दुनिया में भयावह तरीके से फैला ओमिक्रॉन, यूरोपीय देशों में जानलेवा रफ्तार से हड़कंप, घुटनों पर अमेरिका
पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट खतरनाक तरीके से फैल गया है और यूरोपीय देशों में हर दिन रिकॉर्ड नंबर पर में मरीज मिल रहे हैं, तो अमेरिका में वायरस को लेकर जानलेवा कनफ्यूजन फैला है।
वॉशिंगटन, दिसंबर 29: कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी तेजी के साथ पूरी दुनिया को अपनी आगोश में ले रहा है और इसकी रफ्तार क्या है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि, अमेरिका भी कन्फ्यूज हो गया है, कि वो वायरस के इस वेरिएंट को लेकर क्या गाइडलाइंस बनाए। ओमिक्रॉन वेरिएंट, पिछले डेल्टा वेरिएंट की तुलना में काफी ज्यादा संक्रामक है, और एक बार फिर से लोगों ने फिर खुद को प्रतिबंधित करने के लिए मजबूर किया है, जबकि दुनिया 2022 का स्वागत करने के लिए तैयार है।

यूरोप में रिकॉर्ड बनाता ओमिक्रॉन
ओमिक्रॉन वेरिएंट ने एक बार फिर से यूरोपीय देशों को बुरी तरह से परेशान करना शुरू कर दिया है। फ्रांस में एक दिन में एक लाख 79 हजार 807 मामले दर्ज किए गये हैं, जो अपने आप में इस यूरोपीयन देश के लिए एक रिकॉर्ड है। फ्रांस में संक्रितों की ये संख्या उस वक्त भी दर्ज नहीं की गई थी, जब कोविड चीन से निकलकर सीधे फ्रांस पहुंचा था। अब इस बात की पूरी आशंका है कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट पूरी तरह से फ्रांस में फैल चुका है और फ्रांस के अलावा इटली, ग्रीस, पुर्तगास और इंग्लैंड में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी फैल चुका है और इन देशों में भी रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, इस बात की आशंका है कि, क्रिसमस औकर नये साल के मौके पर कोरोना वायरस संक्रमण का इन देशों में रॉकेट की रफ्तार से इजाफा होगा। वहीं, फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि, जनवरी में फ्रांस में हर दिन ढाई लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आ सकते हैं।

ब्रिटेन में हर दिन बनता नया रिकॉर्ड
फ्रांस के बाद ब्रिटेन भी कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से कराह रहा है और ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे के दौरान एक लाख 29 हजार 471 नये मामले दर्ज किए गये हैं। वहीं, मंत्रिमंडल के दवाब के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि, भले मामले कितने भी क्यों ना पढ़ जाएं, वो देश में नये प्रतिबंधों का इस्तेमाल नहीं करें। दरअसल, बोरिस जॉनसन क्रिसमस और नये साल के मौके पर देश में लॉकडाउन लगाना चाह रहे थे, लेकिन कैबिनेट मंत्रियों के दवाब की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाए। वहीं, देश के कुछ मंत्रियों ने लोगों से सावधानी के साथ क्रिसमस और नये साल पर जश्न मनाने को कहा है। ब्रिटेव में 24 दिसंबर को 1 लाख 22 मामले सामने आए थे।

अमेरिका में ओमिक्रॉन पर कनफ्यूजन
वहीं, ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कनफ्यूजन बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारी तय नहीं कर पा रहे हैं, कि देश में आइसोलेशन की सीमा रखे पांच दिनों का, या फिर 10 दिनों का रखा जाए। पिछले हफ्ते अमेरिका ने देश में बाहर से आने वाले यात्रियों, और पॉजिटिव लोगों के लिए 10 दिनों का आइसोलेशन की समय सीमा रखी थी, जिसे अब पांच दिनों का कर दिया गया है। वहीं, जब पांच दिनों के फैसले का विरोध होने लगा, तो फिर देश में 10 दिनों की क्वारंटाइन समय सीमा रेखा की जा सकती है। इसके साथ ही मौजूदा गाइडलाइंस के मुताबिक, क्वारंटाइन में गये लोग बिना कोविड टेस्ट कराए ही बाहर जा सकते हैं, यानि पॉजिटिव लोग भी बाहर जा सकते हैं। वहीं, अब अमेरिका में सवाल पूछे जा रहे हैं, कि क्वारंटाइन को लेकर ये नियम कि,सने बनाए हैं और इनमें कौन परिवर्तन कर रहा है।

डेल्टा को पीछे छोड़ेगा ओमिक्रॉन
इस वक्त दुनिया कोरोना वायरस के दो अलग अलग वेरिएंट में उलझी हुआ है। एक वेरिएंट, जिसने इसी साल अप्रैल और मई के महीने में भारत में कहर बरपाई थी, और दूसरा वेरिएंट ओमिक्रॉन वेरिएंट है। और अब धीरे धीरे डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले, ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि, ओमिक्रॉन का प्रभाव डेल्टा के मुकाबले कमजोर जरूर है, लेकिन ओमिक्रॉन के फैलने की रफ्तार इतनी ज्यादा है, कि इसका प्रभाव व्यापक हो सकता है। वहीं, पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रभाव को न्यूनतम रखने के लिए अलग अलग वैक्सीन और बुस्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।












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