कोरोना काल में दुनिया होती रही कंगाल, अमीरों ने खूब बनाया माल, 62 फीसदी संपत्ति पर 1% लोगों का कब्जा
रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनाकाल अमीरों के लिए खास तौर पर फायदेमंद रहा है। अमीरों की संपत्ति में साल 2022 के दौरान तेजी से बढ़ोतरी हुई।

File Image: PTI
दुनिया भर में अमीर और गरीब की खाई बढ़ती ही जा रही है। अमीर और ज्यादा अमीर, गरीब और तेजी से गरीब होते जा रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ भारत में है बल्कि लगभग पूरी ही दुनिया ऐसी स्थितियों से गुजर रही है। ऑक्सफैम की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 2020 से लेकर 2022 खत्म होने तक कुल 42 ट्रिलियन संपत्ति कमाई गयी है लेकिन करीब दो तिहाई संपत्ति को महज 1 फीसदी अमीरों ने हड़प लिया है।

99 फीसदी लोगों ने कमाए 16 ट्रिलियन डॉलर
Oxfam ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान अपनी वार्षिक असमानता रिपोर्ट जारी की है। ‘सरवाइवल ऑफ द रिचेस्ट' नाम की इस रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान दुनिया की कुल कमाई में से 26 ट्रिलियन यूएस डॉलर आमदनी पर कब्जा महज 1 प्रतिशत अमीरों का रहा, जबकि दूसरी ओर 99 फीसदी लोगों के हिस्से में मात्र 16 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति नसीब हुई।

5% टैक्स से 2 अरब लोगों की गरीबी मिटेगी
इस नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अरबपतियों की संपत्ति प्रतिदिन 2.7 अरब डॉलर बढ़ रही है, जबकि कम से कम 1.7 अरब कर्मचारी अब उन देशों में रहते हैं जहां मुद्रास्फीति की दर वेतन में वृद्धि से अधिक है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के आधे अरबपति ऐसे देशों में रह रहे हैं जहां उनके वारिसों के लिए कोई विरासत कर नहीं है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के अमीरों पर 5 फीसदी टैक्स लगाने से एक साल में करीब 1.7 लाख करोड़ रुपए इकट्ठे किए जा सकते हैं, जो कि दुनिया के करीब 2 अरब लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त हैं।

अमीरों के लिए फायदेमंद रहा कोरोनाकाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 25 सालों में अमीरों और गरीबों के बीच में असमानता की खाई ज्यादा गहरी हुई है। जहां एक आम आदमी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में रोजाना बलिदान दे रहा है, वहीं अमीर लोग दिनों दिन अमीर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनाकाल अमीरों के लिए खास तौर पर फायदेमंद रहा है। अमीरों की संपत्ति में साल 2022 के दौरान तेजी से बढ़ोतरी हुई। इसकी वजह बढ़ती महंगाई और ऊर्जा क्षेत्र से मिलने वाला मुनाफा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते साल 95 फीसदी खाद्य और उर्जा कंपनियों ने दोगुने से भी ज्यादा मुनाफा कमाया है।

नए टैक्स जोड़ने से दुनिया को फायदा
दावोस में अल जजीरा से बात करते हुए, ऑक्सफैम के कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने रिपोर्ट के निष्कर्षों को चौंकाने वाला बताया और कहा कि "यह शर्मनाक है कि दुनिया के एक प्रतिशत लोग पूरे 99 प्रतिशत संयुक्त धन का दोगुना धन ले रहे हैं।" उन्होंने कहा "हम जिस टैक्स को लागू करने की मांग कर रहे हैं वह भारत या नाईजीरिया जैसे देशों में बेहद अहम हो सकता है। इन देशों में नए टैक्स से एक महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। इससे स्वास्थ्य और शिक्षा में अधिक निवेश हो सकता जो सभी के लिए मायने रखती हैं।"












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