नई सरकार के गठन के बाद कैसा है Nepal का हाल? 7 राज्यों में कर्फ्यू, प्रदर्शन की क्या है स्थिति?
Nepal Curfew: नेपाल की राजनीति में बड़ा मोड़ आ चुका है। सुशीला कार्की (Nepal New Pm Sushila Karki) ने पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर अंतरिम सरकार की कमान संभाल ली है। यह बदलाव उस भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बाद आया है, जब सड़कों पर फैले विरोध प्रदर्शनों और युवाओं के गुस्से ने केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
हालांकि नई सरकार बन चुकी है, लेकिन सवाल अब भी वही है, क्या हालात सामान्य हो पाए हैं? क्या प्रदर्शन थमे हैं या अभी भी सड़कों पर भीड़ है? और कर्फ्यू की स्थिति आखिर कैसी है? यही जानेंगे इस रिपोर्ट में।

काठमांडू की स्थिति: धीरे-धीरे लौट रही सामान्यता
नेपाल की राजधानी काठमांडू हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसक प्रदर्शनों से सबसे ज्यादा प्रभावित रही। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे और अंतरिम सरकार के गठन के बाद हालात धीरे-धीरे सुधरते नजर आ रहे हैं। सेना और पुलिस की कड़ी तैनाती के चलते अब शहर की सड़कों पर शांति लौटने लगी है।
कर्फ्यू और निषेधाज्ञा में ढील
सेना द्वारा लगाया गया कर्फ्यू और निषेधाज्ञा आज सुबह 5 बजे से हटा लिया गया है। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेना और पुलिस बल अभी भी जगह-जगह तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक निगरानी और सख्ती जारी रहेगी ताकि उपद्रव की कोई नई घटना न हो।
यातायात और बाजार
सड़कों पर वाहन आवाजाही सामान्य हो रही है और धीरे-धीरे बाजारों में भी रौनक लौट रही है। सार्वजनिक परिवहन सेवा, जो कि लंबे समय तक बंद रही, अब फिर से पटरी पर लौटने लगी है। बसें और टैक्सियां संचालन में हैं, जिससे लोगों को राहत मिली है।
आम जनजीवन
लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल अब भी बना हुआ है, लेकिन स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है। स्थानीय निवासी मानते हैं कि नई प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में हालात सुधर सकते हैं।
पोखरा में सामान्य जीवन लौट रहा
देश के दूसरे बड़े शहर पोखरा में भी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सुबह से यातायात में बढ़ोतरी हुई है और बाजारों में खरीदारों की संख्या बढ़ रही है। पूरे गंडकी प्रदेश में हालाक सामान्य हो रहे हैं। कास्की की चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर रुद्रादेवी ने नेपाली मीडिया से बात करते हुए बताया कि, सुबह के समय यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई है। हालांकि, रात का कर्फ्यू अब भी लागू है। उन्होंने कहा कि हालात को देखकर दोपहर तक आगे के कदमों पर फैसला लिया जाएगा।
मधेश प्रदेश में स्थिति: सुरक्षा और कर्फ्यू के बीच सामान्य जीवन
मधेश प्रदेश में हाल के राजनीतिक प्रदर्शनों और हिंसा के बाद (Gen Z Protest Nepal) सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। रौतहट जिले सहित कई क्षेत्रों में निषेधाज्ञा और कर्फ्यू लागू है। रौतहट में सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक निषेधाज्ञा और शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू है। केवल आवश्यक गतिविधियों के लिए सीमित आवाजाही की अनुमति दी गई है।
सुरक्षा कारणों से जुलूस, बैठकें, प्रदर्शन और पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध है, और किसी भी स्थान पर 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। प्रशासन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और उपद्रव को रोकना है।
हालांकि आम जनजीवन पूरी तरह ठप नहीं हुआ है। स्थानीय लोग आवश्यक कामों के लिए आवाजाही कर रहे हैं और बाजार भी कुछ हद तक खुले हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति का आकलन करके आने वाले दिनों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा में ढील या सख्ती की जा सकती है।
बागमती प्रदेश में स्थिति: सामान्य जीवन की वापसी
बागमती प्रदेश में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। नई सरकार के गठन के बाद लगाए गए कर्फ्यू और निषेधाज्ञा हटा दिए गए हैं, जिससे अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों और व्यवसायों में लौट चुके हैं। युवा और आम नागरिकों के चेहरों पर राहत और खुशहाली साफ़ नजर आ रही है। कर्फ्यू हटने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
सुदूर पश्चिमी राज्य की क्या है स्थिति?
सुदूर पश्चिमी राज्य के झापा और धनगढी में हाल ही में जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के बाद अब सामान्य जीवन लौटने लगा है। झापा जिले में मंगलवार की रात से नेपाली सेना सहित सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद इलाके में शांति और सुरक्षा कायम होने लगी है।
मुख्य जिला अधिकारी गोपाल कुमार अधिकारी ने बताया कि अरिदमन बटालियन चाराली से तैनात नेपाली सेना की गश्तों के कारण झापा में दैनिक जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के मुख्य स्थानों, विशेषकर जिला मुख्यालय चंद्रगढी में गश्त कर रहे सैनिक अनावश्यक घूम रहे लोगों को वापस भेज रहे हैं। आपातकालीन सेवाओं में लगे लोगों को पहचान और पूछताछ के आधार पर आवाजाही की अनुमति दी गई है।
करनाली और कोसी में भी लौट रही रौनक
इसके अलावा, करनाली और कोसी प्रदेश में भी हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। कर्फ्यू और निषेधाज्ञा हटने के बाद लोगों ने अपने दैनिक कामकाज और व्यवसायों में वापसी शुरू कर दी है। बाजारों में रौनक लौट रही है, सड़कें फिर से यातायात के लिए खुल गई हैं और स्थानीय निवासी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की सतर्क निगरानी के चलते कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है, जिससे आम जनता में भरोसा और राहत का माहौल बना हुआ है। ऐसे में करनाली और कोसी दोनों प्रदेशों में जीवन धीरे-धीरे पूर्ववत सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।












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