ओमिक्रॉन से अमेरिका में हड़कंप, दक्षिण अफ्रीका में डरावनी स्थिति, शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया आगे क्या होगा?
ओमिक्रॉन वेरिएंट भविष्य में किस तरह का व्यवहार करने वाला है और दक्षिण अफ्रीका की वर्तमान स्थिति क्यों डरा रही है? शीर्ष वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन पर क्या कहा, जानिए।
नई दिल्ली, दिसंबर 21: पिछले दो सालों से पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है और इस वक्त कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी तेज रफ्तार से पूरी दुनिया में फैल रहा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि, विश्व के 90 से ज्यादा देशों में ओमिक्रॉन वेरिएंट फैल चुका है और अमेरिका में ओमिक्रॉन के साथ साथ डेल्टा वेरिएंट पहले से ही कहर बरपा रहा है। हालांकि, अब अमेरिका में ज्यादातर नये मामले ओमिक्रॉन वेरिएंट के ही मिल रहे हैं। लेकिन, ओमिक्रॉन वेरिएंट भविष्य में इंसानों के साथ कैसा व्यवहार करने वाला है? इस खतरनाक म्यूटेंट को लेकर इंसानों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इन सब सवालों को लेकर अमेरिका के कुछ टॉप संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण जवाब दिए हैं, जो आने वाले दिनों की तस्वीर पेश करती हैं।
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आगे किस तरह बढ़ेगा ओमिक्रॉन?
यूटा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डी स्टीफन गोल्डस्टीन ने 'सैलून' को बताया कि, "दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के आंकड़ों के आधार पर हम अगले कई हफ्तों में अमेरिका में मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि, "यह संभावना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का पीक अगले 2 महीने में आए।" वहीं, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय-सैन फ्रांसिस्को में संक्रामक रोग चिकित्सक और मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ मोनिका गांधी ने कहा कि, ओमिक्रॉन "काफी संक्रामक है और संक्रमण की एक नई लहर पैदा करेगा"।

90 प्रतिशत ओमिक्रॉन के मामले
डॉ. मोनिका गांधी का दावा इस वक्त अमेरिका के लिहाज से बिल्कुल सही लग रहा है। क्योंकि, अमेरिका के न्यूयॉर्क, दक्षिणपूर्व, औद्योगिक मिडवेस्ट और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट में अनुमानित 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन वेरिएंट जिम्मेदार है। वहीं, राष्ट्रीय दर से पता चलता है कि पिछले सप्ताह अमेरिका में 650,000 से ज्यादा ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले सामने आए हैं। वहीं, अमेरिका की सीडीसी के निदेशक डॉ रोशेल वालेंस्की ने कहा कि, ''नए आंकड़े दूसरे देशों में देखी गई वृद्धि को दर्शाते हैं।'' उन्होंने कहा कि, "ये संख्या निराशाजनक हैं, लेकिन आश्चर्यजनक नहीं हैं"।

न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों का विश्लेषण
न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि, उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जो बताते हैं कि ओमिक्रॉन सबसे अधिक फैलने वाला कोविड 19 वेरिएंट है, लेकिन न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी स्पष्ट नहीं हैं कि यह वेरिएंट कितना गंभीर है। न्यूजीलैंड ने ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच जनवरी से फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से देश की सीमा को फिर से खोलने पर जोर दिया है।

सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका का हाल
सिंगापुर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया है कि, पूरी तरह से टीका लगाने के बाद भी तीन लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव हुए हैं और जांच में पता चला है कि, तीन लोगों में से 2 में ओमिक्रॉन वेरिएंट मिला है। ऐसे में सिंगापुर में भी साफ हो चुका है कि, वैक्सीन ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन वेरिएंट से सुरक्षित नहीं हैं। सिंगापुर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाने के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन काफी नहीं हैं और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका में, जहां पहली बार 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान की गई थी, वहां ओमिक्रॉन के हजारों मरीज हर दिन मिल रहे हैं। और सबसे खतरनाक बात ये है कि, दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन नहीं लगाने वाले 10 मरीजों में से 9 मरीजों को आईसीयू में भर्ती होना पड़ रहा है, और धीरे धीरे पता चल रहा है कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट, जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लिया है, उनके लिए काफी ज्यादा खतरनाक है।

क्या हर किसी को होगा ओमिक्रॉन?
जॉन्स हॉपकिन्स सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अमेश अदलजा ने कहा, "हम सभी आज नहीं तो कल, ओमिक्रॉन वायरस से संक्रमित होने वाले हैं और हम सभी की मुलाकात इस वेरिएंट से होने वाली है''। उन्होंने कहा कि, "यदि आप सामाजिक जीवन जीते हैं और घर से बाहर निकलते हैं, तो फिर आपकी मुलाकात ओमिक्रॉन वेरिएंट से होनी ही होनी है, ऐसे में सवाल ये है कि आप किस तरह का जीवन जीने जा रहे हैं और आप जब ओमिक्रॉन का सामना करेंगे, तो आप खुद को कितना सुरक्षित रखते हैं और अभी तक हमारे पास जो तरीका है, खुद को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है, जल्द से जल्द वैक्सीनेशन। टीका लगाकर आप ओमिक्रॉन वेरिएंट से खुद को बचा सकते हैं''।

बाइडेन ने कहा, 'मौत की सर्दी'
अमेरिका के कई शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से जल्द से जल्द कोरोना वायरस वैक्सीन लेने का आग्रह किया है, जबकि, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने वैक्सीन नहीं लेने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि, ''आपके लिए आने वाली सर्दी या तो काफी ज्याजा सीरियस संक्रमण लेकर आने वाला है, या फिर मौत की सर्दी साबित होने वाली है''। अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि, नये साल में कोरोना वायरस काफी तेजी से अमेरिका में बढ़ेगा और ओमिक्रॉन के मामले नये-नये रिकॉर्ड बना सकते है, खासकर क्रिसमस की छुट्टियां खत्म होने के बाद स्थिति विकट हो सकती है।












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