म्यांमार: तख्तापलट के बाद पहली बार सैकड़ों लोगों की रिहाई, क्या नरम हुआ सेना का रुख ?

यंगून। म्यांमार की सेना ने तख्तापलट के बाद गिरफ्तार किए गए सैकड़ों लोगों को छोड़ा है। पिछले महीने हुए तख्तापलट के बाद ये पहली बार है जब सैन्य शासन ने गिरफ्तार लोगों को छोड़ा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिछले महीने गिरफ्तार किए गए सैकड़ों लोगों को सेना ने रिहा किया है।

628 लोगों के रिहा होने की जानकारी

628 लोगों के रिहा होने की जानकारी

म्यांमार के सरकारी टीवी पर बताया गया है कि 628 लोगों को रिहा किया गया है। इस दौरान यंगून की इनसिन जेल से कई बसों को बाहर जाते देखा गया। गिरफ्तार लोगों को इन बसों में बैठाकर बाहर ले जाया गया।

म्यांमार के एक मीडिया हाउस के मुताबिक जिन लोगों को रिहा किया गया है उनमें अधिकांश छात्र हैं जो जेलों और पुलिस थानों में बंद थे। रिहा होने वाले लोगों में पत्रकार भी शामिल हैं।

सैन्य शासन के इस कदम को प्रदर्शनकारियों के साथ उसके रुख में नरमी की तरह देखा जा रहा है। हालांकि इसे रुख में बदलाव कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि मंगलवार को ही गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। हां सैन्य शासन पर दबाव है। पश्चिमी देशों, खासतौर पर यूरोपीय यूनियन ने कई प्रतिबंध लगाने के बाद म्यांमार में शासन संभाल रही सेना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

म्यांमार में पिछले महीने एक फरवरी को सेना ने चुनी हुई सरकार का तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की नेता आन सांग सू की को भी गिरफ्तार कर लिया गया था जो अभी भी कैद में हैं। सू की पर सरकार में रहते हुए विदेशों से जासूसी उपकरण और सोना लेने जैसे गम्भीर आरोप लगाए गए थे। इसके पहले हुए चुनावों में आंग सांग सू की की पार्टी ने भारी बहुमत प्राप्त किया था लेकिन सेना ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर इसे हटा दिया था।

दूसरी बार टाली गई सू की की सुनवाई

दूसरी बार टाली गई सू की की सुनवाई

सत्ता से बेदखल की गई नेता आंग सांग सू की के वकील ने कहा है कि उनकी सुनवाई एक अप्रैल तक के लिए टाल दी गई है। यह दूसरी बार है जब सी की की सुनवाई कोर्ट ने टाली है।

गिरफ्तार होने वाले लोगों में शामिल एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकार, फोटोग्राफर थिएन जा ने अपने परिवार को बताया कि उन्हें भी रिहा किया जा रहा है। थिएन उन 9 पत्रकारों में हैं जिन्हें 27 फरवरी को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। थिएन पर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का आरोप लगाया गया था।

फरवरी में तख्तापलट के बाद से अभी तक सैन्य शासन ने 40 पत्रकारों को हिरासत में लिया है।

थिएन जा ने समाचार एजेंसी को फोन पर बताया कि केस की सुनवाई कर रहे जज ने उन पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया क्योंकि वह गिरफ्तारी के समय अपना काम (कवरेज) कर रहे थे। उन्होंने तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के बलप्रयोग की तस्वीरें ली थीं।

मंगलवार को गोली से मारे गए 5 प्रदर्शनकारी

मंगलवार को गोली से मारे गए 5 प्रदर्शनकारी

हालांकि म्यांमार में तख्तापलट के बाद से खबरों का स्वतंत्र रूप से आना बहुत मुश्किल हो गया है लेकिन जानकारी के मुताबिक अभी तक कम से कम 2000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। म्यांमार में सक्रिय एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने ये जानकारी दी है।

देश में तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सैन्य बलों की हिंसा जारी है। मंगलवार को मांडले में कम से कम 5 प्रदर्शनकारी गोली से मारे गए। मरने वालों में एक 7 साल की बच्ची भी शामिल है। म्यांमार नाउ ने ये खबर दी है।

देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को तोड़ने के लिए सैन्य बल लगातार बल प्रयोग कर रहे हैं लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं। सैन्य बलों की अब तक की हिंसा में कम से कम 275 लोगों की मौत हो गई है।

सोमवार को यूरोपीय यूनियन के विदेश मंत्री म्यांमार के सेना प्रमुख समेत तख्तापलट में शामिल 11 लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन सभी पर म्यांमार में लोकतंत्र और कानून के शासन को कमजोर करने का आरोप है।

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