US-Iran-Israel War कितने दिन चलेगी? US सेना की लाशें बिछाकर बेटा लेगा Khamenei की मौत का बदला?-एक्सपर्ट व्यू
US-Iran-Israel War GD Bakshi Interview: मिडिल ईस्ट में आग लग चुकी है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत दर्जनों टॉप लीडर्स मारे गए। अब तक 11 दिन हो चुके हैं, और युद्ध थमने के कोई संकेत नहीं। ईरान ने पलटवार में सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे अमेरिकी बेस, इजरायली शहर और खाड़ी देशों में तबाही मची। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, और वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई। भारत के लिए चिंता 50% से ज्यादा तेल और गैस ईरान रूट से आता है, दुबई-अबू धाबी में 90 लाख भारतीय प्रवासी फंसे, और तीन टैंकर जल रहे जिनमें भारतीय क्रू मेंबर हैं।
इस Exclusive Interview में Oneindia Hindi ने मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी से बात की। वे इंडियन आर्मी के वेटरन हैं, जिन्होंने पांच युद्ध लड़े और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खुलकर बोलते हैं। उन्होंने युद्ध की शुरुआत, अवधि, खामेनेई की मौत का बदला, अमेरिकी नुकसान और भारत के हितों पर बेबाक राय दी। आइए जानते हैं...

वनइंडिया सवाल: इजरायल ने पहले हमला किया, और अमेरिका मजबूरी में कूदा। ट्रम्प का सपना था कि ईरान झुक जाएगा, लेकिन उल्टा हो गया। क्या यह सही है?
मेजर जनरल जीडी बख्शी (Major General GD Bakshi) का जवाब: देखिए, यह युद्ध कोई आकस्मिक नहीं है। बैकग्राउंड समझना जरूरी है। जनवरी 2026 में CIA, मोसाद और MI6 ने मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला। ईरानी रियाल को डॉलर के मुकाबले डेढ़ लाख तक गिरा दिया, जिससे वहां की जनता में गुस्सा भड़का। प्लान था कलर रेवोल्यूशन का - जैसे यूक्रेन या अन्य देशों में हुआ। 4,000 से 5,000 स्टारलिंक टर्मिनल्स ईरान में भेजे गए ताकि विरोध प्रदर्शन ऑर्गनाइज हों। लेकिन रूस और चीन ने मदद की, स्टारलिंक को जैम कर दिया, और ज्यादातर एजेंट पकड़े गए। फिर नेतन्याहू ने ट्रम्प को फोन किया - 'ईरान नहीं बिगड़ा, अब पलटवार करेगा। 500 मिसाइलें सहन कर सकता हूं, लेकिन ज्यादा नहीं। सपोर्ट दो।'
ट्रम्प ने जेराल्ड फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर को वेनेजुएला से उठाकर हाइफा पोर्ट (इजरायल) भेजा। जैसे ही पहुंचा, बातचीत का नाटक खत्म और हमले शुरू। पहले हमला इजरायल का - तेहरान, इस्फाहान, कोम, कराज और केरमानशाह पर। अमेरिका मजबूरी में नहीं कूदा, बल्कि प्लान्ड था। ट्रम्प का ख्वाब था - जैसे वेनेजुएला को पीटा, मदुरो की वाइफ को किडनैप किया, वैसा ही ईरान के साथ। लेकिन वेनेजुएला मिस वर्ल्ड पैदा करने वाला देश है, लड़ाका नहीं। ईरान अलग है - उल्टे बांस बरेली को पड़ गए। हमले में 46-48 टॉप लीडर्स मारे, जिसमें डिफेंस मिनिस्टर, आर्मी चीफ, IRGC चीफ शामिल। लेकिन खामेनेई ने पहले ही डिसेंट्रलाइजेशन ऑर्डर दे दिया था - अगर हम मारे गए, तो 33 IRGC डिस्ट्रिक्ट्स फ्री हैं इजरायल और अमेरिका पर हमला करने को। बेस, वॉरशिप्स, सब कुछ।
एक घंटे में पलटवार शुरू। ट्रम्प की बांछें खिल गई थीं कि ईरान सरेंडर कर देगा, तलवे चाटेगा। लेकिन नहीं - मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस हिट: दुबई, कतर, जॉर्डन, UAE। इजरायल पर हमले, अच्छा नुकसान। अमेरिका के तीन F-15 गिराए, वे कहते हैं 'फ्रेंडली फायर' से। कौन अपने जहाज पर फायर करता है? सफेद झूठ है। अब उन्होंने एडमिट किया - 6 जवान शहीद हुए, 18 घायल। और छुपा रहे हैं।
वनइंडिया: युद्ध कितने दिन चलेगा? ट्रंप कहते हैं 'बहुत जल्द खत्म', लेकिन पेंटागन कोई टाइमलाइन नहीं दे रहा। आपका अनुमान?
मेजर जनरल जीडी बख्शी: चार दिन हुए थे, जब मैंने पहली बार बोला, अब 11 हो गए। ट्रंप ने पहले ही ठान लिया था - 'मैं वॉर करके छोड़ूंगा'। लेकिन यह लंबा खिंचेगा। अमेरिका-इजरायल ने सोचा था 12 घंटे में 900 स्ट्राइक्स से ईरान टूट जाएगा, रिजीम चेंज हो जाएगा। लेकिन ईरान ने 6-8 मिसाइल बैराज दागे रोज। IRGC फ्री है अब, कोई सेंट्रल कंट्रोल नहीं। हिजबुल्लाह, हूती, शिया मिलिशिया शामिल। लेबनान से रॉकेट्स, यमन से ड्रोन्स। अमेरिका का कैरियर बैटल ग्रुप खतरे में।
देखिए, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया - 20 मिलियन बैरल तेल रोज गुजरता है। भारत का 60% नेचुरल गैस, 50% तेल वहां से। तीन टैंकर जल रहे, एक में भारतीय क्रू, दूसरे में भारतीय मारा गया। कीमतें 100 डॉलर पार, बाजार हिले। ट्रम्प कहते हैं '20 गुना जोर से मारेंगे अगर तेल बंद हुआ'। लेकिन ईरान कहता है - 'हम तय करेंगे कब खत्म होगा'। व्हाइट हाउस कहता है 4-6 हफ्ते, लेकिन पेंटागन चुप। मेरा अनुमान है कि महीनों चलेगा, क्योंकि ईरान टूटेगा नहीं। इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स कहती हैं स्ट्राइक्स से रिजीम चेंज नहीं होगा। अगर एस्केलेट हुआ, तो वर्ल्ड वॉर-3 का खतरा। रूस-चीन सपोर्ट कर सकते हैं।
वनइंडिया: खामेनेई की मौत का बदला उनका बेटा ईरान का नया सुप्रीम लीडर US सेना की लाशें बिछाकर लेगा? अमेरिकी कैजुअल्टीज पर क्या कहेंगे?
मेजर जनरल जीडी बख्शी: खामेनेई की मौत बड़ी गलती थी। अमेरिका-इजरायल ने सोचा लीडरशिप खत्म, ईरान सरेंडर। लेकिन 56 साल का मोजतबा अब पावर में। ईरान में रैलियां हो रहीं, लोग सपोर्ट कर रहे। वह कट्टर है, IRGC से जुड़ा। बदला? हां, पलटवार जारी है। ईरान ने 17 मिसाइलें और 117 ड्रोन्स UAE पर दागे। बहरीन, कुवैत, सऊदी पर अटैक। अमेरिकी सैनिकों की मौतें ऑफिशियल 8, लेकिन ज्यादा छुपी हैं। 1,300 से ज्यादा ईरानी मरे, इजरायल में 13 की मौत। मोजतबा कहता है कि 'कोई नेगोशिएशन नहीं, बिटर एक्सपीरियंस'। US सेना की लाशें बिछेंगी, तब जब अगर एस्केलेट हो। IRGC फ्लिंग कर रहा है लेबनान से। ट्रम्प की धमकी - 'अनकंडीशनल सरेंडर' - लेकिन ईरान कहता है, यह सिर्फ एक सपना है। प्रॉब्लम ये है कि ईरान के मिसाइल स्टॉक कम हो रहे, लेकिन डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम से लंबा लड़ सकता है।
वनइंडिया: भारत की स्थिति? पीएम मोदी ने कई देशों को फोन किया, लेकिन ईरान पर चुप। क्या भारत ने साइड चुन ली? हमारे हित क्या?
मेजर जनरल जीडी बख्शी: हम ट्रम्प के फैन क्लब नहीं हैं। हमारा राष्ट्रहित पहले। यह लड़ाई जल्द बंद होनी चाहिए, वरना इकॉनमी को नुकसान। तेल कीमतें ऊपर, दुबई-अबू धाबी में भारतीय बिजनेस प्रभावित। 90 लाख प्रवासी, रेमिटेंस रुक गए। ट्रम्प भारत के प्रति अच्छे नहीं - 50% टैरिफ लगाया, बांग्लादेश-नेपाल-श्रीलंका में कलर रेवोल्यूशन, 1 अरब डॉलर खा लिया, GE-404 इंजन तेजस के लिए 100 देने थे, 2 दिए। पीठ में छुरी मारी!
मोदी ने फोन किए - सऊदी, UAE, इजरायल को। ईरान पर चुप्पी, खामेनेई की मौत पर कुछ नहीं बोला। लोग पूछते हैं - साइड चुन ली? नहीं, भारत की साइड चुननी चाहिए। हमारा हित सिर्फ शांति। जयशंकर ने संसद में कहा - मॉनिटर कर रहे। हम न ट्रम्प के गुलाम, न अमेरिका के नए कोलोनियल मास्टर। 200 साल अंग्रेजों के गुलाम रहे, अब अमेरिका के? तुम्हारी ऐसी की तैसी! मैं 75 साल का हूं, देशहित बोलता हूं। पांच युद्ध लड़े। अच्छा लगे तो लगे, नहीं तो क्या करूं?
वनइंडिया: आखिर में, क्या यह वर्ल्ड वॉर 3 बन सकता है? भारत क्या करे?
मेजर जनरल जीडी बख्शी: खतरा है। अगर रूस-चीन कूदे, तो हां। भारत डिप्लोमेसी करे, लड़ाई रुकवाए। जमाखोरों पर नजर, क्योंकि तेल संकट से महंगाई। लेकिन फैन क्लब वाले अमेरिका के गुण गाते रहें। हम राष्ट्रहित देखें।
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