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Pak Jailbreak: पाकिस्तान में जेल तोड़कर भागे खूंखार कैदी, भूकंप का उठाया फायदा, वीडियो वायरल

Pak Jailbreak: पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में कम तीव्रता वाले तीन भूकंप के झटके महसूस किए, इनकी तीव्रता 3.2 और 3.6 के बीच थी, जिनका केंद्र लैंडही फॉल्ट क्षेत्र में था। लेकिन इन भूकंप के झटकों से कराची स्थित मलिर जेल की दीवारों में दरारें आ गईं और ये दीवारें आंशिक रूप से ढह गईं, जिससे बड़ी तादाद में मलिर जेल से कैदी भाग निकले।

गार्डों पर किया हमला, छीनीं बंदूकें

शुरुआती खबरों में यह बताया गया कि कैदी जेल के मैन से भाग निकले, लेकिन बाद की जांच में पुष्टि हुई कि उन्होंने भूकंप के कारण दीवार टूटने का फायदा उठाया। भूकंप के दौरान सुरक्षा कारणों से 600 से 1,000 कैदियों को उनकी बैरकों से बाहर निकाला गया था, लेकिन जैसे ही दहशत फैली, कैदियों ने सुरक्षा में तैनात गार्डों पर हमला कर दिया और जबरन बाहर निकल गए।

Pak Jailbreak

एक कैदी की मौत, तीन जवान घायल

इस दौरान कैदियों ने हथियार छीन लिए और गोलीबारी शुरू कर दी। जेल के अंदर और बाहर भारी गोलीबारी की सूचना मिली, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। हिंसा में एक कैदी मारा गया, जबकि तीन फ्रंटियर कोर (FC) के जवान और एक जेल गार्ड घायल हो गए।

हाईवे बंद, गांव किए सील

अधिकारियों ने नेशनल हाईवे सहित कई रास्तों को बंद कर दिया, क्योंकि पुलिस और रेंजर्स ने जेल के चारों ओर घेराबंदी कर दी। एसएसपी मलिर जेल काशिफ आफताब अब्बासी ने पुष्टि की कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आगे की भगदड़ को रोकने के लिए पास की बस्तियों, नेशनल हाईवे और गांवों को तुरंत सील कर दिया।

216 कैदी भागे, 80 वापस पकड़े

कुछ ही घंटों में, 216 भागे हुए कैदियों में से 80 को फिर से पकड़ लेने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन 135 कैदी अभी भी फरार हैं। कराची की घनी शहरी बस्ती के कारण चल रहे सर्च ऑपरेशन में भी मुश्किलें आ रही हैं। दूसरी तरफ अधिकारियों ने कहा है कि सभी भगोड़ों को पकड़ने में हफ्तों लग सकते हैं।

खूंखार कैदी भी भागे

सूत्रों के मुताबिक मलिर जेल में नशीली दवाओं से जुड़े मामलों में शामिल कैदियों की एक बड़ी संख्या थी, और भागने वालों में मुख्य रूप से नशीली दवाओं के अपराधी और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर व्यक्ति शामिल थे। इन कैदियों को, समूह बनाकर वारदात को अंजाम करने वाले हिंसक अपराधियों के साथ मिला दिया गया था। लिहाजा उनको पहचानना बाकी कैदियों की तुलना में आसान है।

मस्जिदों से किए ऐलान

इधर मलिर इलाके की सभी मस्जिदों से ऐलान किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों से भागे हुए कैदियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में मदद करने की अपील की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीआईजी जेल हसन साहेतु और डायरेक्टर जनरल रेंजर्स सिंध, मेजर जनरल मुहम्मद शमरेज ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सुविधा का दौरा किया।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में जरूर बताएं।

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