Explained: ISIS-K इस्लामिक आतंकवादी संगठन क्या है.. रूस पर भीषण आतंकी हमले का क्या है मकसद?
ISIS-K Attacked Moscow Concert Theatre: रूस के क्रोकस सिटी हाल में भारी संख्या में लोग जुटे थे, जो गीत संगीत का आनंद ले रहे थे। लेकिन तभी सादे कपड़ों में कम से कम पांच आतंकवादी हॉल के अदर घुस जाते हैं और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर देते है।
ये आतंकवादी लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करते रहते हैं और गोलियों की चपेट में आकर एक के बाद एक लोग मरते रहते हैं। कॉन्सर्ट से जो अब तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो खौफनाक है और समाचार एजेसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा है, कि कॉन्सर्ट में घातक गोलीबारी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट-के ने ली है।

आखिर इस्लामिक स्टेट-के क्या है, इसने रूस पर भीषण हमला क्यों किया है... आइये जानते हैं।
क्या है इस्लामिक स्टेट-के?
इस्लामिक स्टेट-के का मतलब इस्लामिक स्टेट का अफगानिस्तान शाखा है। इसका पूरा नाम इस्लामिक स्टेट खुरासान (आईएसआईएस-के) और ये नाम उस क्षेत्र के लिए पुराने शब्द पर रखा गया है जिसमें ईरान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्से शामिल हैं। ये आतंकवादी संगठन 2014 के अंत में पूर्वी अफगानिस्तान में उभरा और तेजी से अत्यधिक क्रूरता के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात हो गया।
ये संगठन अत्यधिक क्रूर इस्लामिक शासन की स्थापना पूरी दुनिया में करना चाहता है और इसका मकसद दुनिया से बाकी सभी धर्मो को खत्म कर देना है। हालांकि, साल 2018 के बाद तालिबान और अमेरिकी सेना से लगातार उलझने के बाद इसकी ताकत काफी कम होती चली गई और कई सदस्यों ने संगठन को छोड़ दिया, लेकिन अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिको के निकलने के बाद ये संगठन फिर से ताकतवर होने लगा है।
वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है, कि 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से अफगानिस्तान में आईएसआईएस-के जैसे चरमपंथी समूहों के खिलाफ खुफिया जानकारी विकसित करने की उसकी क्षमता कम हो गई है।
क्रूर हमलों के लिए कुख्यात है ISIS-K
आईएसआईएस-के का अफगानिस्तान के अंदर और बाहर मस्जिदों सहित हमलों का इतिहास रहा है। ये एक सुन्नी संगठन है, जो लगातार शिया मुस्लिमों के मस्जिदों को निशाना बनाता है और भीषण हमले करता है।
इस साल की शुरुआत में, इस समूह ने ईरान में लगातार दो बम विस्फोट किए थे, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। सितंबर 2022 में, ISIS-K आतंकवादियों ने काबुल में रूसी दूतावास पर एक घातक आत्मघाती बम विस्फोट की भी जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा, ये 2021 में काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें भी 100 से ज्यादा लोग मारे गये थे।
इस महीने की शुरुआत में, मध्य पूर्व में शीर्ष अमेरिकी जनरल ने कहा था, कि आईएसआईएस-के अफगानिस्तान के बाहर अमेरिकी और पश्चिमी ठिकानो पर "कम से कम छह महीने में और बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकता है।"
ISIS-K ने रूस पर क्यों किया हमला?
शुक्रवार देर शाम ISIS-K ने रूस पर भीषण हमला किया है और 70 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी है और इस हमले ने एक बार फिर से पूरी दुनिया को आईएसआईएस-के के खतरों को लेकर अलर्ट कर दिया है। विशेषज्ञों ने कहा है, कि समूह ने हाल के वर्षों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विरोध किया है।
वाशिंगटन स्थित रिसर्च सेंटर सौफान सेंटर के कॉलिन क्लार्क ने कहा, कि "आईएसआईएस-के पिछले दो वर्षों से रूस पर केंद्रित है और अपने प्रचार में अक्सर पुतिन की आलोचना करता रहता है।"
वाशिंगटन स्थित विल्सन सेंटर के माइकल कुगेलमैन ने कहा, कि आईएसआईएस-के "रूस को उन गतिविधियों में भागीदार के रूप में देखता है, जो नियमित रूप से मुसलमानों पर अत्याचार करते हैं।" उन्होंने कहा कि समूह में कई मध्य एशियाई उग्रवादी भी शामिल हैं जिनकी मास्को के खिलाफ अपनी शिकायतें हैं।












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