'भूकंप' से हिल उठा मंगल ग्रह, नासा ने जारी किया डरा देने वाला ये ऑडियो
Recommended Video
नई दिल्ली। नासा द्वारा मंगल ग्रह पर भेजे गए रोबोटिक लैंडर 'इनसाइट' ने पहली बार मंगल ग्रह पर भूकंप (मार्सक्वेक) की घटना को डिटेक्ट किया है। नासा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, लैंडर पर लगे भूकंपमापी यंत्र 'साइस्मिक एक्सपेरिमेंट फॉर इंटीरियर स्ट्रक्चर' (एसईआईएस) ने 6 अप्रैल को मंगल पर कमजोर भूकंपीय संकेतों का पता लगाया था। इस तरह का कंपन पहली बार दर्ज किया है। ऐसा माना जा रहा है कि, यह हलचल ग्रह के अंदर से हुई थी। हालांकि वैज्ञानिक इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रह के भीतर से भूकंपीय संकेत मिले
छह अप्रैल को मंगल पर जब भूकंप आया था उस दिन रोबोटिक लैंडर 'इनसाइट' का ग्रह पर 128वां दिन था। नासा ने एक बयान में कहा कि शायद ग्रह के भीतर से भूकंपीय संकेत मिले हैं और ऐसा पहली बार हुआ है। इससे पहले सतह के ऊपर के वायु जैसे कारकों के कारण भूकंपीय संकेत मिलते थे। संकेत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक अब भी डेटा की जांच कर रहे हैं। वैज्ञानिक ने इस कंपन को 'मार्सक्वेक' नाम दिया है।
'इनसाइट' पिछले साल नंबवर में मंगल ग्रह पर उतरा था
पृथ्वी की तरह मार्स पर आए इस भूकंप से ग्रह की अंदरूनी जानकारी का खुलासा किया जा सकता है। 'इनसाइट' पिछले साल नंबवर में मंगल ग्रह पर उतरा था। इस रोबोट को विशेष रूप से मंगल ग्रह के अध्ययन के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ग्रह के तापमान, रोटेशन और भूकंपीय गतिविधि के माप लेने के लिए कई उपकरणों से लैस है। अमेरिका में नासा की जेट प्रपल्शन लैबरटरी में इनसाइट प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर ब्रूस बैनर्डट ने कहा, इनसाइट से मिली पहली जानकारियां नासा के अपोलो मिशन से शुरू हुए विज्ञान को आगे बढ़ाती हैं।

मंगल ग्रह अभी भी भूकंपीय रूप से सक्रिय
उन्होंने कहा, इस घटनाक्रम ने मंगल पर भूकंप विज्ञान के आधिकारिक रूप से एक नया क्षेत्र खोल दिया है। इस पूरे मिशन को देख रही टीम के प्रमुख फिलीप लोगनोन का कहना है कि, हम इस तरह के एक संकेत के लिए महीनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमने अंततः यह सिद्ध कर दिया है कि, मंगल ग्रह अभी भी भूकंपीय रूप से सक्रिय है। एक बार हमें उनका विश्लेषण करने का मौका मिलने के बाद हम विस्तृत परिणाम आपके साथ साझा कर पाएंगे।
फोटो साभार: नासा












Click it and Unblock the Notifications