2021 में विश्व के सबसे बड़े भ्रष्टाचारियों की लिस्ट जारी, टॉप पर अशरफ गनी-अर्दोआन, जानें बाकियों के नाम
इस लिस्ट को तैयार करने में विश्व के 6 इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट और विद्वानों के एक पैनल ने तमाम रिपोर्ट्स का अध्ययन किया है और इस आधार पर रिपोर्ट को तैयार किया है।
काबुल, दिसंबर 29: अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को विश्व का सबसे करप्ट नेता बताया गया है। विश्व के तमाम भ्रष्ट नेताओं की एक लिस्ट स्वतंत्र मीडिया आउट लेट ओसीसीआरपी यानि, ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट ने तैयार की है, जिसमें विश्व के सबसे करप्ट नेताओं की लिस्ट में अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति का भी नाम शामिल हैं, जिनपर अफगानिस्तान से करोड़ों रुपये लेकर फरार होने का आरोप लगा था।

अशरफ गनी भ्रष्ट नेताओं की लिस्ट में शामिल
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को दुनिया भर के स्वतंत्र मीडिया आउटलेट्स के लिए इन्वेस्टिगेंटिग एजेंसी प्लेटफॉर्म, ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट यानि ओसीसीआरपी द्वारा वर्ष के सबसे भ्रष्ट अधिकारियों में से एक के रूप में चुना गया है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी पर उस वक्त कई आरोप लगा थे, जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर इस साल अगस्त महीने में 15 तारीख को कब्जा जमा लिया था। आपको बता दें कि, अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद रूसी सुरक्षा एजेंसी ने दावा किया था कि, अशरफ हेलिकॉप्टर में पैसे ठूंसकर फरार हो गये हैं। आरोप था कि, वो अपने साथ करोड़ों रुपये लेकर देश से भागे हैं। इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अशरफ गनी को नकारा आदमी कहा था।
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शीर्ष पर बेलारूस के राष्ट्रपति
विश्व के सबसे करप्ट नेता की लिस्ट में शीर्ष स्थान पर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको हैं, जो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफी करीबी और बहुत बड़े तानाशाह माने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि, बेलारूस के राष्ट्रपति रूसी राष्ट्रपति पुतिन के कहने पर कुछ भी कर सकते हैं और अगर देश में उनके खिलाफ कोई भी शख्स कुछ बोलने की हिम्मत करता है, तो उसका खामोश किया जाना तय है। इसी साल सरकार विरोधी पत्रकार रोमन प्रोतसाविक को गिरफ्तार करने के लिए बेलारूस ने एक प्लेन को आसमान में अपहरण तक कर लिया था। जिसके बाद बेलारूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गये हैं।

सीरिया और तुर्की के राष्ट्रपति शामिल
विश्व के करप्ट नेताओं की लिस्ट में सीरिया के तानाशाह बशर अल-असद और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन का नाम भी शामिल है। सीरिया में इसी साल राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं और एक बार फिर से रूस समर्थित बशर अल-असद ने 90 फीसदी से ज्यादा वोटों के साथ चुनावी जीत हासिल की है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि, सीरिया चुनाव में भारी भ्रष्टाचार किया गया है और देश के जितने भी बड़े विपक्षी नेता था, उन्हें चुनाव ही नहीं लड़ने दिया गया। वहीं, इस लिस्ट में तुर्की के राष्ट्रपति भी शीर्ष पर शुमार हैं, जो तुर्की में फिर से खलीफा राज कायम करना चाहते हैं। लेकिन, इस लिस्ट में नाम आने के बाद ऐसा लग रहा है कि, वो तुर्की को नहीं, भ्रष्टाचार के द्वारा खुद को खलीफा बनाने में जुटे हुए हैं।

लिस्ट में किन नेताओं के नाम
सीरिया के तानाशाह बशर अल-असद, तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैयप एर्दोगन के अलावा विश्व के बड़े भ्रष्टाचारियों में ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज का नाम भी शामिल किया गया है। वहीं, ओसीसीआरपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि, अशरफ गनी एक इस भ्रष्ट पुरस्कार के हकदार थे, क्योंकि उन्होंने "अपने लोगों को दुख और मौत के मैदान में छोड़ दिया और खुद भाग निकले।" पैनल में जज के रूप में काम करने वाले ओसीसीआरपी के सह-संस्थापक ड्रू सुलिवन ने कहा कि, अशरफ गनी अपने भ्रष्टाचार और अक्षमता के कारण इस लिस्ट में शीर्ष पर शुमार हुए हैं। उन्होंने कहा कि, अशरफ गनी ने पैसों के भ्रष्टाचार के अलावा अपने देश के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था, जो सबसे बड़ा नैतिक भ्रष्टाचार है और अशरफ गनी पैसों के अलावा नैतिक तौर पर भी भ्रष्ट साबित हुए हैं।

कैसा बनाया गया है लिस्ट
इस लिस्ट को तैयार करने में विश्व के 6 इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट और विद्वानों के एक पैनल ने तमाम रिपोर्ट्स का अध्ययन किया है और इस आधार पर रिपोर्ट को तैयार किया है। इस टीम ने बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको विश्व का सबसे भ्रष्ट आदमी, यानि पर्सन ऑफ द ईयर करार दिया है। इस पैनल में अरब रिपोर्टर्स फॉर इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म (एआरआईजे) के महानिदेशक रावन दमन भी शामिल थे। उनके अलावा विल फिट्ज़गिब्बन, इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव र्नलिस्ट्स (ICIJ) के वरिष्ठ रिपोर्टर बोयॉन्ग लिम, पुलित्जर सेंटर के एक वरिष्ठ संपादक लुईस शेली, जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में शार स्कूल ऑफ पॉलिसी एंड गवर्नमेंट में लेखक और प्रोफेसर पॉल राडू, सीमा-पार खोजी रिपोर्टर और ओसीसीआरपी के सह-संस्थापक और डायरेक्टर ड्रू सुलिवन शामिल थे।"

1993 से शासन में हैं बेलारूस के राष्ट्रपति
ओसीसीआरपी की रिपोर्ट के अनुसार, 67 साल के लुकाशेंको 1993 से बेलारूस में सत्ता से चिपके हुए हैं और लगातार चुनावों में धांधली कर चुनाव जीतते हैं। वो अपने आलोचकों को बुरी तरह से प्रताड़ित करते हैं, और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करते हैं और उन्हें गायब करवा देते हैं और इस काम में उनका साथ रूस से मिलता है। वहीं, असद ने सीरिया को एक विनाशकारी गृहयुद्ध में धकेल दिया है और उन्होंने विद्रोहियों को इस कदर असंतुष्ट कर दिया है, कि वो मुख्य धारा में आने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इसके लिए उन्होंने करोड़ों डॉलर की चोरी की है। वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन एक भ्रष्ट सरकार के संरक्षक हैं, जिसने राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों का उपयोग करके ईरानी तेल के लिए चीनी धन का इस्तेमाल किया है।












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