Myanmar: भूकंप से हाहाकार के बीच म्यांमार में फिर कांपी धरती, 5.1 रही तीव्रता, कल से अब तक तीन बार लगे झटके
Myanmar Earthquake: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच शनिवार 29 मार्च को एक बार फिर म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है और इसका केंद्र राजधानी नेपीडॉ के पास बताया जा रहा है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, म्यांमार में शनिवार को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई है। वहीं, आज दोपहर 2.50 बजे भी म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के इन झटकों रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.7 मापी गई है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।

मगर, प्रशासन सतर्क हो गया है और हालात पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि म्यांमार में शुक्रवार 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप से मरने वाली की संख्या शनिवार तक 1000 का आंकड़ा पार गई है। वहीं, 2 हजार से ज्यादा लोग घायल है और कई लोग अभी तक लापता बताए जा रहे है।
सरकार का कहना है कि विस्तृत आंकड़े अभी भी एकत्र किए जा रहे हैं। खबर के मुताबिक, शुक्रवार को आए इस भूकंप ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई है। आलम यह है कि कई इलाकों में इमारतें-पुल ढह गए और सड़कें तक उखड़े गईं। दूर-दूर तक केवल इमारतों का मलबा, अफरा-तफरी का माहौल और चीख-पुकार करते लोग ही नजर आ रहे है।
बता दें कि भूकंप के झटकों से देखते ही देखते कई गगनचुंबी इमारत धराशायी हो गईं। भूकंप से इमारतें, बौद्ध स्तूप, सड़कें और पुल बुरी तरह नष्ट हो गए। वहीं, इस भूकंप से थाईलैंड के बैंकॉक को भी हिलाकर रख दिया। इस बीच, भारत ने इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सीनिय जनरल एच.ई. मिन आंग से बातचीत की है। साथ ही कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कल म्यांमार में भीषण भूकंप आया। जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज हमने ऑपरेशन ब्रह्मा लॉन्च किया। ब्रह्मा सृजन के देवता हैं, ऐसे समय में जब हम म्यांमार सरकार और म्यांमार के लोगों को तबाही के बाद अपने देश के पुनर्निर्माण में मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। ऑपरेशन के इस विशेष नाम का एक विशेष अर्थ है। 15 टन राहत सामग्री लेकर पहला विमान हिंडन एयरफोर्स बेस से सुबह करीब 3 बजे उड़ा।
यह सुबह करीब 8 बजे भारतीय समयानुसार यांगून पहुंचा। हमारे राजदूत राहत सामग्री लेने के लिए वहां गए थे और उसके बाद उन्होंने इसे यांगून के मुख्यमंत्री को सौंप दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है। जब चक्रवात यागी ने म्यांमार पर हमला किया था, उस समय भी भारत साथ खड़ा था।
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