सलमान भी नहीं बचा पाये महिंदा राजपक्षे की हार
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। आज श्रीलंका के ही नहीं बल्कि अपने देश के बहुत से तमिल खुश होंगे क्योंकि श्रीलंका के चुनाव में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को जनता ने नकार दिया है। हालांकि उनके पक्ष में अपने सलमान खान भी कैंपेन करने गए थे।

अब राष्ट्रपति बन सकते हैं 63 साल के मैथरिपाला सिरीसेना। राजपक्षे ने आज अपनी हार मान ली। इस तरह श्रीलंका में उनके करीब दस साल के शासन का अंत हो गया। उन पर अपने देश के तमिलों के साथ घोर अन्याय और अपराध करने के आरोप लगते रहे।
तमिल राजनीति को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार के. नाराय़णन कहते हैं कि तमिलों का राजपक्षे के हार के चलते खुश होना स्वाभाविक है। उन्होंने मानवाधिकारों की परवाह किए बगैर तमिलों का कत्लेआम किया।
सिरीसेना कुछ समय पहले तक महिंदा राजपक्षे की सरकार में हेल्थ मिनिस्टर थे। उन्होंने बीती 21 नवंबर को राजपक्षे से नाता तोड़कर विपक्ष के राष्ट्रपति पद के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
वे दूसरे विश्व युद्ध के योद्दा के पुत्र हैं। उन पर तमिल छापामारों ने 9 अक्तूबर, 2008 को जानलेवा हमला किया था। जिसमें वे बाल-बाल बचे थे।
सिरिसेना को 1971 में दो साल की कैद हुई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने सरकार का तख्ता पलटने में शामिल लोगों के सात थे। तब वे मात्र 20 साल के थे।
उनकी श्रीलंका के ग्रामीण क्षेत्रों में जबरदस्त पैठ है। वे सिगरेट और शराब का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने अपनी चुनावी कैंपेन के दौरान जनता से वादा किया था कि वे देश में फिर से संसदीय लोकतंत्र की बहाली करेंगे। उन्होंने नौकरशाही, न्यायपालिका और पुलिस को स्वतंत्र संस्थानों के रूप में विकसित करने का भी वादा किया था।
वे पहली बार 1989 में संसद के लिए चुने गए। वे कुमारतुंगा की सरकार में भी मंत्री रहे। वे 2005 में कृषि मंत्री भी रहे। उनका विवाह जयंती पुष्पा कुमार से हुआ है। उनके तीन बच्चे हैं। वे श्रीलंका फ्रीडम पार्टी में भी रहे।












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