पाकिस्तानी पत्रकार का बहुत बड़ा दावा, कश्मीर पर इस्लामिक देशों ने इमरान खान को दी बड़ी चेतावनी
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अमर मसूद ने दावा किया है कि, इस्लामिक सहयोग संगठन ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान लीडरशिप को चेतावनी दी है।
इस्लामाबाद, दिसंबर 22: कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अमर मसूद ने बहुत बड़ा दावा किया है। पाकिस्तान पत्रकार ने दावा किया है कि, इस्लामिक देशों के संगठन ने इमरान खान को कश्मीर मुद्दे को लेकर सख्त चेतावनी दी है। इसी रविवार को इमरान खान ने दुनिया के 57 इस्लामिक देशों के संगठन 'इस्लामिक सहयोग संगठन' की बैठक बुलाई थी, इस दौरान ओआईसी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर इमरान खान को चेतावनी दी है।

इमरान सरकार को चेतावनी
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के रिपोर्टर अमर मसूद ने दावा किया है कि, इस्लामाबाद में हुए इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक के दौरान इमरान खान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वो भूल से भी कश्मीर मुद्दे का जिक्र नहीं करें। पाकिस्तानी पत्रकार ने दावा किया है कि, ओआईसी ने पाकिस्तान नेतृत्व को सख्ती से कह दिया था कि, ओआईसी की बैठक के दौरान कश्मीर मुद्दे को किसी भी रूप में न छूएं।'' पाकिस्तानी पत्रकार का कश्मीर मुद्दे को लेकर ये बहुत बड़ा दावा है, क्योंकि पिछले दिनों मोदी सरकार ने ओआईसी को साफ तौर कर कहा था कि, कश्मीर के मुद्दे को अपने मंच पर नहीं उठाएं और अब पाकिस्तानी पत्रकार ने कुछ ऐसा ही दावा कर दिया है।

'पाकिस्तान में बैठक, कश्मीर मुद्दा नहीं'
पाकिस्तानी पत्रकार ने कहा है कि, ये ताज्जुब की बात है कि, इस्लामिक देशों की बैठक पाकिस्तान की राजधानी में हो रही थी और पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े कश्मीर मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया। पत्रकार अमर मसूद ने दावा किया है कि, ओआईसी की बैठक का मुख्य उद्येश्य पाकिस्तान चंदा वसूलने के लिए रकना चाहता था, लेकिन इमरान खान के भीख का कटोरा खाली रह गया। उन्होने कहा कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी के लिए ये एक कूटनीतिक शर्मिंदगी की बात है, कि वो कश्मीर का जिक्र तक इस्लामिक देशों के सामने नहीं कर पाए।

'भूल से भी नहीं ले कश्मीर का नाम'
पाकिस्तानी पत्रकार ने दावा किया है कि, ओआईसी विदेश मंत्रियों की बैठक पाकिस्तान ने बुलाई थी, लेकिन उसमें सिर्फ 12 मुस्लिम देशों के ही विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि बाकी देशों ने अपने विदेश विभाग के छोटे अधिकारियों को बैठक में भाग लेने के लिए भेज दिया, जबकि पांच मुस्लिम देशों के विदेश मंत्री पाकिस्तान नहीं आकर भारत चले गये। उन्होंने कहा कि, हमने अफगानिस्तान के मुद्दे पर बहस की, हमने अफगानिस्तान के लिए चंदा इकट्ठा करना चाहा, और उसके बाद ये सख्ती से मना था, कि उस इस्लामिक विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कोई आदमी, गलती से भी, भूल के भी, कश्मीर के मसले का जिक्र ना करे।
सऊदी अरब-यूएई का कश्मीर पर रूख
आपको बता दें कि, दो प्रमुख इस्लामिक देश, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अब कश्मीर का जिक्र तक करना बंद कर दिया है, वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने तो कश्मीर में एक मेगा प्रोजेक्ट में अरबों रुपये का करार भी किया है। वहीं, सितंबर महीने में यूनाइटेड नेशंस की बैठक के दौरान भी यूनाइटेड नेशंस असेंबली में कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को सिर्फ तुर्की का साथ मिला था और यूएन के मंच पर किसी भी दूसरे इस्लामिक देश ने कश्मीर मुद्दे को उठाने से मना कर दिया था।

ओआईसी को मोदी सरकार ने दी थी चेतावनी
आपको बता दें कि, इसी साल जुलाई महीने में कश्मीर मुद्दे पर इस्लाम और इस्लामिक सहयोग संगठन के जरिए घेरने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान को लेकर भारत ने बेहद सख्त रूख अपनाया था। भारत ने सीधे तौर पर इस्लामिक संगठन को चेतावनी दी थी, कि वो पाकिस्तान के स्वार्थ के चक्कर में भारत के खिलाफ ना जाएं। भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन को दो टूक कहा था कि पाकिस्तान इस्लाम का ज्ञान देकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है और इस संगठन को भारत के खिलाफ बयान देने से बचना चाहिए। दरअसल, इस्लामिक संगठन ने 5 जुलाई को कश्मीर में एक टीम भेजने की बात की थी, जिसको लेकर भारत ने बेहद सख्त रूख अपनाते हुए ओआईसी को चेतावनी जारी की थी। ऐसे में पाकिस्तान के पत्रकार का ये दावा बहुत बड़ा हो जाता है कि, इस्लामिक संगठन ने कश्मीर मुद्दा उठाने से पाकिस्तान सरकार को रोक दिया।












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