किनारे पर फंसी सैकड़ों व्हेल्स को मरने से नहीं बचा पाया आस्ट्रेलिया, शुरू किया हटाने का काम
तस्मानिया। आस्ट्रेलिया (Australia) के तस्मानिया राज्य में किनारे पर आकरी फंसी सैकड़ों पायलट व्हेल्स की मौत हो गई है। तस्मानिया प्रशासन ने कहा है अब तक किनारे पर फंसी108 पॉयलट व्हेल्स को बचाकर गहरे पानी में पहुंचाया गया है। अब बची व्लेल्स के बचने की उम्मीद खत्म हो गई है। ऐसे में आस्ट्रेलिया के वन्य जीव अधिकारियों ने इन व्हेल्स की डेड बॉडीज को किनारे से हटाने का काम शुरू किया गया है।

बता दें कि सोमवार को तस्मानिया के मेक्वेरी हॉर्बर के छिछले पानी में सैंकड़ों व्हेल आकर फंस गई थीं। शुरू में अधिकारियों को लगा था कि इनकी संख्या 70 के करीब है लेकिन जब बाद में नजदीक से देखा गया तो इनमें 470 पायलट व्हेल्स थीं। कई दिन तक चले अभियान के बाद तस्मानिया प्रशासन ने कहा था कि उन्हें 108 पायलट व्हेलों को बचाने में सफलता मिली है। बाकी व्हलों के अब जिंदा होने की उम्मीद नहीं बची है।
अब तक 15 मृत व्हेलों को समुद्र में डिस्पोज कर दिया गया है। माना जा रहा है कि बाकी की 350 व्हेल को डिस्पोज करने में कई दिन का वक्त लग सकता है। मृत व्हेलों को शवों को समूहों में अलग किया जा रहा है। इसके बाद शार्क और अन्य शिकारियों से दूर रखने के लिए उन्हें गहरे पानी में ले जाकर छोड़ा जा रहा है।
छिछले पानी में फंस गईं थी व्हेल
ये व्हेल छिछले पानी में आकर फंस गई थीं जिनमें कुछ ही गहरे पानी में जाने में कामयाब हो पाई थीं। पायलट व्हेल महासागरीय डॉल्फिन की एक प्रजाति होती हैं जो कि 7 मीटर (23 फीट) तक लंबे और 3 टन तक वजन की हो सकती हैं।
पायलट व्हेल के समुद्र तट पर फंसे होने की घटना तस्मानिया के तट पर कोई असामान्य नहीं है। आमतौर पर हर दो या तीन हफ्तों में एक-दो पायलट व्हेल या डॉल्फिन फंस जाती है। समस्या तब होती है जब बड़ी संख्या में ये समुद्री जीव छिछले पानी में आ जाते हैं। इतने बड़े समूह में व्हेल के फंसने की घटना करीब 10 साल बाद हुई है। इसके पहले 2009 में ऐसी घटना हुई थी। वहीं 2018 में न्यूजीलैण्ड के तट पर फंसकर करीब 100 पायलट व्हेल की मौत हो गई थी।












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