अजीत डोवाल ने क्या कहा कि फौरन वैक्सीन बनाने का कच्चा माल देने को तैयार हो गया अमेरिका?
कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिका आनाकानी कर रहा था लेकिन तभी अजीत डोवाल ने अमेरिका के एनएसए को फोन किया और अमेरिका वैक्सीन बनाने का कच्चा सामान भारत को देने के लिए तैयार हो गया।
वॉशिंगटन/अमेरिका, अप्रैल 26: पिछले कई हफ्तों से अमेरिका वैक्सीन बनाने के कच्चे माल को लेकर लगातार आनाकानी कर रहा था। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला ने जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को वैक्सीन बनाने के रॉ मैटेरियल को लेकर ट्वीट किया तो उसके अमेरिकी राष्ट्रपति को कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के अधिकारी कई लेवल पर लगातार बात भी कर रहे थे लेकिन बात बन नहीं रही थी। 2 दिन पहले अमेरिका ने भारत को वैक्सीन बनाने का कच्चा माल देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद भारत के सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया था कि आखिर भारत अपनी एक अरब 30 करोड़ की आबादी को कैसे वैक्सीनेट करेगा? बिना रॉ मैटेरियल के भारत वैक्सीन के एक अरब से ज्यादा डोज कैसे बना पाएगा, लेकिन अब अचानक अमेरिका ने यू-टर्न लेते हुए भारत को वैक्सीन देने पर सहमति जता दी है। अब अमेरिका ने कहा है कि वो भारत को वैक्सीन बनाने का कच्चा सामान देगा। तो आखिर अचानक ऐसा क्या होगा कि अमेरिका वैक्सीन रॉ-मैटेरियल देने के लिए अचानक तैयार हो गया? इन सवालों का जबाव भी कुछ देर बाद ही मिल गया जब अमेरिका के एनएसए ने ट्वीट कर कहा है कि उनकी भारतीय एनएसए अजीत डोवाल से बात हुई है।

अजीत डोवाल की एंट्री
अमेरिका ने वैक्सीन बनाने के रॉ मैटेरियल को लेकर साफ कह दिया था कि वो अमेरिका फर्स्ट की नीति के तहत अभी भारत को वैक्सीन बनाने का कच्चा माल नहीं देगा। भारतीय अधिकारी लगातार अमेरिकी अधिकारियों से बात कर रहे थे तभी पता चलता है कि वैक्सीन बनाने का रॉ मैटेरियल देने के लिए अमेरिका तैयार हो गया है और इसके पीछे अजीत डोवाल हैं। अमेरिका के एनएसए जैक सुलिवन ने ट्वीट कर कहा है कि उनकी भारतीय एनएसए अजीत डोवाल से वैक्सीन को लेकर बात हुई है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने बयान देते हुए कहा है कि रविवार को अमेरिकी एनएसए जैक सुलिवन ने भारतीय एनएसए अजीत डोवाल से बात की है। अजित डोवाल से बात करते हुए अमेरिकी एनएसए ने भारत की स्थिति को लेकर अपनी संवेदना प्रकट की और कहा कि इस आपात स्थिति में अमेरिका पूरी तरह से भारत की मदद करेगा।
अजीत डोवाल से क्या हुई बातचीत?
अमेरिका के एनएसए जैक सुलिवन ने अजीत डोवाल के सामने भारत की स्थिति को लेकर अपनी संवेदना प्रकट की है। अमेरिका द्वारा दिए गये बयान के मुताबिक अमेरिकी एनएसए ने भारतीय एनएसए से कहा कि 'जैक सुलिवन ने भारत की स्थिति पर अपनी संवेदना प्रकट की है और अमेरिका भारत की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। अमेरिका की संवेदना भारत के लोगों के साथ है, जो इस वक्त जानलेवा कोविड महामारी से जूझ रही है। अमेरिका ने भारत को मेडिकल सामानों की फौरन आपूर्ति करने का फैसला किया है। भारत और अमेरिका एक साथ वैश्विक कोरोना महामारी से मिलकर मुकाबला करेंगे। जिस तरह से कोरोना वायरस के पहले लहर के दौरान भारत ने अमेरिका की मदद की थी, ठीक उसी तरह अमेरिका भी इस वक्त भारत की मदद करेगा'

वैक्सीन बनाने का रॉ मैटेरियल देगा यूएस
अजीत डोवाल और अमेरिकी एनएसए के दौरान हुई बातचीत के बाद अमेरिका द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 'भारत की मदद करने के लिए अमेरिका लगातार काम कर रहा है, और भारत वैक्सीन बनाने का जरूरी सामान भी भारत को देगा। अमेरिका कोविशील्ड वैक्सीन बनाने में जो भी रॉ मैटेरियल लगता है, वो भारत को देगा ताकि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक वैक्सीन का उत्पादन कर सके। इसके साथ ही अमेरिका भारत को तत्काल तौर पर पीपीई किट, मास्क, वेंटिलेटर, रेपिड डायग्नोस्टिक किट, समेत तमाम मेडिकल सुविधाएं मुहैया करवाएगा'। इसके साथ ही अमेरिका ने अपने बयान में कहा है कि 'भारत को तत्काल ऑक्सीजन की सुविधा मिले इसके लिए भी अमेरिका ने काम करना शुरू कर दिया है।'

1 अरब वैक्सीन बनाने का रॉ-मैटेरियल मिलेगा
अमेरिकी एनएसए ने भारतीय एनएसएन अजित डोवाल से बात करने के बाद कहा है कि 'अमेरिका ने तय किया है कि यूएस डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्परेशन यानि डीएफसी भारत बायोटक को एक अरब वैक्सीन निर्माण के लिए कच्चा माल देने के अलावा पैसा भी देगा, ताकि भारत बायोटेक वैक्सीन प्रोडक्शन को बढ़ा सके और कम से कम फौरन एक अरब वैक्सीन का निर्माण कर सके।'

मेडिकल एक्सपर्ट टीम भेजेगा अमेरिका
अमेरिका ने कहा है कि भारत में कोविड की रफ्तार को रोकने के लिए भारतीय एक्सपर्ट्स की मदद करने के लिए अमेरिका भारत में मेडिकल एक्सपर्ट की टीम को भेजेगा जो भारतीय एक्सपर्ट्स के साथ काम करेंगे और कोरोना से देश की जनता को बचाने के लिए प्लान बनाएंगे। ये अमेरिकी एक्सपर्ट अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यानि सीडीसी और यूएसएआईडी के होंगे। ये लगातार भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्री, अमेरिकन एंबेसी, इंडिया एपिडिमिक इंटेलीजेंस सर्विस स्टाफ के सीधे संपर्क में रहेंगे। इसके साथ ही आने वाले वक्त में दोनों देश कोरोना महामारी से लड़ने के लिए एक दूसरे को कई और मदद करेंगे।












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