क्रिसमस से पहले लौटा लॉकडाउन, डेनमार्क में पसरा सड़कों पर सन्नाटा, ब्रिटेन में प्रधानमंत्री करेंगे फैसला
ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रसार के बीच लॉकडाउन वापस आ गया है। नीदरलैंड ने देश में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है, जबकि ब्रिटेन में लॉकडाउन लगाने पर विचार चल रहा है।
नई दिल्ली, दिसंबर 21: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रसार के साथ ही एक बार फिर दुनिया लॉकडाउन और प्रतिबंधों की तरफ लौटने लगी है। दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरिएंट पहले ही भारी संख्या में लोगों को संक्रमित कर रहा है, तो डेनमार्क में लोगों की जिंदगी बचाने के लिए सख्त लॉकडाउन जैसे हालात हैं, वहीं ब्रिटने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन लॉकडाउन के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन कैबिनेट मंत्रियों ने धमकी दी है, कि अगर देश में लॉकडाउन लगाया जाता है, तो वो इस्तीफा देना शुरू कर देंगे।

ओमिक्रॉन से दहशत में दुनिया
कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन संस्करण के तेजी से प्रसार ने दुनिया को दहशत से जकड़ लिया है। क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया भर की सरकारों ने प्रतिबंध और लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ, जिन्होंने सबसे पहले कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाया था, उन्होंने कहा है कि, जिन लोगों ने कोरोना वायरस टीका नहीं लगाया है, वैसे लोग ओमिक्रॉन वेरिएंट से काफी सीरियस बीमार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि, दक्षिण अफ्रीका में जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लिया है, ऐसे 10 लोगों में से 9 को आईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। डॉ एंजेलिक कोएत्जी की चेतावनी के बाद पूरी दुनिया दहशत में है।

नीदरलैंड में लगा लॉकडाउन
क्रिसमस समारोहों के दौरान ओमिक्रॉन संस्करण के प्रसार को रोकने के लिए नीदरलैंड सरकार ने शनिवार से देश में लॉकडाउन लगा दिया है। नीदरलैंड की प्रधानमंत्री मार्क रूट ने शनिवार शाम को देश में तालाबंदी की घोषणा की है और कम से कम 14 जनवरी तक सभी आवश्यक दुकानों, साथ ही साथ रेस्तरां, हेयरड्रेसर, जिम, संग्रहालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों को बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, सरकार के इस फैसले का देश में भारी विरोध भी किया जा रहा है और रॉटरडैम शहर में करीब एक हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया है। वहीं, समाचार एजेंसी एएनपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की टीम पर हमला करने वाले और बोतलें फेंकने वाले कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

वॉशिंगटन में मॉस्क जरूरी
नीदरलैंड में एक तरफ जहां लॉकडाउन लगा दिया गया है, वहीं, अमेरिका में वाशिंगटन डीसी के मेयर म्यूरियल ने इनडोर मास्क को फिर से सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त टीकाकरण की भी घोषणा की गई है। अगले साल 31 जवनवरी तक लोगों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई हिस्से में ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलने के बाद अमेरिका में एक बार फिर से सख्ती बरती जा रही है। अमेरिका में पिछले हफ्ते के मुकाबले देश में कोरोना के नये मामले 73 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुके हैं और सीडीसी ने कहा कि, पिछले एक हफ्ते में अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों में 6 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

रद्द किए गये दर्जनों कार्यक्रम
नए वेरिएंट के तेजी से प्रसार को ध्यान में रखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा कि, "जीवन खत्म हो जाए, उससे बेहतर है कि कई कार्यक्रम रद्द जाए।" इसके साथ ही उन्होंने दुनियाभर की सरकारों से कठोर फैसले करने की अपील की है और कहा है कि, कार्यक्रमों को रद्द करना बेहतर है, कि लोगों को नुकसान हो। उन्होंने बताया कि सबूत बताते हैं कि ओमिक्रॉन डेल्टा संस्करण की तुलना में तेज गति से फैल रहा है।

ब्रिटेन का लॉकडाउन लगाने से इनकार नहीं
वहीं, यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि सरकार को क्रिसमस से पहले ओमिक्रॉन मामलों में वृद्धि के मद्देनजर देश में नए कोविड नियमों को लागू करना जरूरी है और उन्होंने कहा कि, हम किसी भी तरह के कदम उठाने से इनकार नहीं करेंगे, उनका ये इशारा देश में लॉकडाउन को लेकर पूछे गये सवाल पर था। यूनाइटेड किंगडम में सोमवार को कुल 91 हजार 743 कोरोना वायरस के नये मामले दर्ज किए गये हैं। हालांकि, ब्रिटेन के कुछ कैबिनेट मिनिस्टर्स ने लॉकडाउन लगाने की संभावनाओं का भी सख्त विरोध किया है और कहा है कि, अगर प्रधानमंत्री लॉकडाउन लगाते हैं, तो वो कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे।

इजरायल का कनाडा-अमेरिका पर ट्रैवल बैन
ओमिक्रॉन वेरिएंट के तेजी से प्रसार के साथ ही इजरायल के मंत्रियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और आठ अन्य देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के कार्यालय ने कैबिनेट के फैसले के बाद अमेरिका और कनाडा पर ट्रैवल बैन लगा दिया है। इजराइल में बढ़ते कोरोनावायरस संक्रमण के बीच अमेरिका को रेड-लिस्ट में डालने का दुर्लभ कदम उठाया है और कोरोना महामारी के बीच देशों के बीच घनिष्ठ राजनयिक संबंधों के बीच बदलाव का संकेत देखा जा रहा है।












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