Tulsi Gabbard: 'पाकिस्तान-चीन से US को परमाणु खतरा', गैबर्ड के बयान से सनसनी, एक्सपर्ट बोले- ये रिस्क असेसमेंट
Tulsi Gabbard: अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गैबर्ड ने बड़ा बयान दिया है कि पाकिस्तान, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा है। उन्होंने एक ब्रीफिंग के दौरान कई देशों का जिक्र किया जो अमेरिका को संभावित रूप से निशाना बना सकते हैं। गैबर्ड ने ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को भी उन राष्ट्रों में शामिल किया जो नई मिसाइल डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जिससे कि अमेरिका की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
बुधवार को दी गई अपनी ब्रीफिंग में गबार्ड ने जोर देकर कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान लगातार ऐसी मिसाइल तकनीकों पर काम कर रहे हैं जो परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं। उत्तर कोरिया रूस और चीन के साथ अपनी साझेदारी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर रहा है।

तो वहीं ईरान के संदर्भ में तुलसी गबार्ड ने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले साल जून 2025 में ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह से 'तबाह' कर दिया था। खुफिया प्रमुख के अनुसार, उस बड़ी कार्रवाई के बाद से अमेरिका को ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं जिससे लगे कि ईरान अपनी संवर्धन क्षमताओं को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है।
Tulsi Gabbard Statment: 'ये रिस्क असेसमेंट हैं'
तुलसी गैबर्ड के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इंटरनेशनल मुद्दों पर पैनी नजर रखने वाले रिसर्चर अरूण सिंह आहूवालिया ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि 'यह बयान सीधा पाकिस्तान पर आरोप नहीं बल्कि चेतावनी है। ये रिस्क असेसमेंट हैं, जिसमें संभावित खतरे गिनाए जाते हैं, न कि तत्काल युद्ध का संकेत।अमेरिका अपनी मिसाइल डिफेंस रणनीति मजबूत करने के लिए ऐसे खतरे उजागर करता है, यह बयान चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।'
Nuclear Threat:'परमाणु खतरे सिर्फ पारंपरिक दुश्मनों तक सीमित नहीं'
तुलसी गबार्ड का बयान बताता है कि'आज की दुनिया में परमाणु खतरे सिर्फ पारंपरिक दुश्मनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, मिसाइल सिस्टम और वैश्विक गठजोड़ के कारण खतरे का दायरा बढ़ चुका है। पाकिस्तान का नाम इस सूची में शामिल होना यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी सैन्य क्षमताओं को गंभीरता से देखा जा रहा है।'
Pakistan को लेकर चिंता क्यों?
- पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और दक्षिण एशिया पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
- रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक पर काम कर रहा है।
- इससे उसकी मारक क्षमता क्षेत्रीय से बढ़कर इंटरकॉन्टिनेंटल स्तर तक पहुंच सकती है।
- चीन और अन्य देशों के साथ सहयोग से उसकी तकनीकी क्षमता बढ़ रही है।
China को लेकर चिंता क्यों?
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन नए न्यूक्लियर वारहेड्स और मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहा है
- इसका लक्ष्य भविष्य में अमेरिका के बराबर रणनीतिक क्षमता हासिल करना माना जा रहा है
- चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित की हैं, जो पारंपरिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती हैं।
- चीन साइबर हमलों और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, इससे भविष्य के युद्ध सिर्फ जमीन या हवा में नहीं, बल्कि डिजिटल और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी हो सकते हैं।












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