3 साल तक फंसे रहे लोग, उत्तर कोरिया ने अब जाकर खोला बॉर्डर, परिवार से मिलने के लिए करना होगा ये काम
उत्तर कोरिया ने अपने उन नागिरकों को अपने देश आने की अनुमति दे दी है जो कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉकडाउन के कारण वापस नहीं आ पाए थे। उत्तर कोरिया दुनिया का आखिरी देश था जिसने अबतक लॉकडाउन जारी रखा था।
कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए उत्तरी कोरिया में कई सख्त नियम लागू थे। ऐसे में दूसरे देशों में रह रहे उत्तर कोरिया के लोग अपने ही देश में नहीं आ पा रहे थे। लेकिन अब लगभग 3 साल बाद उस नियम में ढील दी गई है।

केसीएनए समाचार एजेंसी द्वारा दिए गए एक बयान में, राज्य आपातकालीन महामारी रोकथाम मुख्यालय ने शनिवार को कहा कि मंजूरी 'दुनिया भर में कोरोना महामारी की स्थिति में कमी' के बाद दी जा रही है।
हालांकि इस बयान में कहा गया है कि वापस लौट रहे लोगों को अभी भी एक हफ्ते का क्वारंटीन करना पड़ेगा। दीगर बात ये है कि वो क्वारंटीन में अपने घर में नहीं बल्कि किसी मेडिकल सेंटर पर ही करना होगा। यानी कि बाहर से आ रहे लोगों को देश आने के बाद भी एक सप्ताह तक अपने परिवार से दूर रहना पड़ सकता है।
उत्तरकोरिया में सरकार की ये घोषणा प्योंगयांग से एयर कोरियो की उड़ान के बीजिंग में उतरने के कुछ दिनों बाद आई है। हालांकि 3 साल बाद उत्तर कोरिया से बाहर निकलने वाले इस विमान में सवाल लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं पाई है।
हालांकि उत्तर कोरिया में काम करने वाली पश्चिमी टूर कंपनियों ने कहा है कि यह एक खाली विमान हो सकता है जो उन उत्तर कोरियाई लोगों को वापस ले जाएगी जो वर्षों से सीमा बंद होने के कारण चीन में फंस गए थे।
आपको बता दें कि इस समय कोरोना केस कम हैं और पूरी दुनिया में तमाम पाबंदियों से मुक्ति दे दी गई है, उसे देखते हुए देर से ही सही, उत्तर कोरिया ने भी अपनी नीति में बदलाव किया है।
इस बीच चीन ने विदेश से आ रहे यात्रियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब यात्रियों को देश में प्रवेश करने के लिए कोविड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बुधवार यानी 6 सितंबर से इसे लागू कर दिया जाएगा।












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