Oreshnik Missile:13000Km की स्पीड, 15 मिनट में यूक्रेन साफ, ओरेशनिक मिसाइल से रूस ने भेजा NATO को विनाशक संदेश
Oreshnik Missile Attack On Ukraine: रूस ने 21 नवंबर की सुबह पूर्वी यूक्रेन के नीपर में पीए पिवडेनमाश सुविधा पर "ओरेशनिक" मध्यम दूरी की मिसाइल से हमला कर अमेरिका और NATO को साफ संदेश दे दिया है, कि यूक्रेन अगर रूस के अंदर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला करता है, तो वो यूक्रेन का सफाया कर देगा।
यूक्रेन के खिलाफ इस्तेमाल किए गये रूस के इस मिसाइल को लेकर दुनिया अभी तक अंजान थी और पश्चिमी दुनिया को पता भी नहीं था, कि रूसी तरकश में ये तबाही मचाने वाली मिसाइल भी है। रूस इस मिसाइल के जरिए महज 15 मिनट में यूक्रेन को दुनिया के नक्शे से मिटा सकता है, क्योंकि ये मिसाइल, परमाणु बम बरसाने के जरिए बनाई गई है।

नाटो और अमेरिका को एडवांस चेतावनी
21 नवंबर को एक ब्रीफिंग में अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है, कि "रूस ने हमले से पहले अमेरिका को द्निप्रो पर मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल हमले की पहले ही चेतावनी दे दी थी।" रक्षा विभाग की उप प्रवक्ता सबरीना सिंह ने कहा, कि "परमाणु जोखिम न्यूनीकरण चैनलों के माध्यम से प्रक्षेपण से पहले, अमेरिका को संक्षिप्त जानकारी दी गई थी।"
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी इस मिसाइल के टेस्ट से 30 मिनट पहले भेजी गई चेतावनी की पुष्टि की है। अमेरिका ने पहले यूक्रेन और उसके सहयोगियों को सचेत किया था, कि रूस इस तरह की प्रायोगिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, रूस ने परमाणु जोखिम-घटाने वाले चैनलों के माध्यम से मिसाइल के उड़ान भरने से कुछ समय पहले ही अमेरिका को इस मिसाइल के टेस्ट को लेकर जानकारी दे दी थी। रूसी मिसाइल को कैस्पियन सागर के पास अस्त्राखान क्षेत्र से लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर मध्य यूक्रेन को निशाना बनाकर चल रहे मिसाइल और ड्रोन हमले के बीच में लॉन्च किया गया था।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कीव इंडिपेंडेंट को पुष्टि की है, कि अमेरिका ने हमले से पहले कीव को चेतावनी दी थी, कि इस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ किया जा सकता है।
ओरेशनिक मिसाइल का इतिहास
यह अनुमान लगाया जा रहा है, कि ओरेशनिक एक मोबाइल, ठोस ईंधन वाली मिसाइल है जिसकी रेंज 2500 से 3000 या फिर 5 हजार किलोमीटर के बीच हो सकती है। यह MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल्स) से लैस है, जो हाइपरसोनिक (मैक 10) गति से यात्रा करने में सक्षम है। यानि, आवाज की रफ्तार से 10 गुना ज्यादा तेज की रफ्तार से ये मिसाइल हमला करने में सक्षम है।
यूएस डिफेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक, ओरेशनिक मिसाइल RS-26 रुबेज डिजाइन पर आधारित है। RS-26 एक ठोस ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जो RS-24 यार्स ICBM का व्युत्पन्न है। इसकी सीमा 2,000 से 6,000 किलोमीटर के बीच है। हालांकि, कुछ डिफेंस एक्सपर्ट का दावा है, कि मिसाइल की रफ्तार करीब 15 हजार किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
RS-24 MIRV या एवांगार्ड हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल ले जाने में सक्षम है।
रूस वर्तमान में अपनी हाइपरसोनिक MIRV क्षमता के लिए एवांगार्ड हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल पर निर्भर है। एवांगार्ड को मिसाइल रक्षा से बचने के लिए चकमा देने वाले युद्धाभ्यास करते हुए मैक 20 तक की गति से परमाणु या पारंपरिक पेलोड पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी लचीलापन और गति, इसे रूस की हाइपरसोनिक रणनीति का एक प्रमुख तत्व बनाती है।
RS-26 ने 2011 से 2015 के बीच कई सफल परीक्षण किए हैं। संभावित तैनाती के लिए तैयार होने के बावजूद, मिसाइल को रूस के 2018-2027 के राज्य आयुध कार्यक्रम से बाहर रखा गया था। RS-26 की वर्तमान स्थिति ज्ञात नहीं है।
यह संभव है, कि 2019 में INF संधि से अमेरिका के हटने के बाद रूस के रणनीतिक और मध्यम-श्रेणी की प्रणालियों पर बढ़ते ध्यान को देखते हुए, RS-26 को अब ओरेशनिक के रूप में फिर से तैयार किया गया हो।

सोवियत RSD-10 पायनियर वेरिएंट?
कुछ अटकलें ऐसी हैं, कि ओरेशनिक सोवियत RSD-10 पायनियर (NATO द्वारा दिया गया नाम: SS-20 सेबर) IRBM का आधुनिक वेरिएंट है। 1970 के दशक में विकसित, RSD-10 मिसाइल क्षमताओं ने मध्यम दूरी के परमाणु बलों (INF) को सीमित करने के लिए सोवियत संघ के साथ एक संधि पर बातचीत करने के लिए पश्चिम को समझाने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
1987 में INF संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद, संधि का पालन करने के लिए पायनियर को सेवा से हटा लिया गया था। कथित तौर पर पायनियर मिसाइल की रेंज 6000 किमी थी।
पायनियर एक दो-चरणीय ठोस-प्रणोदक मिसाइल थी, जिसे सड़क-मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) से लॉन्च किया गया था। यह 1,600 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकता था या 1-मेगाटन वारहेड से लैस हो सकता था। बाद के वेरिएंट में तीन 150-किलोटन परमाणु वारहेड के साथ एक MIRV कॉन्फ़िगरेशन था।
यह सुझाव दिया गया है, कि 2019 में INF संधि से अमेरिका के हटने और यूरोप और एशिया में मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलों को तैनात करने की अमेरिकी योजना ने, रूस को ओरेशनिक मिसाइल विकसित करने के लिए उकसाया।
हालांकि, ओरेशनिक ने पायनियर को पहले सौंपी गई भूमिका को संभाला है, लेकिन यह संभावना नहीं है, कि ओरेशनिक सोवियत युग की मिसाइल का आधुनिक संस्करण है।
इस बात के कोई सबूत नहीं हैं, कि पायनियर का कभी भी एवांगार्ड के साथ टेस्ट किया गया हो, या यह एवांगार्ड को ले जा भी सकता हो। इस लिहाज से, यह समझना महत्वपूर्ण है कि रूस ने मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए हाइपरसोनिक वारहेड्स पर स्विच किया है। हालांकि, रूस हाइपरसोनिक उड़ान में सक्षम वारहेड्स विकसित नहीं करता है। इसके बजाय, यह एवांगार्ड हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन का उपयोग करके वारहेड्स डिलीवर करता है।

पुतिन ने NATO को क्या चेतावनी दी है?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक टेलीविजन स्पीच में ओरेशनिक मिसाइल हमले को इस नई मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण बताया। पुतिन ने कहा, कि यह हमला यूक्रेन द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में रूसी क्षेत्र पर अमेरिकी और ब्रिटिश निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल के प्रतिशोध में किया गया था।
यह हमला यूक्रेन में एक सुविधा को लक्षित करके किया गया था, जहां अमेरिका ने छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइल बनाने की योजना बनाई थी। पुतिन ने इसके अलावा भी कुछ चेतावनियां दी हैं।
- रूस खुद को उन देशों की सुविधाओं के खिलाफ हथियारों का उपयोग करने का हकदार मानता है, जो अपने हथियारों को रूसी सुविधाओं के खिलाफ इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं।
- रूस निर्णायक रूप से और उसी तरह से जवाब देगा।
- रूसी हमले का लक्ष्य डेनेप्रोपेट्रोव्स्क में एक सैन्य-औद्योगिक सुविधा थी, जिसे सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।
- मिसाइल मैक 10 तक की गति से यात्रा करती है, जिससे मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम्स के लिए इसे रोकना असंभव हो जाता है, जिसमें यूरोप में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बनाए गए सिस्टम भी शामिल हैं।
- मिसाइल की अजेयता को देखते हुए, रूस भविष्य में हमलों से पहले "मानवीय कारणों" से ओरेशनिक मिसाइल हमसे से पहले नागरिकों और अपने दोस्त देशों के नागरिकों को चेतावनी जारी करेगा।
ओरेशनिक हमले की प्रभावशीलता का अभी आकलन किया जाना बाकी है। हालांकि, संदेश जोरदार और स्पष्ट है। मॉस्को स्थित सेंटर फॉर एनालिसिस ऑफ स्ट्रैटेजीज एंड टेक्नोलॉजीज के प्रमुख रुस्लान पुखोव के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने मिसाइल हमले के जरिए एक बहुत शक्तिशाली संदेश भेजा है। उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही सोची-समझी चाल है, क्योंकि इसके लिए अमेरिका की तरफ से जवाबी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।"
वास्तव में, ओरेशनिक हमला अमेरिका को भड़काने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि यह उसे फिर से सोचने के लिए टेतावनी दी गई है, कि वो यूक्रेन को रूस के अंदर लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के इस्तेमाल की मंजूरी को वापस ले। संदेश यह है, कि रूस के पास जवाबी कार्रवाई करने की ताकत है और स्थिति को और खराब न करना ही समझदारी है।












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