किम जोंग ने कोरोना पर जीत का किया ऐलान, कहा, हमारी जीत को स्वास्थ्य चमत्कार माने दुनिया
उत्तर कोरिया ने तीन महीने बाद देश में कोविड प्रतिबंधों में छूट देने का आदेश जारी करते हुए दावा किया है, कि देश ने व्यापक तौर पर कोरोना वायरस को हरा दिया है।
प्योंगयांग, अगस्त 11: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने COVID-19 पर जीत की घोषणा कर दी है और उत्तर कोरिया दुनिया का पहला देश बना है, जिसने आधिकारिक तौर पर कोविड के खिलाफ जीत की घोषणा की है, क्योंकि अभी तक दुनिया के किसी भी देश ने कोविड के खिलाफ जंग में जीत का ऐलान नहीं किया है। अमेरिका हो या फिर जापाना या चीन या भारत, अभी भी हर देश में कोविड के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन उत्तर कोरिया ने कहा है, कि तीन महीनों की कोशिश के बाद उसने कोविड-19 पर जीत हासिल कर ली है।

उत्तर कोरिया का जीत का दावा
उत्तर कोरिया ने तीन महीने बाद देश में कोविड प्रतिबंधों में छूट देने का आदेश जारी करते हुए दावा किया है, कि देश ने व्यापक तौर पर कोरोना वायरस को हरा दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स इस दावे को विवादित बता रहे हैं और कह रहे हैं, कि उत्तर कोरिया का ये दावा सही नहीं हो सकता है, क्योंकि अत्यधिक सख्त लॉकडाउन लगाने के बाद भी चीन अभी तक कोविड से जंग नहीं जीत पाया है, जबकि उत्तर कोरिया ने अपनी सफलता को वैश्विक स्वास्थ्य चमत्कार के तौर पर मान्यता दी जाएगी। उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को यह भी बताया कि, किम जोंग उन की बहन ने कहा कि, उनके भाई को भी बुखार हुआ था। वहीं, किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया में कोविड फैलने के पीछ दक्षिण कोरिया से फेंके जाने वाले पत्रों को जिम्मेदार ठहराया है।

किम जोंग के दावों में कितना दम?
हालांकि, कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि, उत्तर कोरिया का दावा झूठा और भ्रामक है और असलियत ये हो सकता है, कि किम जोंग उन के लिए अब देश में सख्त लॉकडाउन बनाए रखना संभव ना रहा हो और देश लॉकडाउन के दौरान अपनी जनता को खाना खिलाने में नाकामयाब हो गई है और ऐसा हर देश में हुआ है, लेकिन किम जोंग इसे मान नहीं रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि देश पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने में असमर्थ होने के बाद उत्तर कोरिया ने कोरोना प्रकोप के पैमाने में हेरफेर किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है, कि जीत का बयान किम के अन्य प्राथमिकताओं की तरफ जाने के उद्देश्य को दर्शाता है, हालांकि एक्सपर्ट्स इस बात से भी चिंतित हैं, कि किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया पर जो आरोप लगाए हैं, वो उत्तजक हैं।

मई में उत्तर कोरिया ने पहली बार माना
आपको बता दें कि, उत्तर कोरिया ने इस साल मई महीने में पहली बार स्वीकार किया, कि देश में कोविड वायरस फैल गया है और उत्तर कोरिया ने अपनी 2 करोड़ 60 लाख की आबादी में करीब 48 लाख लोगों में अज्ञात बुखार होने की पुष्टि की थी। हालांकि, उत्तर कोरिया ने उनमें से सिर्फ एक प्रतिशत लोगों में ही कोविड होने की बात स्वीकार की थी। वहीं, उत्तर कोरिया ने कोविड की वजह से सिर्फ 74 लोगों की मौत होने की बात स्वीकार की। बुधवार को किम जोंग उन ने अपने भाषण में कहा कि, 'मई महीने में शुरूआती दिनों में अज्ञात बुखार के हजारों मरीज मिलने के बाद से ही हमने आपातकालीन महामारी विरोधी अभियान का संचालन शुरू कर दिया था और एक महीने के बाद 90 हजार मामले होने के बाद धीर धीरे बुखार पीड़ितों की संख्या कम होती चली गई और अब पूरे देश में कोविड का एक भी मामला नहीं है। '

'हमारी उपलब्धि को चमत्कार माने दुनिया'
किम जोंग उन ने अपने संबोधन में कहा कि, "एक ऐसे देश के लिए, जिसने अभी तक एक भी वैक्सीन शॉट नहीं लिया है, उसने इतने कम समय में बीमारी के प्रसार पर काबू पाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुरक्षा को ठीक करने और अपने देश को फिर से एक स्वच्छ वायरस मुक्त क्षेत्र बनाने में हमारी सफलता अद्भुत है। ये एक चमत्कार है, जो दुनिया के सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास में दर्ज होगा।' सियोल में इवा वुमन यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने कहा कि, 'किम जोंग उन की सीओवीआईडी -19 के खिलाफ जीत की घोषणा से पता चलता है कि वह अन्य प्राथमिकताओं पर आगे बढ़ना चाहते हैं, जैसे कि अपने देश की खराब हो चुकी अर्थव्यवस्था को सुधारने की तरफ ध्यान देना, जो महानारी और देश की सीमा बंद होने और परमाणु परीक्षण में पैसा बहाने की वजह से काफी गंभीर स्तर तक पहुंच गई है'। वहीं, दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि, उत्तर कोरिया पांच साल में अपने पहले परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है। इसे पहले उत्तर कोरिया ने साल 2017 में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन किया था।

परमाणु परीक्षण करेगा उत्तर कोरिया?
विशेषज्ञों का कहना है कि, उत्तर कोरिया उत्तजेक परमाणु परीक्षण की दिशा में तेजी से कर रहा है और उसका मकसद अपने परमाणु शस्त्रागार को तेजी से आगे बढ़ाना है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है, कि किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाकार स्थिति को भड़काने की कोशिश की है, ताकि भड़काऊ बयानों को एजेंडा बनाकर उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण को अंजाम दे और अपने परमाणु परीक्षण को सही ठहराए। वहीं, बुधवार को किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि, उनके भाई को बुखार के लक्षणों का सामना करना पड़ा और उसने COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में उत्तर कोरिया की लड़ाई "युग बनाने वाला चमत्कार" है। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई की "ऊर्जावान और सावधानीपूर्वक मार्गदर्शन" की प्रशंसा की।
किम जोंग के बीमार होने की बात पर रोने लगे लोग
नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश में कोरोना पर विजय प्राप्त करने का ऐलान के बाद इस मौक़े पर किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने जब लगभग रोते हुए बताया कि कोविड-19 की लहर के दौरान भाई को बुखार हो गया था तो हॉल में बैठे सभी की आँखों में आँसू आ गए। सब LIVE TV पर दिखाया गया।












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