निज्जर हत्याकांड पर फंस गया कनाडा.. फाइज आइज के अहम सदस्य देश ने कहा- भारत के खिलाफ कहां हैं सबूत?
New Zealand on Nijjar killing: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल आरोप लगाए थे, कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की पिछले साल 5 जून को हुई हत्या में भारत सरकार के हाथ हैं।
जस्टिन ट्रूडो के आरोपों ने भारत और कनाडा के संबंधो को काफी खराब कर दिया है और दोनों देशों ने एक दूसरे के कई डिप्लोमेट्स को देश से बाहर निकाल दिया। लेकिन, जस्टिन ट्रूडो अब अपने ही जाल में फंसने लगे हैं और फाइज आइज के सदस्य देशों ने भी कहना शुरू कर दिया है, कि भारत के खिलाफ एक भी सबूत पेश नहीं किए गये हैं।

फाइव आइज में उठने लगे सवाल
न्यूजीलैंड के उप प्रधान मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कनाडा स्थित खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में "संभावित" भारतीय लिंक पर सबूतों की कमी पर सवाल उठाया है।
आपको बता दें, कि न्यूजीलैंड, फाइव-आइज खुफिया गठबंधन के सदस्यों में से एक है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। समझा जाता है, कि कनाडा ने निज्जर हत्याकांड से जुड़ी खुफिया जानकारी अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ साझा की है। लेकिन, न्यूजीलैंड के उप-प्रधानमंत्री के बयान के बाद जस्टिन ट्रूडो बुरी तरह से घिरते नजर आ रहे हैं।
न्यूजीलैंड के उप प्रधान मंत्री विंस्टन पीटर्स, जो अभी भारत की यात्रा पर हैं, उन्होंने पिछले साल नवंबर में न्यूजीलैंड में वामपंथी झुकाव वाली लेबर पार्टी को हराकर दक्षिणपंथी पार्टियों के सत्ता में आने के बाद, देश के उप प्रधान मंत्री बने। वह अपने देश के विदेश मंत्री भी हैं।
मंगलवार को उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें जब पीटर्स से पूछा गया, कि क्या कनाडा ने निज्जर मामले पर जानकारी साझा की है, और क्या न्यूजीलैंड ने भारत को अपनी स्थिति बताई है, तो उन्होंने कहा, "उस वक्त हमारी पुरानी सरकार इस मामले को हैंडल कर रही थी, लेकिन देखिए, जब आप फाइव आइज से मिली जानकारियों को सुन रहे होते हैं, तो आप कहते कुछ नहीं हैं, सिर्फ सुनते हैं। आप नहीं जानते, कि उन जानकारियों की वैल्यू कितनी है, या वो जानकारी कितनी कीमती है, या फिर उसकी क्वालिटी क्या है, लेकिन उन जानकारियों को लेकर आप खुश होते हैं। लेकिन, आप नहीं जानते, कि उन जानकारियों में सच्चाई कितनी है, क्या उन जानकारियों में पर्याप्त भौतिक मूल्य होगा या नहीं, लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी जो मायने रखती है... इसे मुख्य रूप से पिछली सरकार द्वारा नियंत्रित किया गया था।"
उन्होंने आगे कहा, कि "एक प्रशिक्षित वकील के तौर पर मैं पूछता हूं, कि आखिर सबूत कहां हैं? केस कहां है? अभी तक जो जांच की गई है, वो कहां है? लेकिन, अभी तक हमारे पास ऐसा कुछ भी नहीं है।"

यह पहली बार है कि फाइव-आइज पार्टनर ने कनाडा के आरोपों पर सवाल उठाया है।
पिछले साल सितंबर में, ट्रूडो ने आरोप लगाया था, कि पिछले साल जून में की गई निज्जर हत्याकांड को लेकर कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां भारत सरकार के एजेंटों और हत्या के बीच "संभावित" संबंध के बारे में "विश्वसनीय आरोपों" की जांच कर रही हैं। भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को "बेतुका" और "प्रेरित" बताकर खारिज कर दिया था।
वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री पीटर्स काफी अनुभवी राजनेता है और उनके पास करीब 40 सालों का तजुर्बा है। मंगलवार को उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की है।
न्यूजीलैंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है भारत?
न्यूजीलैंड और भारत के बीच काफी अच्छे संबंध रहे हैं और इसके पीछे कई ऐतिहासिक वजहें भी रही हैं। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री ने कहा, कि "हमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ जुड़े होने पर बहुत गर्व है... यह राष्ट्रमंडल का भी सदस्य है... हमारा मानना है, कि हमें अपने सभी राष्ट्रमंडल देशों, अपने सभी पुराने मित्रों के साथ बहुत करीब रहने की जरूरत है। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, हमें ऐसे क्षेत्र तलाशने होंगे, जहां हम मिलकर काम कर सकें।"
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री ने कहा, कि "भारत एक संपन्न लोकतंत्र है, यहां शीघ्र ही चुनाव होने हैं। इसकी अर्थव्यवस्था अगले 10 वर्षों के भीतर काफी बेहतर अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। और हमारा मानना है, कि भारत के साथ हमारे लंबे, सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं... हमारे पास यहां देने के लिए बहुत कुछ है। शिक्षा और आईटी जैसे क्षेत्र और अन्य चीजें जिन पर हम काम कर सकते हैं।"












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