक एक साल बाद 2010 के अंत में दक्षिण अफ्रीका को इसमें शामिल किया गया। दक्षिण अफ्रीका के इस ग्रुप में शामिल होने के बाद ब्रिक का नाम बदलकर ब्रिक्स हो गया।












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