Yusuf Dikec: क्या ओलंपियन यूसुफ डिकेक ने तलाक के बाद बदला लेने के लिए निशानेबाजी शुरू की? जानें अनकहे सच
Olympian Yusuf Dikec Profile: यूसुफ डिकेक का नाम तुर्की और निशानेबाजी के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। पेरिस ओलंपिक 2024 (Paris Olympics 2024) में उन्होंने 10 मीटर शूटिंग मिक्स्ड इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, वह भी बिना किसी ऑप्टिकल गैजेट्स इस्तेमाल के। आंखों में नॉर्मल चश्मा, कानों में ईयरफोन और जेब में हाथ। डिकेक ने कुछ इस अंदाज में निशाना लगाया, मानों जैसे उनके बांए हाथ का खेल है। उनके इस स्वैग ने हजारों दिलों के अलावा भारतीय अरबपति व्यवसायी व महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा का भी ध्यान अपनी ओर खींचा।
महिंद्रा ने यूसुफ की तारीफ करते हुए कहा कि स्वैग...इस खिलाड़ी हमें इसका मतलब समझा दिया। हालांकि, यूसूफ की गोल्ड मेडल जीतने की तमन्ना अभी अधूरी रह गई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया इंट्राग्राम में कहा कि मैंने अपने आखिरी क्षण तक संघर्ष किया, लेकिन मेरी इच्छा है कि मैं अपने देश के लिए स्वर्ण पदक ला सकूं, लेकिन अब हमने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है, हम इसे 2028 लॉस एंजिल्स में हासिल करेंगे। कौन हैं डिकेक? क्यों निशानेबाजी में रखा कदम? यहां जानें सबकुछ....

1 जनवरी, 1973 को तुर्की के कहरामनमारस (Kahramanmaraş) शहर के गोक्सुन जिले के तासोलुक गांव में जन्मे डिकेक ने अपनी शिक्षा की शुरुआत अपने स्थानीय गांव से की और फिर गोक्सुन में माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने 1994 में अंकारा में जेंडरमेरी के सैन्य स्कूल में दाखिला लिया, कॉर्पोरल के रूप में स्नातक किया और मार्डिन में सेवा की। सैन्य स्कूल में वापस लौटने और सार्जेंट के रूप में स्नातक होने के बाद, उन्हें अंकारा में जंदरमा गुकू स्पोर्ट्स क्लब में नियुक्त किए जाने से पहले इस्तांबुल में तैनात किया गया था।
दोनों आंखें खोलकर कर सकते हैं शूटिंग
तुर्की चैनल टीजीआरटी हैबर को दिए गए एक साक्षात्कार में डिकेक ने अपनी अनोखी शूटिंग तकनीक के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मेरी शूटिंग तकनीक दुनिया की दुर्लभ शूटिंग तकनीकों में से एक है। मैं दोनों आंखें खोलकर शूटिंग करता हूं। यहां तक कि रेफरी भी इससे हैरान रह जाते हैं।
क्या यूसुफ डिकेक ने तलाक के बाद निशानेबाजी की?
इस बीच, उनकी शैली और उनकी सफलता के पीछे के रहस्यों को लेकर कई बहसें छिड़ गई हैं। कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने यहां तक दावा किया कि डिकैक यूसुफ एक मैकेनिक थे और एक तलाक के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू कर दी। हालांकि, इन दावों को अन्य उपयोगकर्ताओं ने खारिज कर दिया, जिन्होंने बताया कि डिकैक तुर्की जेंडरमेरी के सेवानिवृत्त वरिष्ठ मास्टर सार्जेंट हैं और उन्होंने सैन्य स्कूल में पढ़ाई की है। सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने 2007 में हैदराबाद में सैन्य विश्व खेलों में भाग लेने के लिए भारत का दौरा भी किया था। उन्होंने प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था।

ओलंपियन बनने से पहले यूसुफ क्या थे?
पेरिस ओलंपिक वेबसाइट के अनुसार, डिकेक के शौक में डांस करना शामिल है। डिकेक ने जेंडरमेरी जनरल कमांड के लिए एक गैर-कमीशन अधिकारी के रूप में काम किया। उसके बाद निशानेबाजी में कदम रखा। उन्होंने 2001 में निशानेबाजी की प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। आपको बता दें कि तुर्की के आंतरिक मंत्रालय की एक सशस्त्र प्रवर्तन एजेंसी है 'जेंडरमेरी जनरल कमांड'। यह अंतर-सरकारी संगठन नाटो की एक इकाई है।
एक नजर में जानें
- निशानेबाजी में कब की एंट्री: उन्होंने 2001 में निशानेबाजी में प्रतिस्पर्धा शुरू की।
- वजह: मैंने जेंडरमेरी जनरल कमांड के लिए एक गैर-कमीशन अधिकारी के रूप में काम करना शुरू करने के बाद निशानेबाजी खेल में कदम रखा।
कितने पढ़े लिखे?
- गाजी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ फिजिकल ट्रेनिंग एंड एजुकेशन (अंकारा, टूरिज्मो) से अध्ययन किया और सेल्कुक यूनिवर्सिटी (कोन्या, टूरिज्मो) से कोचिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
4 बार के ओलंपियन (2008, 2012, 2016, 2020)
- 2014 में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल और 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में डबल वर्ल्ड चैंपियन (10 मीटर एयर पिस्टल में रजत)। 2023 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में रजत।
- सात बार की यूरोपीय चैंपियन, जिसमें 2024 में ग्योर में एयर पिस्टल ट्रायो भी शामिल है।
सोशल मीडिया :
- फेसबुक : https://www.facebook.com/yusuf.dikec.12
- इंस्टाग्राम : https://www.instagram.com/yusufdikecofficial/












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