पहलगाम हमले का आसिम मुनीर से क्या है कनेक्शन? जयशंकर ने PAK फील्ड मार्शल को दुनिया के सामने किया बेनकाब
Pahalgam Attack: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाने के लिए यूरोप दौरे पर हैं। इस दौरान जयशंकर ने विदेशी मीडिया के सामने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पहलगाम आतंकी हमले के बीच के कनेक्शन को उजागर कर दिया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आसिम मुनीर का कश्मीर के पहलगाम हमले का सीधा संबंध बताया है। उन्होंने कहा, "फील्ड मार्शल आसिम मुनीर धार्मिक कट्टरपंथी है और पहलगाम आतंकी हमला उसकी इसी कट्टरपंथी सोच का नतीजा है। जयशंकर ने बताया पहलगाम आतंकी हमले के कुछ दिन पहले कट्टरपंथी आसिम मुनीर ने पाकिस्तान में एक कार्यक्रम में सांप्रदायिक जहर उगला था। जिसके कुछ दिन बाद ही पहलगाम हमले में 26 लोगों का धर्म पूछ कर उनकी हत्या कर दी गई।

क्यों करवाया गया पहलगाम में आतंकी हमला?
बता दें विदेश मंत्री नीदरलैंड, डेनमार्क और जर्मनी में छह दिवसीय दौरे पर निकले हैं। नीदरलैंड्स के सरकारी ब्रॉउकास्टर एओए को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा " पहलगाम में 26 पर्यटकों की उनके परिवार वालों के सामने हत्या धार्मिक कलह पैदा करने के लिए की गई थी और कश्मीर की स्थानीय व्यापार, पर्यटन को बाधित करना था।"
पहलगाम हमले का आसिम मुनीर से क्या है कनेक्शन?
जयशंकर ने जोर देकर कहा, "इस हमले में धार्मिक कट्टरता शामिल थी इसे समझने के लिए आपको यह देखना होगा कि पाकिस्तानी पक्ष में, उनका नेतृत्व, खास तौर पर उनके सेना प्रमुख मुनीर है जो धार्मिक कट्टरपंथी हैं इसलिए, जाहिर है कि उनके विचारों और फिर उनके कार्यों के बीच कुछ संबंध है।"
विदेश मंत्री ने खोला ये राज
जयशंकर ने कहा "हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादियों की पहचान कर ली है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट नामक समूह ने इस भयावह कृत्य की खुलेआम जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि यह संगठन कुछ समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है और पिछले कुछ वर्षों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति को इसकी सूचना दी गई थी। Pahalgam Attack: एक महीने बाद भी पहलगाम हमलावरों का सुराग नहीं, क्या-क्या हुआ रिपोर्ट में पढ़ें
पहलगाम हमले से पहले आसिम मुनीर ने क्या दिया भाषण?
बता दें 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले से पहले पाकिस्तान सेना का चीफ आसिम मुनीर ने 16 अप्रैल को इस्लामाबाद में एक सम्मेलन के दौरान एक भाषण दिया था। जिसमें उसने कशमीर को पाकिस्तान की "गले की नस" बताया था। इस सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रवासी भी शामिल हुए थे।
मुनीर ने पाकिस्तान के फाउंटर मोहम्मद अली जिन्ना के विभाजनकारी दो-राष्ट्र सिद्धांत का जोश से हवाला दिया था। मुनीर ने कहा था, "हमें अपने बच्चों को कहानी सुनानी चाहिए ताकि वे ये कभी न भूले कि हमारे पूर्वजों ने हर स्तर पर हिंदुओं से हमें अलग समझा था।...हमारे विचार अलग हैं हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं, हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं।" Pahalgam Attack: संकट में पहलगाम! पर्यटन ठप, रोजगार बर्बाद, स्थानीय लोग बेहाल, जीवन हुआ मुश्किल












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