Myanmar में 'खूनी' रविवार को फिर भड़की हिंसा, अलग-अलग शहरों में 7 की मौत
रंगून: म्यांमार में चल रहे प्रदर्शनों का सबसे खून भरा दिन रविवार रहा। पुलिस ने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी की। इस फायरिंग में सात लोगों के मारे जाने की खबर है और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। म्यांमार तब से अशांति के माहौल में है जब से सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। साथ ही निर्वाचित सरकार की नेता आंग सान सू और उनकी पार्टी के अधिकांश नेताओं को 1 फरवरी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद से ही लोकप्रिय नेता की रिहाई के लिए लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था।

रविवार को सबसे बड़े शहर रंगून के अलग-अलग हिस्सों में आग लगा दी गई, जिसके बाद भीड़ को भगाने में नाकाम होने पर पुलिस ने ग्रेनेड, आंसू गैस और हवा में फायरिंग की। इस दौरान सीने में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा पुलिस ने दक्षिण में दाएवी में भी गोलियां चलाईं, जिसमें तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए। म्यांमार नाउ के मुताबित दूसरे शहर मांडले में एक विरोध प्रदर्शन में दो लोग मारे गए। हालांकि म्यांमार की सैन्य सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
इसके अलावा म्यांमार पुलिस ने रंगून के एक मेडिकल स्कूल के बाहर हथगोले फेंके। व्हाइटकोएट एलायंस ऑफ मेडिक्स ने बताया कि मेडिकल के छात्र सड़कों पर मार्च निकाल रहे थे। 50 से अधिक चिकित्सा कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने देशव्यापी कार्रवाई शुरू की दी है। एमआरटीवी टेलीविजन ने कहा कि शनिवार को 470 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया की रविवार को कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है।
UN में भारत ने उठाया मुद्दा
म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की घटना पर भारत सरकार ने नजर बना रखी है। यूनाइटेड नेशंस की बैठक में भारत ने म्यांमार पर अपना बयान देते हुए कहा कि म्यांमार में लोकतांत्रिक मूल्य जल्द से जल्द बहाल होने चाहिए और सभी नेताओं को आजाद करना चाहिए। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार के लोगों का समर्थन करने की अपील की है।












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