Pahalgam Attack Update: भारत के एक्शन से बौखलाया Pakistan! भारतीयों को देश छोड़ने का फरमान, वीजा रद्द
Pahalgam Attack Update: भारत में हुए दर्दनाक पहलगाम आतंकी हमले में जब 26 मासूम जिंदगियों को खत्म कर दिया गया, तो पूरा देश गुस्से में था। जवाब भी उसी अंदाज़ में दिया गया - सिंधु जल संधि निलंबित कर दी गई, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द हुए और अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया गया। लेकिन अब पाकिस्तान ने भी अपनी 'दिखावटी' ताकत दिखाते हुए भारतीय नागरिकों के वीजा निलंबित (Pakistan Suspends Visas) कर दिए हैं और उन्हें देश छोड़ने को कहा है।
पाकिस्तान के इस जवाबी एक्शन से एक बात साफ है - जब सच्चाई से नज़रें चुरानी हों, तो सबसे आसान तरीका है शोर मचाना। यही काम इस्लामाबाद ने किया। हवाई क्षेत्र बंद किया, व्यापार तोड़ा और भारत की एयरलाइनों पर पाबंदी लगा दी। बिलकुल वैसा ही जैसे चोर पकड़े जाने पर चौकीदार को धमकी दे! लेकिन असली सवाल ये है - क्या ये कदम उस दर्द का जवाब हैं, जो एक पर्यटक, एक नवविवाहित जोड़ा या एक गाइड ने झेला, जिन्हें सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो कश्मीर में थे?

पाकिस्तान की दोहरी चाल: आतंक भेजो, फिर नैतिकता की बात करो?
सवाल ये है कि जब आतंकी पहलगाम की वादियों में टूरिस्ट्स को निशाना बना रहे थे, जब एक नौसेना अफसर की हनीमून ट्रिप लाश में बदली जा रही थी, जब एक टूर गाइड के घर में रोटी कमाने वाला चला गया, तब पाकिस्तान की अंतरात्मा कहां थी? अब जब भारत ने पानी की धार मोड़ दी और 'वीजा' को हथियार बनाया, तो इस्लामाबाद नैतिकता की दुहाई देने लगा!
इस्लामाबाद का ऐलान: 'भारतीय वापस जाएं'
- पाकिस्तान सरकार की घोषणा- 'भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने के आदेश।'
- 'भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद।'
- 'भारत के साथ सभी प्रकार का व्यापार ठप।'
- 'भारतीय राजनयिकों की संख्या घटाकर 30।'
- यानी आतंक के जवाब में भारत ने पानी रोका - और पाकिस्तान ने प्यास से डरकर दरवाजा बंद कर दिया।
'यह युद्ध की कार्रवाई है' - पाकिस्तान की चीख
सिंधु जल संधि को स्थगित करने पर पाकिस्तान तिलमिला उठा। उसने कहा, 'अगर पानी रोका गया, तो यह युद्ध माना जाएगा!' पर यह बात वही पाकिस्तान कह रहा है जो लश्कर, जैश और हिज़बुल को अपने आंगन में पालता है - जहां बंदूकें उगाई जाती हैं और बारूद बोया जाता है।
भारत के सुरक्षाबलों का जवाब: 'हम उन्हें धरती के अंत तक खोजेंगे!'
- प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा- 'जो आतंक लाए हैं, उन्हें कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी।'
- 'भारत की आत्मा को तोड़ने का दुस्साहस किया गया है - और उसका जवाब हर मोर्चे पर मिलेगा।'
हमलावरों का क्या हुआ?
तीन हमलावरों की पहचान हो चुकी है, जिनमें दो पाकिस्तानी और एक स्थानीय कश्मीरी है। अब तक, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। इनपर ₹20 लाख का इनाम घोषित है। करीब 1,500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
आतंक की आग में अब वीज़ा भी जलेगा!
अब पाकिस्तान कहता है कि भारत का हर कदम गैरकानूनी है। पर क्या आतंक की आग में संवैधानिक कागज़ जलते नहीं हैं? क्या 'संधि' सिर्फ तब तक होती है, जब तक खून नहीं बहाया जाता?
'बंदूक से गोली निकलती है, पर पानी से इतिहास लिखा जाता है'
कभी अटारी-वाघा सीमा पर दोस्ती की मोमबत्तियां जलती थीं। आज वहीं सरहद की सलाखें चमक रही हैं, और जंग की आवाज पानी में गूंज रही है। कहते हैं, बंदूक से गोली निकलती है, पर पानी से इतिहास लिखा जाता है - और भारत अब इतिहास बदलने की ठान चुका है।












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