किम-ट्रंप की मुलाकात से पहले नॉर्थ कोरिया ने कहा- हमने US के दबाव में समझौता नहीं किया
प्योंगयांग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के बीच अगले माह जून के पहले सप्ताह में पहली मीटिंग होने वाली है और इस बीच प्योंगयांग ने कहा है कि वे समझौते के टेबल पर किसी के कहने पर नहीं आए थे। हाल ही में हुई कोरिया समिट और नॉर्थ कोरिया द्वारा न्यक्लियर प्रोग्राम को बंद करने का ऐलान किया था, जिसके बाद कहा जा रहा था कि अमेरिका के दबाव में आकर और प्रतिबंधों के असर के बाद किम जोंग उन समझौते पर राजी हुए हैं। हालांकि, नॉर्थ कोरिया ने इन दावों को बकवास बताते हुए कड़ी आलोचना की है।

परिस्थितियों को बिगाड़ने की 'खतरनाक कोशिश'
नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन दावों के बारे में कहा कि इससे पिछले माह ऐतिहासिक मीटिंग के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में परिस्थितियों को बिगाड़ने की 'खतरनाक कोशिश' हुई है। अप्रैल में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता के लिए किम जोंग उन और मून जे-इन के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी। इस समिट में नॉर्थ कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के लिए अमेरिका ले रहा है क्रेडिट
कोरिया समिट के बाद ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों ने लगातार इस बात का बखान कर रहे हैं कि उनकी और चीन की कोशिशों के बाद ही वार्ता संभव हो पाई है। अमेरिका ने कहा कि नॉर्थ कोरिया के खिलाफ उनकी कठोर नीतियों ने कोरियाई प्रायद्वीप में खतरनाक टेंशन को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है।

सिंगापुर में हो सकती है ट्रंप-किम की मुलाकात
पिछले साल अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच तनाव अपने चरम था। इस दौरान नॉर्थ कोरिया ने 15 से ज्यादा मिसाइलों का टेस्ट किया, उसमें एक विनाशकारी हाइड्रोजन और अमेरिकी तट पर अटैक करने वाली मिसाइल के सफल टेस्ट का भी दावा किया गया। पिछले साल किम और ट्रंप के बीच जबरदस्त वॉर वर्ड देखने को मिला, उस दौरान दोनों ही नेताओं ने न्यूक्लियर अटैक की धमकी देकर टेंशन की सारी हदें पार कर दी। इस बीच जून के पहले सप्ताह में किम और ट्रंप की ऐतिहासिक मुलाकात होने वाली है, सूत्रों की मानें तो सिंगापुर में दोनों नेताओं मिल सकते हैं।












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