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यमन में विदेशी शख्स से भारतीय नर्स ने क्यों की थी शादी? अब कितने रुपये देकर बच सकती है जान?

2017 से यमन की जेल में कैद भारतीय नर्स की सजा-ए-मौत पर अमल का खतरा बढ़ गया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक यमन के सुप्रीम कोर्ट ने निमिषा प्रिया की मौत की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है।

केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली 35 वर्षीय प्रिया को जुलाई 2017 में तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उसे 2018 में यमन की एक ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी।

Who is Nimisha Priya

निमिषा को कथित रूप से बेहोशी का इंजेक्शन देकर मारने का दोषी पाया गया है। निमिषा ने तलाल को इसलिए मारा, क्योंकि उसके पास निमिषा का पासपोर्ट था और वह इसे वापस लेकर भारत लौटना चाहती थी।

यमन में अभी सिविल वॉर जारी है। भारतीयों के वहां जाने पर रोक लगी हुई है। प्रिया की मां वहां जाकर मारे गए शख्स के परिवार को मुआवजा देकर बेटी की जान बचा सकती हैं, हालांकि यह इतना आसान भी नहीं है।

इस बीच मां ने दिल्ली कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे यमन जाने की इजाजत दी जाए। ताकि वो अपनी बेटी को बचा सके। अब नर्स की मां की याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के अंदर मां के यमन जाने के फैसले पर विचार किया जाए।

रिपोर्ट के मुताबिक निमिषा करीब 12 साल पहले पति और बच्चों के साथ यमन गई थीं। इसके बाद 2014 में उनके पति और बेटी भारत लौट आए थे। नौकरी की वजह से निमिषा नहीं लौट सकीं थीं।

निमिषा ने 2014 में क्लिनिक खोलने के लिए तलाम अब्दो महदी से संपर्क किया, जो निमिषा के पति का दोस्त था। दोनों ने जाली दस्तावेज़ बनाकर ये क्लिनीक खोला था क्योंकि यमनी कानून के मुताबिक विदेशी नागरिकों को वहां चिकित्सा कंपनियां खोलने का अधिकार नहीं है।

लेकिन कुछ वक्त बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। तलाल ने निमिषा का पासपोर्ट छीनकर अपने पास रख लिया। निमिषा ने जब इसकी शिकायत यमन की अथॉरिटीज से की तो तलाल ने उन्हें बताया कि वह निमिषा का पति है। अथॉरिटीज ने कहा कि यह पति-पत्नी के बीच का मामला है और इसमें दखल देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद महदी ने प्रिया के लिए परेशानी पैदा करना जारी रखा। 25 जुलाई 2017 में, महदी से अपना पासपोर्ट वापस पाने की कोशिश करते समय, प्रिया ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा, जिससे उसकी ओवरडोज़ हो गई और उसकी मृत्यु हो गई।

प्रिया ने अपने सहकर्मी हनान, जो कि एक यमनी नागरिक है, के साथ मिलकर महदी के शरीर को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और उसे पानी की टंकी में फेंक दिया, जिसके कारण 2018 में प्रिया को मौत की सजा हुई और हनान को आजीवन कारावास हुआ। तब से यह मामला चल रहा है।

कथित तौर पर तलाल के परिवार ने निमिषा प्रिया को मामले से मुक्त करने के लिए ब्लड मनी के रूप में 4 करोड़ रुपये की मांगे हैं। सरकार ने कहा कि अंतिम निर्णय अब यमन के राष्ट्रपति पर निर्भर है।

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