रिपब्लिकन पार्टी ने की अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को नोबेल पुरस्‍कार देने की मांग!

साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन के बाद अब रिपब्लि‍कन पार्टी के सदस्‍यों ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के लिए नोबेल के शांति पुरस्‍कार की मांग कर डाली है। रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्‍यों के एक ग्रुप ने कहा है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप को नोबेल का शांति पुरस्‍कार दिया जाना चाहिए।

वॉशिंगटन। साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन के बाद अब रिपब्लि‍कन पार्टी के सदस्‍यों ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के लिए नोबेल के शांति पुरस्‍कार की मांग कर डाली है। रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्‍यों के एक ग्रुप ने कहा है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप को नोबेल का शांति पुरस्‍कार दिया जाना चाहिए क्‍योंकि उन्‍होंने नॉर्थ कोरिया के साथ परमाणु तनाव को कम करने की दिशा में काम किया है। गौरतलब है कि मई के अंत या फिर जून की शुरुआत में ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन की एतिहासिक मुलाकात होने वाली हैं और इस समय इस मुलाकात के लिए कई सारी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। हालांकि अभी तक वह समझौता सामने नहीं आया है जिसके तहत नॉर्थ कोरिया से इसके परमाणु हथियारों को छोड़ देगा और फिर दुनिया की ओर से इसकी पुष्टि की जाएगी।

इसलिए ट्रंप को मिले नोबेल पुरस्‍कार

इसलिए ट्रंप को मिले नोबेल पुरस्‍कार

नॉर्थ कोरिया के साथ पहले भी अमेरिका कई डील्‍स तक पहुंचास है लेकिन हर बार डील्‍स फेल हो गईं। हाल ही में किम जोंग उन ने साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन से मुलाकात की और दोनों की मुलाकात ने दुनिया में एक नई उम्‍मीद जगाई है। अमेरिकी कांग्रेस यानी कैपिटॉल हिल में ट्रंप के समर्थकों की ओर से कहा जा रहा है कि ट्रंप इस पहल के लिए नोबेल शांति पुरस्‍कार के योग्‍य हो गए हैं। शनिवार को ट्रंप के समर्थकों ने मिशिगन रैली में जैसे ही ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के बारे में बात करना शुरू किया, 'नोबेल' का शोर मचाना शुरू किया, ट्रंप ने भी इसका आनंद उठाया।

नोबेल कमेटी को लिखी चिट्ठी

नोबेल कमेटी को लिखी चिट्ठी

रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि ल्‍यूक मेसर की ओर से बुधवार को एक चिट्ठी नॉर्वे स्थित नोबेल कमेटी को भेजी गई है। इस चिट्ठी में 18 और रिपब्लिकंस के साइन हैं। इस चिट्ठी में कहा गया है कि नॉर्थ कोरिया ने अपनी आक्रामकता कम करने वाली अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय की मांग को नजरअंदाज कर दिया था लेकिन ट्रंप की 'शांति से अपनाई गई नीतियां काम कर रही हैं' और ट्रंप नॉर्थ कोरिया को समझौते तक लेकर आए हैं। चिट्ठी में कहा गयस है कि ट्रंप प्रशासन ने चीन और दूसरे देशों को कड़े प्रतिबंध लगाने में एकसाथ कर दिया। इस नॉमिनेशन लेटर में कहा गया है, 'प्रतिबंधों ने नॉर्थ कोरिया की अर्थव्‍यवस्‍था को अव्‍यवस्थित कर दिया था और इसकी वजह से ही नॉर्थ कोरिया को समझौते तक लाया जा सका है।'

कौन हैं मेसर

कौन हैं मेसर

मेसर इंडियाना से सीनेट के लिए चुनाव लड़े रहे हैं और यहां पर ट्रंप के लिए रिपब्लिकन वोटर्स का सपोर्ट अग्नि परीक्षा की तरह है। जिन सीनेटर्स ने इस चिट्ठी को साइन किया है वह अमेरिकी कांग्रेस में सबसे ज्‍यादा रूढ़िवादी सदस्‍यों में से हैं। इस ग्रुप में कई ऐसे सीनेटर्स भी हैं जो रिप‍ब्लिकन्‍स के लिए झुकाव वाले राज्‍यों में गर्वनर या फिर सीनेटर की दौड़ में शामिल हैं।

साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति ने भी की मांग

साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति ने भी की मांग

इससे पहले साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन ने कहा था कि राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को नॉर्थ कोरिया के साथ तनाव कम करने की कोशिशों के लिए नोबेल का शांति पुरस्‍कार मिलना चाहिए। उन्‍होंने कहा था, 'हमें सिर्फ शांति चाहिए और राष्‍ट्रपति ट्रंप को नोबेल का शांति पुरस्‍कार मिलना चाहिए।' मून ने यह बात उस मीटिंग में कही थी जहां पर कई सीनियर सेक्रेटरीज मौजूद थे। पिछले शुक्रवार को मून और किम जोंग उन की मुलाकात हुई थी और दोनों नेताओं ने कोरियाई देशों के बीच मौजूद तनाव को कम करने की दिशा में काम करने की बात कही थी।

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