पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली बोलीं-शी जिनपिंग के नेतृत्व में आक्रामक हो गया है चीन
वॉशिंगटन। चीन द्वारा एशिया महाद्वीप में की जा रही आक्रमक कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने बड़ा बयान दिया है। निक्की हेली ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन का व्यवहार और आक्रामक तथा परेशान करने वाला है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि चीन का यह रवैया ज्यादा वक्त तक नहीं चल सकता। संयुक्त राष्ट्र में उनके कार्यकाल के दौरान चीन शांत और रणनीतिक था।

भारतीय-अमेरिकी हेली ने 'फॉक्स न्यूज' को दिए इंटरव्यू में कहा कि, राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुआई में चीन ज्यादा दबदबा और धौंस दिखाने लगा है। उसने दूसरे देशों पर उंगलियां उठानी शुरू कर दी है। जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद यूएन में भी चीन का रुख आक्रामक हुआ। अब वह लीडरशिप रोल हासिल करने की कोशिशों में जुट गया। हेली ने कहा, यूएन में मेरे काम करने के समय के दौरान चीन काफी शांत रहा।
उन्होंने कहा कि, चीनी यह सुनिश्चित करते थे कि कुछ निश्चित क्षेत्रों में उन्हें जगह मिले और अपने कामों को वे गुपचुप तरीके से अंजाम देने की कोशिश करते थे। उन्होंने कहा कि कोई भी देश जो अपने लोगों को आजादी से नहीं जीने देता, ऐसा ज्यादा दिनों तक नहीं कर सकता। एक ऐसा समय आएगा जब लोग विद्रोह शुरू कर देंगे, जैसा कि अभी हॉन्गकॉन्ग में हो रहा है। चीन उसे दबाने की कोशिश कर रहा है। चीन ऐसा ही दबाव ताइवान, दक्षिण चीन सागर से सटे देशों और भारत पर भी बना सकता है।
हेली ने आरोप लगाया, फिर जैसे ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद को एक तरह से राजा घोषित किया, वे बहुत ही आक्रामक हो गए और परेशान करने लगे। उन्होंने देशों पर दबाव सा बनाते हुए सीधे-सीधे अपने पक्ष में मतदान करने को कहना शुरू कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में पद और नेतृत्व की भूमिकाओं की मांग करते हुए उन्होंने अपना रूख आक्रामक कर लिया और सभी को नीचा दिखाने लगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका को चीन को यह बताने की जरूरत है कि हमारी सेना पूरी तरह तैयार है, लिहाजा वो हमसे उलझने की कोशिश न करे। अमेरिकी कंपनियों को भी यह समझना होगा कि चीन में बिजनेस करने पर उन्हें वहां की मिलिट्री के साथ काम करना होगा।












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